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फर्जी आधार व पैन कार्ड बनाकर धोखे से मकान की रजिस्ट्री नाम कराने के आरोप में महिला नामजद
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कुरुक्षेत्र। फर्जी आधार व पैन कार्ड बनाकर धोखे से मकान की रजिस्ट्री अपने नाम कराने के आरोप में पुलिस ने एक महिला के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस गहनता के साथ मामले में जुटी हुई है। थाना सदर थानेसर में दर्ज शिकायत में करनाल के निसिंग की रहने वाली प्रवेश ने कहा कि उसने आठ जून 2010 को रमेश सिंगला से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर-3 में प्लॉट खरीदा था। एचएसवीपी के नियमों के अनुसार 25 प्रतिशत निर्माण कार्य वर्ष 2010 में कर लिया था। एचएसवीपी से अनुबंधित प्रमाण पत्र संख्या 75 उसे 14 सितंबर 2010 को जारी हो गया था।
उस मकान पर बिजली, पानी व सीवर का कनेक्शन उसके नाम से है। बाद में उसने यह प्लॉट नई दिल्ली की खुराना इंजीनियरिंग वर्क्स को किराए पर दे दिया था। शिकायतकर्ता के अनुसार किराएदार ने दिसंबर 2021 में किराया नहीं दिया। इस पर उसके पति ने पूछताछ की तो किराएदार ने बताया कि यह मकान उन्होंने नीनू रानी को बेच दिया है। अब नीनू रानी उस पर किराया देने का दबाव बना रही है। इस कारण किराएदार ने उसे दिसंबर का किराया नहीं दिया। इस बारे में एचएसवीपी कार्यालय से पूछताछ की तो वे स्तब्ध रह गए। एचएसवीपी के रिकार्ड में यह प्लॉट नीनू रानी के नाथ ट्रांसफर हो गया था, जबकि मकान की रजिस्ट्री या किसी प्रकार की ट्रांसफर नीनू रानी के नाम नहीं थी। एचएसवीपी से रजिस्ट्री की कॉपी प्राप्त करने के बाद पाया कि किसी अन्य महिला को उसके साथ पर खड़ा करके उसके झूठे आधार व पैन कार्ड बना कर नीनू रानी व रजिस्ट्री के गवाहों के साथ मिलकर झूठी व फर्जी रजिस्ट्री कराई है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उक्त महिला ने फर्जी आईडी के आधार पर एचएसवीपी कार्यालय से मकान को बेचने की अनुमति भी ली थी। वहां भी फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया गया। एचएसवीपी में कार्यरत कर्मचारी भी इस धोखाधड़ी में शामिल हो सकते हैं। आरोप लगाया कि इस धोखाधड़ी में एक प्रापर्टी डीलर भी शामिल है। मकान बेचने की अनुमति में इसी प्रापर्टी डीलर की ई-मेल आइडी और फोन नंबर है। रजिस्ट्री के स्टांप खरीदने समय भी प्रापर्टी डीलर का फोन नंबर दिया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा पुलिस गहनता के साथ मामले की जांच कर रही है।
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उस मकान पर बिजली, पानी व सीवर का कनेक्शन उसके नाम से है। बाद में उसने यह प्लॉट नई दिल्ली की खुराना इंजीनियरिंग वर्क्स को किराए पर दे दिया था। शिकायतकर्ता के अनुसार किराएदार ने दिसंबर 2021 में किराया नहीं दिया। इस पर उसके पति ने पूछताछ की तो किराएदार ने बताया कि यह मकान उन्होंने नीनू रानी को बेच दिया है। अब नीनू रानी उस पर किराया देने का दबाव बना रही है। इस कारण किराएदार ने उसे दिसंबर का किराया नहीं दिया। इस बारे में एचएसवीपी कार्यालय से पूछताछ की तो वे स्तब्ध रह गए। एचएसवीपी के रिकार्ड में यह प्लॉट नीनू रानी के नाथ ट्रांसफर हो गया था, जबकि मकान की रजिस्ट्री या किसी प्रकार की ट्रांसफर नीनू रानी के नाम नहीं थी। एचएसवीपी से रजिस्ट्री की कॉपी प्राप्त करने के बाद पाया कि किसी अन्य महिला को उसके साथ पर खड़ा करके उसके झूठे आधार व पैन कार्ड बना कर नीनू रानी व रजिस्ट्री के गवाहों के साथ मिलकर झूठी व फर्जी रजिस्ट्री कराई है।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उक्त महिला ने फर्जी आईडी के आधार पर एचएसवीपी कार्यालय से मकान को बेचने की अनुमति भी ली थी। वहां भी फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया गया। एचएसवीपी में कार्यरत कर्मचारी भी इस धोखाधड़ी में शामिल हो सकते हैं। आरोप लगाया कि इस धोखाधड़ी में एक प्रापर्टी डीलर भी शामिल है। मकान बेचने की अनुमति में इसी प्रापर्टी डीलर की ई-मेल आइडी और फोन नंबर है। रजिस्ट्री के स्टांप खरीदने समय भी प्रापर्टी डीलर का फोन नंबर दिया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा पुलिस गहनता के साथ मामले की जांच कर रही है।
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