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भगवान वामन ने हिंडोले पर किया जलविहार
अंबाला
Updated Tue, 17 Sep 2013 12:36 AM IST
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हरियाणा के जिले अंबाला में तीन दिवसीय वामन द्वादशी मेले के तीसरे दिन शहर में निकली शोभायात्रा के बाद सोमवार देर रात भगवान को नौरंगराय तालाब में हिंडोले में जलविहार कराया गया।
इसके बाद पांचों हिंडोलों को शहर के चार प्राचीन मंदिरों में स्थापित कर मध्य रात्रि मेले का समापन कर दिया गया। इस नजारे को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग तालाब पर जुट रहे और भगवान वामन के जयकारे लगाते रहे।
सोमवार को सुबह से ही अनाज मंडी में लगे विशाल पंडाल में भगवान वामन के दर्शनों के लिए भक्तों की जबरदस्त भीड़ उमड़ी रही।
आलम यह था कि भगवान के हिंडोलों में विराजमान रूप के दर्शन के लिए भक्तों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। दोपहर तक यही दौर चलता रहा और कीर्तन भी जारी रहा। दोपहर बाद पंडाल से नौरंग राय तालाब तक भव्य शोभायात्रा की तैयारी की गई और शोभायात्रा की शुरुआत की गई।
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आयोजक कमेटी के सदस्य बृजलाल सिंगला, रतनलाल अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, रमेश चंद, राजकुमार अग्रवाल, युधिष्ठिर कुमार, आदर्शन अग्रवाल, मुकेश, मोहनलाल अग्रवाल, गुलशन कुमार, दिनेश गोयल ने बताया कि मेले में काफी दूर-दूर से भक्तों ने आकर यहां मेले का आनंद उठाया है और मेले की सफलता के लिए सभी सदस्य व शहरवासी बधाई के पात्र है।
मनोरम झांकियों ने मोहा मन
मेरे मन में बसा है राम.......शिवनाथ तेरी महिमा जग तीन लोक गाए..........जय काली कलकत्ते वाली जय काली.........दमा दम मस्त कलदर भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे।
शोभायात्रा में जहां विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी, वहीं भजनों पर कलाकारों के नृत्य ने समां बांध दिया। पटियाला से आए डांडिया के डायमंड ग्रुप ने अपने प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीत लिया।
वहीं पटियाला के ही सन्नौर से महावीर टिपरी क्लब के टाड़िया व सिर से ट्यूब तोड़ने की कला ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पुलिस की सख्त निगरानी
शहर की पुरानी अनाजमंडी से लेकर नौरगराय तालाब तक पुलिस की सख्त निगरानी रही। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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इसके बाद पांचों हिंडोलों को शहर के चार प्राचीन मंदिरों में स्थापित कर मध्य रात्रि मेले का समापन कर दिया गया। इस नजारे को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग तालाब पर जुट रहे और भगवान वामन के जयकारे लगाते रहे।
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सोमवार को सुबह से ही अनाज मंडी में लगे विशाल पंडाल में भगवान वामन के दर्शनों के लिए भक्तों की जबरदस्त भीड़ उमड़ी रही।
आलम यह था कि भगवान के हिंडोलों में विराजमान रूप के दर्शन के लिए भक्तों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। दोपहर तक यही दौर चलता रहा और कीर्तन भी जारी रहा। दोपहर बाद पंडाल से नौरंग राय तालाब तक भव्य शोभायात्रा की तैयारी की गई और शोभायात्रा की शुरुआत की गई।
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आयोजक कमेटी के सदस्य बृजलाल सिंगला, रतनलाल अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, रमेश चंद, राजकुमार अग्रवाल, युधिष्ठिर कुमार, आदर्शन अग्रवाल, मुकेश, मोहनलाल अग्रवाल, गुलशन कुमार, दिनेश गोयल ने बताया कि मेले में काफी दूर-दूर से भक्तों ने आकर यहां मेले का आनंद उठाया है और मेले की सफलता के लिए सभी सदस्य व शहरवासी बधाई के पात्र है।
मनोरम झांकियों ने मोहा मन
मेरे मन में बसा है राम.......शिवनाथ तेरी महिमा जग तीन लोक गाए..........जय काली कलकत्ते वाली जय काली.........दमा दम मस्त कलदर भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे।
शोभायात्रा में जहां विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी, वहीं भजनों पर कलाकारों के नृत्य ने समां बांध दिया। पटियाला से आए डांडिया के डायमंड ग्रुप ने अपने प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीत लिया।
वहीं पटियाला के ही सन्नौर से महावीर टिपरी क्लब के टाड़िया व सिर से ट्यूब तोड़ने की कला ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पुलिस की सख्त निगरानी
शहर की पुरानी अनाजमंडी से लेकर नौरगराय तालाब तक पुलिस की सख्त निगरानी रही। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।