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लगातार बढ़ते तापमान से पकने लगी गेहूं की फसल
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खेत में खड़ी गेहूं की फसल। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हर दिन तापमान बढ़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ-साथ गेहूं की फसल पकने लगी है। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में गेहूं की कटाई शुरू हो जाएगी।
किसान भी अभी से तैयारियों में जुट गए हैं, जो किसान फसल की हाथ से कटाई करेंगे उन्होंने जुणे बनाने शुरू कर दिए हैं और जिन किसानों के पास कंबाइन है, वे अपने कृषि यंत्रों की सर्विस कर रहे हैं। वहीं कृषि विशेषज्ञ अचानक बढ़ते तापमान को गेहूं की फसल के लिए हानिकारक बता रहे हैं। उनका कहना है कि चढ़ता पारा गेहूं की फसल को प्रभावित कर रहा है। अगर यही हाल रहा तो गेहूं की पैदावार पर भी 10 फीसदी तक असर पड़ेगा।
फरवरी में मौसम सही रहा। आधा मार्च बीतने पर मौसम पूरी तरह से गर्म हो चुका है। पिछले कुछ दिन से तो अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक तक पहुंच गया है, जो गेहूं की फसल के लिए अनुकूल नहीं है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तकनीकी सहायक सतीश अरोड़ा का कहना है कि अधिक तापमान के चलते गेहूं के पौधों का बढ़ना रुक जाता है और फसल समय से पहले ही पकने लगती है। ऐसे में पकी हुई फसल की बालियां छोटी और कमजोर हो जाती है।
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इससे फसल में गुणवत्ता और आकार में भी असर पड़ता है। अधिक तापमान के कारण पौधे का पूरा पकाव नहीं हो पाता है। ऐसे मौसम में किसान अपनी धरती के हिसाब से हल्की सिंचाई करें। मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिन अधिकतम तापमान 39-40 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
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कुरुक्षेत्र। हर दिन तापमान बढ़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ-साथ गेहूं की फसल पकने लगी है। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में गेहूं की कटाई शुरू हो जाएगी।
किसान भी अभी से तैयारियों में जुट गए हैं, जो किसान फसल की हाथ से कटाई करेंगे उन्होंने जुणे बनाने शुरू कर दिए हैं और जिन किसानों के पास कंबाइन है, वे अपने कृषि यंत्रों की सर्विस कर रहे हैं। वहीं कृषि विशेषज्ञ अचानक बढ़ते तापमान को गेहूं की फसल के लिए हानिकारक बता रहे हैं। उनका कहना है कि चढ़ता पारा गेहूं की फसल को प्रभावित कर रहा है। अगर यही हाल रहा तो गेहूं की पैदावार पर भी 10 फीसदी तक असर पड़ेगा।
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फरवरी में मौसम सही रहा। आधा मार्च बीतने पर मौसम पूरी तरह से गर्म हो चुका है। पिछले कुछ दिन से तो अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक तक पहुंच गया है, जो गेहूं की फसल के लिए अनुकूल नहीं है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तकनीकी सहायक सतीश अरोड़ा का कहना है कि अधिक तापमान के चलते गेहूं के पौधों का बढ़ना रुक जाता है और फसल समय से पहले ही पकने लगती है। ऐसे में पकी हुई फसल की बालियां छोटी और कमजोर हो जाती है।
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इससे फसल में गुणवत्ता और आकार में भी असर पड़ता है। अधिक तापमान के कारण पौधे का पूरा पकाव नहीं हो पाता है। ऐसे मौसम में किसान अपनी धरती के हिसाब से हल्की सिंचाई करें। मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिन अधिकतम तापमान 39-40 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।