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Kurukshetra News: ... जब 200 से ज्यादा बीन के सुरों से किया था धर्मनगरी में आडवाणी का स्वागत
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कुरुक्षेत्र। पूर्व उपप्रधानमंत्री एवं भाजपा के वयोवृद्ध नेता लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने से धर्मनगरी में भी खुशी की लहर है। आडवाणी का धर्मनगरी से पुराना नाता रहा है। वे कई बार यहां आए तो कार्यकर्ताओं में जोश भी भरा। आज भी उस समय की यादें कार्यकर्ताओं के जेहन में हैं, जो अब आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा हुई तो ये यादें भी ताजा हो उठी।
भाजपा युवा मोर्चा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष एवं वर्तमान में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रविंद्र सांगवान बताते हैं कि वर्ष 1997 में लाल कृष्ण आडवाणी जब पार्टी अध्यक्ष थे तो वे यात्रा लेकर धर्मनगरी पहुंचे थे। इस्माईलाबाद में उनकी यात्रा ने प्रवेश किया तो वहां उनका 200 से ज्यादा बीन की स्वर लहरियों से स्वागत किया गया था। इसके बाद वे कुरुक्षेत्र पहुंचे, जहां शाम को उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। रात को वे कुवि के गेस्ट हाउस में ठहरे थे, जहां उसी दौरान भाजयुमों की ओर से रक्तदान शिविर भी लगाया गया था। 700 से ज्यादा एकजुट हुए रक्तदाता कार्यकर्ताओं में भी उन्होंने पूरा जोश भरा था। उस समय उनके साथ तत्कालीन राष्ट्रीय महामंत्री एवं वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गोविंदाचार्य के अलावा तत्कालीन संगठन मंत्री एवं वर्तमान में मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी थे।
उधर, तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष एवं वर्तमान में जिला कष्ट निवारण समिति सदस्य सुरेंद्र जैन ने पूर्व प्रधानमंत्री आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने पर खुशी जताई और कहा कि जब तक वे जिलाध्यक्ष रहे, उसी दौरान आडवाणी धर्मनगरी भी पहुंचे थे। उनके जोशीले भाषण से हर कार्यकर्ता प्रभावित रहता था। वे अलग-अलग समय में कई बार धर्मनगरी पहुंचे और अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यक्रम किए। कुरुक्षेत्र से यात्रा लेकर वे करनाल की ओर निकले थे। उस समय की यादें आज भी ज्यों की त्यों है।
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भाजपा युवा मोर्चा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष एवं वर्तमान में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रविंद्र सांगवान बताते हैं कि वर्ष 1997 में लाल कृष्ण आडवाणी जब पार्टी अध्यक्ष थे तो वे यात्रा लेकर धर्मनगरी पहुंचे थे। इस्माईलाबाद में उनकी यात्रा ने प्रवेश किया तो वहां उनका 200 से ज्यादा बीन की स्वर लहरियों से स्वागत किया गया था। इसके बाद वे कुरुक्षेत्र पहुंचे, जहां शाम को उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। रात को वे कुवि के गेस्ट हाउस में ठहरे थे, जहां उसी दौरान भाजयुमों की ओर से रक्तदान शिविर भी लगाया गया था। 700 से ज्यादा एकजुट हुए रक्तदाता कार्यकर्ताओं में भी उन्होंने पूरा जोश भरा था। उस समय उनके साथ तत्कालीन राष्ट्रीय महामंत्री एवं वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गोविंदाचार्य के अलावा तत्कालीन संगठन मंत्री एवं वर्तमान में मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी थे।
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उधर, तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष एवं वर्तमान में जिला कष्ट निवारण समिति सदस्य सुरेंद्र जैन ने पूर्व प्रधानमंत्री आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने पर खुशी जताई और कहा कि जब तक वे जिलाध्यक्ष रहे, उसी दौरान आडवाणी धर्मनगरी भी पहुंचे थे। उनके जोशीले भाषण से हर कार्यकर्ता प्रभावित रहता था। वे अलग-अलग समय में कई बार धर्मनगरी पहुंचे और अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यक्रम किए। कुरुक्षेत्र से यात्रा लेकर वे करनाल की ओर निकले थे। उस समय की यादें आज भी ज्यों की त्यों है।

कुरुक्षेत्र।नरेंद्र पांचाल।

कुरुक्षेत्र।नरेंद्र पांचाल।

कुरुक्षेत्र।नरेंद्र पांचाल।

कुरुक्षेत्र।नरेंद्र पांचाल।
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