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चंडीगढ़ विश्वविद्यालय बैटल ऑफ बैंड्स का विजेता
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एनआइटी में काव्यांजलि कार्यक्रम के दौरान रचनाए सुनने के लिए उमड़े श्रोता। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में शनिवार को उत्तर भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक महोत्सव कॉन्फ्लुएंस- शिमरिंग सियोरी के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही, जिसमें विभिन्न संस्थानों से पहुंचे विद्यार्थियों ने खूब जलवा दिखाया। हर एक प्रस्तुति को देख दर्शक गदगद हो उठे तो उन्हें थिरकने को भी मजबूर कर दिया। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय बैटल ऑफ बैंड्स का विजेता बना।
समारोह के शुक्रवार को शुभारंभ के बाद देर शाम को संस्थान का परिसर काव्य से सराबोर हो उठा। कवियों ने कविताओं की बौछार की। काव्यांजलि में आए श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे। शनिवार को को दिनभर सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का दौर चला. जिसमें एनआइटी एवं देशभर के विभिन्न संस्थानों के छात्रों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। पिजी क्लब द्वारा ट्रेवेस्टी, ग्रीट द कार्ड और ब्लाइंड कार्ड जैसे कई ज्ञानवर्द्धक प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया गया।
इसके बाद बैटल ऑफ बैंड्स कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न संस्थानों के आठ बैंड ने हिस्सा लिया। बैंड्स ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया और चंडीगढ़ विश्वविद्यालय का बैंड इस प्रतियोगिता का विजेता रहा। देर शाम को फैशन परेड का आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ी रही। इस मौके पर रमणा रेड्डी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण दीक्षित गर्ग, प्रॉक्टर राजीव वर्मा, प्रोफेसर प्रभारी स्टूडेंट्स क्लब प्रोफेसर प्रतिभा अग्रवाल, संकाय प्रभारी प्रोफेसर शैली वधेरा, यशश चंद्र द्विवेदी, योगेश अग्रवाल, आदि उपस्थित रहे।
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हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है...
शुक्रवार की देर शाम को आयोजित काव्यांजलि में (एक शाम हास्य, प्रेम और गजलों के नाम) शायरों और कवियों ने शिरकत कर पूरे एनआईटी को काव्यमय कर दिया।अध्यक्षता हिंदी एवं उर्दू के मशहूर शायर खुसबीर सिंह साद ने की। मशहूर शायर जुबैर अली ताबिश की हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है जैसी पंक्तियों से सारा माहौल प्रेममय हो उठा। कवि शैलेश गौतम ने हास्य रस से लेकर देशप्रेम तक का सफ़र पूरी एनआईटी को अपनी कविताओं के माध्यम से तय करवाया। कवि शारिक कैफी ने अपनी शायरियों से युवा मन को मोहित कर लिया। जबलपुर से आई कवियत्री मनिका दुबे ने अपनी गजलों एवं गीतों से समां बांध दिया।
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कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में शनिवार को उत्तर भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक महोत्सव कॉन्फ्लुएंस- शिमरिंग सियोरी के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही, जिसमें विभिन्न संस्थानों से पहुंचे विद्यार्थियों ने खूब जलवा दिखाया। हर एक प्रस्तुति को देख दर्शक गदगद हो उठे तो उन्हें थिरकने को भी मजबूर कर दिया। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय बैटल ऑफ बैंड्स का विजेता बना।
समारोह के शुक्रवार को शुभारंभ के बाद देर शाम को संस्थान का परिसर काव्य से सराबोर हो उठा। कवियों ने कविताओं की बौछार की। काव्यांजलि में आए श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे। शनिवार को को दिनभर सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का दौर चला. जिसमें एनआइटी एवं देशभर के विभिन्न संस्थानों के छात्रों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। पिजी क्लब द्वारा ट्रेवेस्टी, ग्रीट द कार्ड और ब्लाइंड कार्ड जैसे कई ज्ञानवर्द्धक प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया गया।
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इसके बाद बैटल ऑफ बैंड्स कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न संस्थानों के आठ बैंड ने हिस्सा लिया। बैंड्स ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया और चंडीगढ़ विश्वविद्यालय का बैंड इस प्रतियोगिता का विजेता रहा। देर शाम को फैशन परेड का आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ी रही। इस मौके पर रमणा रेड्डी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण दीक्षित गर्ग, प्रॉक्टर राजीव वर्मा, प्रोफेसर प्रभारी स्टूडेंट्स क्लब प्रोफेसर प्रतिभा अग्रवाल, संकाय प्रभारी प्रोफेसर शैली वधेरा, यशश चंद्र द्विवेदी, योगेश अग्रवाल, आदि उपस्थित रहे।
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हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है...
शुक्रवार की देर शाम को आयोजित काव्यांजलि में (एक शाम हास्य, प्रेम और गजलों के नाम) शायरों और कवियों ने शिरकत कर पूरे एनआईटी को काव्यमय कर दिया।अध्यक्षता हिंदी एवं उर्दू के मशहूर शायर खुसबीर सिंह साद ने की। मशहूर शायर जुबैर अली ताबिश की हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है जैसी पंक्तियों से सारा माहौल प्रेममय हो उठा। कवि शैलेश गौतम ने हास्य रस से लेकर देशप्रेम तक का सफ़र पूरी एनआईटी को अपनी कविताओं के माध्यम से तय करवाया। कवि शारिक कैफी ने अपनी शायरियों से युवा मन को मोहित कर लिया। जबलपुर से आई कवियत्री मनिका दुबे ने अपनी गजलों एवं गीतों से समां बांध दिया।

कार्यक्रम पेश करते कलाकार। संवाद- फोटो : Kurukshetra

कान्फ्लुएंस में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद- फोटो : Kurukshetra