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शोभायात्रा के साथ विश्व वैष्णव सम्मेलन का आगाज
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विश्व वैष्णव सम्मेलन के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा में हिस्सा संत। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। श्री व्यास गौड़ीय मठ संस्थान में विश्व वैष्णव सम्मेलन और गौड़ीय मिशन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद का 150वां जन्मोत्सव बुधवार को धूमधाम से शुरू हुआ। तीन दिवसीय समारोह के पहले दिन शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें दूर-दराज से आए संत शामिल हुए। शोभायात्रा में विभिन्न प्रकार की झांकियां एवं संकीर्तन मंडली आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा का शुभारंभ विधायक सुभाष सुधा ने किया।
गौड़ीय मठ से शुरू हुई शोभायात्रा बिरला मंदिर, महाराणा प्रताप चौक से होते हुए शास्त्री बाजार, सीकरी चौक, पुरानी सब्जी मंडी, पुराना बस अड्डा, आंबेडकर चौक से होते हुए वापस गौड़ीय मठ पहुंची। शोभायात्रा के आगे कलश लिए महिलाएं चल रही थीं। इस दौरान शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। संतों के साथ ही शहरवासियों में शोभायात्रा और समारोह को लेकर विशेष उत्साह रहा। अब वीरवार को विशाल संत सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के प्रमुख संत भाग लेंगे।
दोपहर तीन बजे से छह बजे तक उद्घाटन समारोह होगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय शिरकत करेंगे। प्रात: 9 बजे से बृज कला फाउंडेशन (वृंदावन) द्वारा मयूर नृत्य, प्रदीप नृत्य एवं ब्रज की होली आदि कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। 26 अगस्त को सुबह 9 बजे से 12 बजे तक समापन महोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि होंगे। गौड़ीय मिशन के आचार्य श्री श्रीमद् भक्तिसुंदर संन्यासी गोस्वामी महाराज संपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
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विधायक सुभाष सुधा ने बताया कि श्रील प्रभुपाद का दिव्य आविर्भाव छह फरवरी 1874 को श्रीधाम पुरी में नारायण छाता (वर्तमान में श्री चैतन्य गौड़ीय मठ, बडदांड, पुरी के रूप में जाना जाता है) में हुआ था एवं उनका दिव्य धाम के लिए आरोहण एक जनवरी 1937 को बाग बाजार, कोलकाता में हुआ था। गौड़ीय मिशन द्वारा श्रील प्रभुपाद के 150 वें जन्मोत्सव को तीन वर्षों (2022 से 2025 तक मनाया जा रहा है। तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस त्रिवर्षीय समारोह का 20 फरवरी 2022 को श्री जगन्नाथ पुरी में शुभ उद्घाटन किया था। इसी श्रृंखला में द्वितीय कार्यक्रम गौड़ीय मिशन की अन्यतम शाखा श्री व्यास गौड़ीय मठ, ब्रह्मसरोवर कुरुक्षेत्र में 24 अगस्त से 26 अगस्त तक हो रहा है।
उपायुक्त ने लिया तैयारियों का जायजा
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के आगमन से पहले उपायुक्त मुकुल कुमार ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम अदिति, एएसपी कर्ण गोयल, केडीबी सदस्य सौरभ चौधरी, केडीबी सदस्य उपेंद्र सिंघल सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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कुरुक्षेत्र। श्री व्यास गौड़ीय मठ संस्थान में विश्व वैष्णव सम्मेलन और गौड़ीय मिशन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद का 150वां जन्मोत्सव बुधवार को धूमधाम से शुरू हुआ। तीन दिवसीय समारोह के पहले दिन शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें दूर-दराज से आए संत शामिल हुए। शोभायात्रा में विभिन्न प्रकार की झांकियां एवं संकीर्तन मंडली आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा का शुभारंभ विधायक सुभाष सुधा ने किया।
गौड़ीय मठ से शुरू हुई शोभायात्रा बिरला मंदिर, महाराणा प्रताप चौक से होते हुए शास्त्री बाजार, सीकरी चौक, पुरानी सब्जी मंडी, पुराना बस अड्डा, आंबेडकर चौक से होते हुए वापस गौड़ीय मठ पहुंची। शोभायात्रा के आगे कलश लिए महिलाएं चल रही थीं। इस दौरान शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। संतों के साथ ही शहरवासियों में शोभायात्रा और समारोह को लेकर विशेष उत्साह रहा। अब वीरवार को विशाल संत सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के प्रमुख संत भाग लेंगे।
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दोपहर तीन बजे से छह बजे तक उद्घाटन समारोह होगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय शिरकत करेंगे। प्रात: 9 बजे से बृज कला फाउंडेशन (वृंदावन) द्वारा मयूर नृत्य, प्रदीप नृत्य एवं ब्रज की होली आदि कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। 26 अगस्त को सुबह 9 बजे से 12 बजे तक समापन महोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि होंगे। गौड़ीय मिशन के आचार्य श्री श्रीमद् भक्तिसुंदर संन्यासी गोस्वामी महाराज संपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
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विधायक सुभाष सुधा ने बताया कि श्रील प्रभुपाद का दिव्य आविर्भाव छह फरवरी 1874 को श्रीधाम पुरी में नारायण छाता (वर्तमान में श्री चैतन्य गौड़ीय मठ, बडदांड, पुरी के रूप में जाना जाता है) में हुआ था एवं उनका दिव्य धाम के लिए आरोहण एक जनवरी 1937 को बाग बाजार, कोलकाता में हुआ था। गौड़ीय मिशन द्वारा श्रील प्रभुपाद के 150 वें जन्मोत्सव को तीन वर्षों (2022 से 2025 तक मनाया जा रहा है। तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस त्रिवर्षीय समारोह का 20 फरवरी 2022 को श्री जगन्नाथ पुरी में शुभ उद्घाटन किया था। इसी श्रृंखला में द्वितीय कार्यक्रम गौड़ीय मिशन की अन्यतम शाखा श्री व्यास गौड़ीय मठ, ब्रह्मसरोवर कुरुक्षेत्र में 24 अगस्त से 26 अगस्त तक हो रहा है।
उपायुक्त ने लिया तैयारियों का जायजा
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के आगमन से पहले उपायुक्त मुकुल कुमार ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम अदिति, एएसपी कर्ण गोयल, केडीबी सदस्य सौरभ चौधरी, केडीबी सदस्य उपेंद्र सिंघल सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

शोभायात्रा में सिर पर कलश धारण कर हिस्सा लेतीं महिलाएं। संवाद- फोटो : Kurukshetra