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दूसरे राज्यों में आयुर्वेद से पीजी करने के लिए ले सकेंगे दाखिला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Feb 2022 01:35 AM IST
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Will be able to take admission in other states for doing PG in Ayurveda, Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। बीएएमएस उत्तीर्ण कर चुके प्रदेशभर के विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। आयुर्वेद में स्नातकोत्तर (एमडी/एमएस) में दाखिला लेने के (हरियाणा वासी) इच्छुक विद्यार्थियों को आयुष मंत्रालय ने इस वर्ष सीजीएन (सेंट्रल गवर्नमेंट नॉमिनी कोटा फॉर डेफिसिट स्टेट) कोटा के तहत अन्य राज्यों में दाखिला देने का फैसला लिया है। अब बीएएमएस उत्तीर्ण कर चुके विद्यार्थी एनआईए जयपुर और आईपीजीटी एंड आर जामनगर में सीजीएन कोटा के तहत एमडी में दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं।
दरअसल, हरियाणा के एकमात्र श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय में आयुर्वेद के सभी विषयों में स्नातकोत्तर (एमडी/एमएस) शुरू कराने की अनुमति मिलने के बाद एनआईए जयपुर और आईपीजीटी एंड आर जामनगर ने सीजीएन कोटा के तहत हरियाणा के विद्यार्थियों को दाखिला देने से इंकार कर दिया था। मामले में संज्ञान लेते हुए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस सत्र में एमडी के लिए दाखिले के लिए अनुमति देने का फैसला लिया है।
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आयुष विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. शंभू दयाल ने बताया कि सीजीएन कोटा के तहत हरियाणा के विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों में आयुर्वेद में एमडी करने के लिए विशेष छूट दी जाती थी। मगर, इस वर्ष श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल में आयुर्वेद के पांच के बाद अन्य नौ विषयों में भारत सरकार से स्नातकोत्तर कराने की अनुमति मिली है। इसका हवाला देते हुए दूसरे शिक्षण संस्थानों ने हरियाणा के विद्यार्थियों को सीजीएन कोटा के तहत प्रवेश देने से मना कर दिया था, लेकिन आयुष मंत्रालय ने प्रदेश के विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। अब प्रदेश के विद्यार्थी दूसरे राज्यों में सीजीएन कोटा के तहत दाखिला ले पाएंगे।
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उन्होंने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलदेव कुमार के अथक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए कुलपति द्वारा विशेष तौर पर आयुष मंत्रालय से आग्रह किया गया, ताकि विद्यार्थियों को भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थान में मिल रहे अवसर का लाभ मिल सके। कुलपति के इस आग्रह को आयुष मंत्रालय ने संज्ञान में लेकर इस वर्ष के लिए अनुमति पत्र संबंधित संस्थान को जारी करने का निर्णय लिया है। इससे निश्चित तौर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
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