पिहोवा। सावन माह के उपलक्ष्य में संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय की ओर से शोभायात्रा निकाली गई। ड्रेन पुल के टूटा होने कारण चार साल से यात्रा स्थगित थी। अब पुल का नए सिरे से निर्माण होने के चार साल बाद यह यात्रा निकाली गई है। श्रीपंच एवं पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव व अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रविद्र पुरी के सानिध्य में महंत महंत विश्वनाथ गिरी की अध्यक्षता में मंदिर परिसर से यात्रा को शुरू किया गया। मंदिर से शुरू होकर यात्रा सरस्वती तीर्थ पर पहुंची। जहां ढोल नगाड़ा और डमरू की थाप के बीच भगवान पार्थेश्वर विसर्जन किया गया। रास्ते में लोगों ने संत महात्माओं पर फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया।
महंत विश्वनाथ गिरि ने कहा कि श्रावण मास में शिव पूजन का खास महत्व है। इस माह में किया गया पूजन पूरे वर्ष की पूजा के बराबर फलदायी होता है। शोभायात्रा का मां पितांबरा शक्ति पीठ माता बगलामुखी मंदिर धनीरामपुरा में महंत भीम पुरी की ओर से अभिनंदन किया गया। राइस मिलर्स एसोसिएशन के उपप्रधान जनकराज सिंगला ने संत महात्माओं व श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। थानापति महंत धीरज पुरी व मंदिर सेवादल के प्रबंधक भूषण गौतम ने बताया कि यात्रा के संचालन के लिए गुलाबी ड्रेस में सेवादल के सदस्य तैनात रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। इस मौके पर सेवादल प्रबंधक भूषण गौतम, जनकराज सिंगला,वीरभान गुप्ता नंबरदार, शंभूदत्त गौतम, सत्यवान सिंदुरिया, सुरेंद्र गर्ग नवदुर्गा, श्याम लाल शर्मा, अरुण गुप्ता, राकेश शर्मा अरुणाय, लाभ सिंह, रमणीक सिंगला, अंशुल बंसल, रिंकू गौतम, यज्ञदत्त शर्मा, अंग्रेज सैनी, सतीश शर्मा सहित सैंकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद