{"_id":"6248b3f5a23fdc7bf92c1f32","slug":"yellow-claw-walked-in-village-kalyana-s-baazigar-settlement-kurukshetra-kurukshetra-news-knl1037190169","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव कल्याणा की बाजीगर बस्ती में चला पीला पंजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव कल्याणा की बाजीगर बस्ती में चला पीला पंजा
विज्ञापन
रेलवे की ओर से की जा रही कार्रवाई के दौरान एकत्रित भीड़। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। गांव कल्याणा में रेलवे की जमीन पर बसी बाजीगर बस्ती पर विभाग की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई। जीआरपी की मौजूदगी में करीब 30 घरों को ध्वस्त किया गया। बस्ती वासी हाथ जोड़ गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन अधिकारियों ने किसी की न सुनी। देखते ही देखते सब कुछ तहस-नहस कर दिया।
पीले पंजे ने पशुओं के बाड़े और घरों के शौचालयों को भी तोड़ दिया। इसी बीच विधायक रामकरण काला के बेटे सुकरम पाल व प्रभजीत सिंह मौके पर पहुंचे और साथ आए अधिकारी से बातचीत कर जेसीबी को रुकवाया। बस्ती वासी अमरजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, रीना, राजकुमार, सुभाष, चमक, रेखा, मीना देवी ने कहा कि विभाजन के बाद ही उनके बुजुर्ग यहां आकर बसे थे और इस समय यहां पर 500 से अधिक परिवार रह रहे हैं। कुछ दिन पहले रेलवेकी ओर से उन्हें नोटिस देकर यह जगह खाली करने के निर्देश दिए गए थे, जिस पर वह सीएम के सचिव कृष्ण बेदी और उपायुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपा था।
उन्होंने मांग की थी कि उन्हें बेघर न किया जाए और अगर कॉलोनी खाली करवानी है तो रहने के लिए कोई जगह उपलब्ध करवाई जाए और मकान बनाकर दिए जाएं। सीएम के सचिव कृष्ण बेदी ने आश्वासन दिया था कि उन्होंने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री हरियाणा से बात की है और उनका प्रयास रहेगा कि रेलवे की ओर से छह माह तक किसी तरह की कार्रवाई न की जाए।
विज्ञापन
इससे पहले किसी योजना के तहत यहां के बाशिंदों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। बस्ती वासियों ने कहा कि आश्वासन के बावजूद इसके पीला पंजा चलाया गया। बस्ती वासियों का कहना है कि वे कई दशकों से यहां पर रह रहे हैं और मेहनत मजदूरी करके मकान बनाए हैं, लेकिन रेलवे के अधिकारी आनन-फानन में मकानों को गिरा कर उन्हें बेघर कर रहे हैं।
जेसीबी के आगे लेटे बस्ती वासी
सुबह जब जीआरपी जेसीबी लेकर बाजीगर बस्ती में पहुंची तो लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। अपने घरों को बचाने के लिए वे जेसीबी के आगे लेट भी गए, लेकिन पुलिस प्रशासन ने सख्त हिदायत दी कि सरकारी काम में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। इसके बाद जेसीबी ने कार्रवाई शुरू कर दी और करीब 30 मकानों के शौचालयों, पशुओं के बाड़े और कमरों को ध्वस्त किया।
विज्ञापन
शाहाबाद। गांव कल्याणा में रेलवे की जमीन पर बसी बाजीगर बस्ती पर विभाग की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई। जीआरपी की मौजूदगी में करीब 30 घरों को ध्वस्त किया गया। बस्ती वासी हाथ जोड़ गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन अधिकारियों ने किसी की न सुनी। देखते ही देखते सब कुछ तहस-नहस कर दिया।
पीले पंजे ने पशुओं के बाड़े और घरों के शौचालयों को भी तोड़ दिया। इसी बीच विधायक रामकरण काला के बेटे सुकरम पाल व प्रभजीत सिंह मौके पर पहुंचे और साथ आए अधिकारी से बातचीत कर जेसीबी को रुकवाया। बस्ती वासी अमरजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, रीना, राजकुमार, सुभाष, चमक, रेखा, मीना देवी ने कहा कि विभाजन के बाद ही उनके बुजुर्ग यहां आकर बसे थे और इस समय यहां पर 500 से अधिक परिवार रह रहे हैं। कुछ दिन पहले रेलवेकी ओर से उन्हें नोटिस देकर यह जगह खाली करने के निर्देश दिए गए थे, जिस पर वह सीएम के सचिव कृष्ण बेदी और उपायुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपा था।
विज्ञापन
उन्होंने मांग की थी कि उन्हें बेघर न किया जाए और अगर कॉलोनी खाली करवानी है तो रहने के लिए कोई जगह उपलब्ध करवाई जाए और मकान बनाकर दिए जाएं। सीएम के सचिव कृष्ण बेदी ने आश्वासन दिया था कि उन्होंने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री हरियाणा से बात की है और उनका प्रयास रहेगा कि रेलवे की ओर से छह माह तक किसी तरह की कार्रवाई न की जाए।
विज्ञापन
इससे पहले किसी योजना के तहत यहां के बाशिंदों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। बस्ती वासियों ने कहा कि आश्वासन के बावजूद इसके पीला पंजा चलाया गया। बस्ती वासियों का कहना है कि वे कई दशकों से यहां पर रह रहे हैं और मेहनत मजदूरी करके मकान बनाए हैं, लेकिन रेलवे के अधिकारी आनन-फानन में मकानों को गिरा कर उन्हें बेघर कर रहे हैं।
जेसीबी के आगे लेटे बस्ती वासी
सुबह जब जीआरपी जेसीबी लेकर बाजीगर बस्ती में पहुंची तो लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। अपने घरों को बचाने के लिए वे जेसीबी के आगे लेट भी गए, लेकिन पुलिस प्रशासन ने सख्त हिदायत दी कि सरकारी काम में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। इसके बाद जेसीबी ने कार्रवाई शुरू कर दी और करीब 30 मकानों के शौचालयों, पशुओं के बाड़े और कमरों को ध्वस्त किया।

रेलवे की जमीन पर बसी बाजीगर बस्ती में ढहाए गए मकान। संवाद- फोटो : Kurukshetra