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Kurukshetra News: सरस्वती के उफान से कॉलोनियां में जलभराव
Tue, 18 Jul 2023 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 18 Jul 2023 01:49 AM IST
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कुरुक्षेत्र। सरस्वती नदी अभी भी ओवरफ्लो बह रही है। इससे सोमवार को भी शहर की अनेक कॉलोनियों में जलभराव रहा। वहीं दर्जनों गांवों का संपर्क कटा रहा। सड़कों पर करीब दो फीट पानी बहता रहा, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप ही रही। वहीं 100 से ज्यादा गांवों में हजारों एकड़ खेतों में अभी भी जलभराव की समस्या बनी हुई है।
हालांकि शहर के दीदार नगर व शांति नगर के अधिकतर क्षेत्र से पानी उतर चुका है, लेकिन यहां भी अभी लोगों की जीवनचर्या पटरी पर नही लौटी है। अभी भी लोग बाढ़ की दहशत में है। लोगों के खाने-पीने के सामान से लेकर घरेलू सामान भी खराब हो गया है, इससे लोग राहत सामग्री पर निर्भर हैं।
वहीं शहर की डीडी कॉलोनी, राणा कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, कुबेर कॉलोनी, कामरेड कॉलोनी सहित आसपास के अनेक गांवों में दो से तीन फीट जलभराव है। कई जगहों पर इससे भी ज्यादा पानी जमा है। ज्योतिसर गांव से दबखेड़ी रोड पूरी तरह से बाधित है। नरकातारी से जोगनाखेड़ा, बाहरी से दबखेड़ी रोड से दो फीट से ज्यादा पानी बहता रहा। बाढ़ पीडि़त लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने का काम देर रात तक कार्य जारी रहा।
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नहीं दुरुस्त की जा सकी टूटी पटरियां
सरस्वती नदीं की दर्जन भर से ज्यादा जगहों से पटरियां टूटी हुई हैं, वहीं लिंडा नाला का टूटा किनारा भी ठीक नही किया जा सका है। शहर तक यही से पानी बर्बादी बनकर पहुंचा था। उधर ज्योतिसर के समीप एसवाईएल नहर पर सैकड़ों मजदूर मिट्टी के कट्टे भरते रहे, ताकि इन पटरियों को दुरूस्त किया जा सके। उधर सिंचाई विभाग ने नहरों की सफाई के लिए अभियान तेज कर दिया है।
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हालांकि शहर के दीदार नगर व शांति नगर के अधिकतर क्षेत्र से पानी उतर चुका है, लेकिन यहां भी अभी लोगों की जीवनचर्या पटरी पर नही लौटी है। अभी भी लोग बाढ़ की दहशत में है। लोगों के खाने-पीने के सामान से लेकर घरेलू सामान भी खराब हो गया है, इससे लोग राहत सामग्री पर निर्भर हैं।
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वहीं शहर की डीडी कॉलोनी, राणा कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, कुबेर कॉलोनी, कामरेड कॉलोनी सहित आसपास के अनेक गांवों में दो से तीन फीट जलभराव है। कई जगहों पर इससे भी ज्यादा पानी जमा है। ज्योतिसर गांव से दबखेड़ी रोड पूरी तरह से बाधित है। नरकातारी से जोगनाखेड़ा, बाहरी से दबखेड़ी रोड से दो फीट से ज्यादा पानी बहता रहा। बाढ़ पीडि़त लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने का काम देर रात तक कार्य जारी रहा।
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नहीं दुरुस्त की जा सकी टूटी पटरियां
सरस्वती नदीं की दर्जन भर से ज्यादा जगहों से पटरियां टूटी हुई हैं, वहीं लिंडा नाला का टूटा किनारा भी ठीक नही किया जा सका है। शहर तक यही से पानी बर्बादी बनकर पहुंचा था। उधर ज्योतिसर के समीप एसवाईएल नहर पर सैकड़ों मजदूर मिट्टी के कट्टे भरते रहे, ताकि इन पटरियों को दुरूस्त किया जा सके। उधर सिंचाई विभाग ने नहरों की सफाई के लिए अभियान तेज कर दिया है।