{"_id":"60e5fca18ebc3ec2005c54e9","slug":"villagers-closed-the-road-due-to-no-electricity-kurukshetra-news-knl75717970","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली न आने पर लगाना पड़ रहा जाम, उधर खाली हॉल में भी चल रहे एसी व पंखे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली न आने पर लगाना पड़ रहा जाम, उधर खाली हॉल में भी चल रहे एसी व पंखे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भीषण गर्मी में बिजली की किल्लत कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में झेलनी पड़ रही है। एक ओर जहां बुधवार को तीन गांव के लोगों द्वारा बिजली न आने की वजह से परेशान होकर झांसा रोड जाम करना पड़ा। उधर, लघु सचिवालय के खाली पड़े सभागार में एसी और पंखे बेफिजूल चलते नजर आए। दोनों तस्वीरें खुद को बयां कर रही हैं, जिसमें ग्रामीणों की मजबूरी और जिला प्रशासन की लापरवाही साफ नजर आ रही है। झांसा रोड पर पड़ने वाले तीन गांव भिवानी खेड़ा, बाहरी और बहादरपुरा में पिछले 15 दिनों से बिजली की किल्लत चल रही है, जिसके चलते सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार सुबह 9 बजे से साढ़े 10 बजे तक झांसा रोड जाम रखा।
ग्रामीणों का आरोप है कि 20-20 घंटे बीत जाने के बाद बिजली आती है वो भी सिर्फ पांच मिनट के लिए। भीषण गर्मी में लाइट न आने की वजह से ना दिन में चेन मिल रहा है और न रात को सुकून। वहीं, जाम में शामिल किसानों का कहना है कि खेतों में लगी फसल पानी की कमी से सूख गई है और जमीन में दरारें पड़ गई हैं। मानसून भी नहीं बरस रहा है। ऐसे में ट्यूबवेल से खेतों को पानी दिया जाता है, लेकिन बिजली न आने की वजह से ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। ग्रामीण ने इतना तक कहा कि यदि इस भीषण गर्मी में अधिकारियों को एक मिनट भी बगैर एसी या पंखे के बैठना पड़ जाए तो उन्हें हमारी मजबूरी का अहसास हो जाएगा। तपती धूप में बीच सड़क खड़े होकर जाम लगाना मजबूरी है। बिजली निगम के अधिकारियों को कई बार शिकायत की गईं, लेकिन समस्या का समाधान ही नहीं किया जा रहा, जिसके चलते मजबूरन ग्रामीण सड़क पर उतरे हैं। जाम लगने की सूचना मिलते ही मौके पर कृष्णा गेट थाना से पुलिस टीम पहुंची और बिजली निगम के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों द्वारा आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। इस दौरान पूर्व सरपंच मुकेश कुमार, सतपाल, आनंत राम, सुरजीत सिंह, राजेंद्र, रविंद्र कुमार, सतबीर और अश्विनी सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
रास्ता जाम होने से वाहनों की लगी लंबी कतारें
झांसा रोड पर आगे चलकर दो दर्जन से ज्यादा गांव पड़ते हैं, जिनमें जाने का यही एक मुख्य मार्ग है। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा इस मार्ग को जाम कर देने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। गर्मी ज्यादा होने के कारण वाहन चालकों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती। करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुलने पर राहत की सांस ली।
विज्ञापन
बिजली तार के रोल और पेड़ रखे सड़क के बीच
सुबह-सुबह जाम लगाने पहुंचे ग्रामीणों को जब कुछ न मिला तो साथ लगते बिजली घर में पड़े तार के रोलर उठाकर सड़क के बीच रख दिए। वहीं, आंधी तूफान में सड़क किनारे टूटे पेड़ उठाकर भी सड़क पर ले आए और धरना देकर बैठ गए। आश्वासन मिलने पर सारा सामान ग्रामीणों ने खुद ही सड़क से हटाया।
शुक्रवार तक बिजली ठीक करने की चेतावनी, नहीं फिर से जाम
मौके पर पहुंचे बिजली निगम के अधिकारियों ने ग्रामीणों से शुक्रवार तक का समय मांगा है। वहीं, ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शुक्रवार तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गांव की महिलाएं और बच्चे भी सड़क पर आकर धरना देंगे।
लघु सचिवालय के सभागार में खाली कुर्सियां खा रही एसी और पंखों की हवा
इधर ग्रामीण बिजली न आने को लेकर जाम लगा रहे थे उधर लघु सचिवालय के सभागार में खाली पड़ी कुर्सियां एसी व पंखे की हवा खा रही थी। सभागार में तीन एसी और छह पंखे चल रहे थे और सभी लाइट ऑन थी। करीब पौने घंटे यहां खड़े होकर देखा तो कोई अधिकारी और कर्मचारी नजर नहीं आया। इस प्रकार बिजली को फिजूल खर्चना जिला प्रशासन की लापरवाही है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप है कि 20-20 घंटे बीत जाने के बाद बिजली आती है वो भी सिर्फ पांच मिनट के लिए। भीषण गर्मी में लाइट न आने की वजह से ना दिन में चेन मिल रहा है और न रात को सुकून। वहीं, जाम में शामिल किसानों का कहना है कि खेतों में लगी फसल पानी की कमी से सूख गई है और जमीन में दरारें पड़ गई हैं। मानसून भी नहीं बरस रहा है। ऐसे में ट्यूबवेल से खेतों को पानी दिया जाता है, लेकिन बिजली न आने की वजह से ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। ग्रामीण ने इतना तक कहा कि यदि इस भीषण गर्मी में अधिकारियों को एक मिनट भी बगैर एसी या पंखे के बैठना पड़ जाए तो उन्हें हमारी मजबूरी का अहसास हो जाएगा। तपती धूप में बीच सड़क खड़े होकर जाम लगाना मजबूरी है। बिजली निगम के अधिकारियों को कई बार शिकायत की गईं, लेकिन समस्या का समाधान ही नहीं किया जा रहा, जिसके चलते मजबूरन ग्रामीण सड़क पर उतरे हैं। जाम लगने की सूचना मिलते ही मौके पर कृष्णा गेट थाना से पुलिस टीम पहुंची और बिजली निगम के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों द्वारा आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। इस दौरान पूर्व सरपंच मुकेश कुमार, सतपाल, आनंत राम, सुरजीत सिंह, राजेंद्र, रविंद्र कुमार, सतबीर और अश्विनी सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
रास्ता जाम होने से वाहनों की लगी लंबी कतारें
झांसा रोड पर आगे चलकर दो दर्जन से ज्यादा गांव पड़ते हैं, जिनमें जाने का यही एक मुख्य मार्ग है। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा इस मार्ग को जाम कर देने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। गर्मी ज्यादा होने के कारण वाहन चालकों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती। करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुलने पर राहत की सांस ली।
विज्ञापन
बिजली तार के रोल और पेड़ रखे सड़क के बीच
सुबह-सुबह जाम लगाने पहुंचे ग्रामीणों को जब कुछ न मिला तो साथ लगते बिजली घर में पड़े तार के रोलर उठाकर सड़क के बीच रख दिए। वहीं, आंधी तूफान में सड़क किनारे टूटे पेड़ उठाकर भी सड़क पर ले आए और धरना देकर बैठ गए। आश्वासन मिलने पर सारा सामान ग्रामीणों ने खुद ही सड़क से हटाया।
शुक्रवार तक बिजली ठीक करने की चेतावनी, नहीं फिर से जाम
मौके पर पहुंचे बिजली निगम के अधिकारियों ने ग्रामीणों से शुक्रवार तक का समय मांगा है। वहीं, ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शुक्रवार तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गांव की महिलाएं और बच्चे भी सड़क पर आकर धरना देंगे।
लघु सचिवालय के सभागार में खाली कुर्सियां खा रही एसी और पंखों की हवा
इधर ग्रामीण बिजली न आने को लेकर जाम लगा रहे थे उधर लघु सचिवालय के सभागार में खाली पड़ी कुर्सियां एसी व पंखे की हवा खा रही थी। सभागार में तीन एसी और छह पंखे चल रहे थे और सभी लाइट ऑन थी। करीब पौने घंटे यहां खड़े होकर देखा तो कोई अधिकारी और कर्मचारी नजर नहीं आया। इस प्रकार बिजली को फिजूल खर्चना जिला प्रशासन की लापरवाही है।