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Kurukshetra News: कूड़ा गिराने पर ग्रामीण नाराज, रोके डंपर
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कुरुक्षेत्र। कूड़े को लेकर बारना गांव के लोग व प्रशासन में पूरी तरह से ठन गई है। पिछले तीन दिनों से जारी गतिरोध के बीच बुधवार को भी दिनभर गतिरोध बना रहा। प्रशासन मनाने में जुटा रहा तो ग्रामीण किसी भी स्तर पर गांव के एरिया में कूड़ा न गिराने देने पर अड़े रहे। डीसी शांतनु शर्मा द्वारा किए गए प्रयास भी सफल नहीं हो पाए। सुबह पहले गांव में पंचायत हुई और सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर जिला सचिवालय पहुंचे। बारना गांव व डेरा रामनगर पंचायत के पांच-पांच प्रतिनिधियों की उपायुक्त कार्यालय में उपायुक्त व डीएमसी से वार्तालाप हुआ, लेकिन कोई निष्कर्स नहीं निकल सका। उपायुक्त ने ग्रामीणों से एक सप्ताह तक कूड़ा स्थलों पर डंपरों को जाने देने के लिए कहा, लेकिन ग्रामीण सहमत नहीं हुए और गांव में कूड़ा लेकर पहुंचे डंपरों को रोक दिया।
डीएमसी अश्वनी मलिक, डीएसपी हेडक्वार्टर सुभाष चंद्र व अन्य प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ बारना गांव में पहुंचे और दर्जन भर कूड़े से भरे डंपर भी वहीं खड़े रहे। डीएमसी ने साइट का मुआयना किया और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण डीएमसी की किसी भी बात पर सहमत नहीं हुए। ग्रामीणों का कहना था कि वह किसी भी सूरत में यहां पर कूड़ा नहीं डालने देंगे।
सरपंच प्रतिनिधि संजीव शर्मा, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि टेकचंद व पूर्व जिप सदस्य प्रतिनिधि राजेश ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से गांव में डाले जा रहे कूड़े के कारण गांव के लोगों का रहना दूभर हो गया है। इस कूड़ा स्थल से लगभग 150 मीटर की दूरी पर सरकारी स्कूल व डेरा रामनगर है। कुछ ही दूरी पर शंकर कॉलोनी, करनैल सिंह डेरा, लछमन-छोटू राम डेरा, राजाराम व हुकम सिंह का डेरा है।
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उन्होंने कहा कि कूड़े के कारण होने वाली गंदगी से बीमारी फैलने का डर सता रहा है। जब ग्रामीण यहां कूड़ा गिराए जाने से सहमत नहीं है तो प्रशासन को तुरंत प्रभाव से रोक देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बारना में डंपिग स्थल बनाए जाने से समस्त ग्राम वासियों में रोष है। डेरा रामनगर सरपंच प्रतिनिधि बूटा सिंह, ग्रामीण छिंदा राम, बधाया राम ने कहा कि डेरा रामनगर व आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए दिक्कत आ रही है।
ये ग्रामीण रहे मौजूद
इस मौके पर सूबे सिंह, तिलकराज, संजीव नंबरदार, लछमन दास, पंच दलीप सिंह, सुभाष चंद, रामनिवास, सतीश कुमार, राममेहर, सुरेश सिंहमार, जीता राम, खरैती लाल, प्रेम, आभेराम, बबली, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि सतपाल सिंहमार, प्रदीप, ओमप्रकाश, कृष्ण कुमार, तिलकराज, रामचंद्र सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
दोनों पंचायतों ने दी सहमति
गांव में कूड़ा न डालने देने को लेकर ग्राम पंचायत बारना व ग्राम पंचायत डेरा रामनगर ने अपनी सहमति जताई है। ग्रामीणों द्वारा उपायुक्त को दिए ज्ञापन में कूड़ा डाले जाने पर आपत्ति जताई है।
एनजीटी पहुंचेंगे ग्रामीण
ग्रामीण सोमनाथ, टेकचंद व राजेश आदि का कहना है कि वे किसी भी सूरत में गांव में कूड़ा नहीं डालने देंगे। प्रशासनिक अधिकारी एनजीटी के नियमों का उल्लंघन कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे एनजीटी में अपनी शिकायत दर्ज करवाएंगे। उधर, ग्रीन अर्थ संस्था के सदस्य नरेश भारद्वाज का कहना है कि नगर परिषद अलग-अलग गांवों में कचरा डंप करके लगातार ठोस कचरा नियमों तथा एनजीटी के आदेशों की अवेहलना कर रही है।
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डीएमसी अश्वनी मलिक, डीएसपी हेडक्वार्टर सुभाष चंद्र व अन्य प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ बारना गांव में पहुंचे और दर्जन भर कूड़े से भरे डंपर भी वहीं खड़े रहे। डीएमसी ने साइट का मुआयना किया और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण डीएमसी की किसी भी बात पर सहमत नहीं हुए। ग्रामीणों का कहना था कि वह किसी भी सूरत में यहां पर कूड़ा नहीं डालने देंगे।
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सरपंच प्रतिनिधि संजीव शर्मा, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि टेकचंद व पूर्व जिप सदस्य प्रतिनिधि राजेश ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से गांव में डाले जा रहे कूड़े के कारण गांव के लोगों का रहना दूभर हो गया है। इस कूड़ा स्थल से लगभग 150 मीटर की दूरी पर सरकारी स्कूल व डेरा रामनगर है। कुछ ही दूरी पर शंकर कॉलोनी, करनैल सिंह डेरा, लछमन-छोटू राम डेरा, राजाराम व हुकम सिंह का डेरा है।
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उन्होंने कहा कि कूड़े के कारण होने वाली गंदगी से बीमारी फैलने का डर सता रहा है। जब ग्रामीण यहां कूड़ा गिराए जाने से सहमत नहीं है तो प्रशासन को तुरंत प्रभाव से रोक देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बारना में डंपिग स्थल बनाए जाने से समस्त ग्राम वासियों में रोष है। डेरा रामनगर सरपंच प्रतिनिधि बूटा सिंह, ग्रामीण छिंदा राम, बधाया राम ने कहा कि डेरा रामनगर व आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए दिक्कत आ रही है।
ये ग्रामीण रहे मौजूद
इस मौके पर सूबे सिंह, तिलकराज, संजीव नंबरदार, लछमन दास, पंच दलीप सिंह, सुभाष चंद, रामनिवास, सतीश कुमार, राममेहर, सुरेश सिंहमार, जीता राम, खरैती लाल, प्रेम, आभेराम, बबली, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि सतपाल सिंहमार, प्रदीप, ओमप्रकाश, कृष्ण कुमार, तिलकराज, रामचंद्र सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
दोनों पंचायतों ने दी सहमति
गांव में कूड़ा न डालने देने को लेकर ग्राम पंचायत बारना व ग्राम पंचायत डेरा रामनगर ने अपनी सहमति जताई है। ग्रामीणों द्वारा उपायुक्त को दिए ज्ञापन में कूड़ा डाले जाने पर आपत्ति जताई है।
एनजीटी पहुंचेंगे ग्रामीण
ग्रामीण सोमनाथ, टेकचंद व राजेश आदि का कहना है कि वे किसी भी सूरत में गांव में कूड़ा नहीं डालने देंगे। प्रशासनिक अधिकारी एनजीटी के नियमों का उल्लंघन कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे एनजीटी में अपनी शिकायत दर्ज करवाएंगे। उधर, ग्रीन अर्थ संस्था के सदस्य नरेश भारद्वाज का कहना है कि नगर परिषद अलग-अलग गांवों में कचरा डंप करके लगातार ठोस कचरा नियमों तथा एनजीटी के आदेशों की अवेहलना कर रही है।