फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Vice President Jagdeep Dhankhar and Chief Minister Manohar Lal understood the essence of Geeta through stories.

Kurukshetra News: कहानियों से गीता का मर्म समझा गए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ व मुख्यमंत्री मनोहर लाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Dec 2023 01:30 AM IST
विज्ञापन
Vice President Jagdeep Dhankhar and Chief Minister Manohar Lal understood the essence of Geeta through stories.
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की फिजा रविवार को उस समय गीतामयी हो उठी जब श्रीमद्भगवद्गीता सदन में अंतर राष्ट्रीय गीता महोत्सव के चलते तीन दिवसीय संगोष्ठी का आगाज हुआ। गीता संदेश के मर्म को समझाते हुए इस संगोष्ठी का शुभारंभ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया। उपराष्ट्रपति ने जहां 35 मिनट तक संबोधन किया तो वहीं मुख्यमंत्री ने 11 मिनट तक उद्बोधन किया। दोनों ने ही आह्वान किया कि इस तरह की गोष्ठी को और व्यापक किए जाने की जरूरत है तो वहीं उन्होंने अपनी-अपनी ओर से कहानी के जरिए भी गीता संदेश का मर्म समझाया। अब अगले दो दिन देश-विदेश के विशेषज्ञ इस मर्म पर मंथन करेंगे।
विज्ञापन

उपराष्ट्रपति ने कहानी के माध्यम से समझाया कि भारत किसी भी देश से पीछे नहीं है। अगर विश्व शांति और सद्भाव चाहिए तो गीता की राह पर चलना होगा। उन्होंने स्थानीय स्तर से लेकर वैश्विक स्तर तक गीता की सार्थकता का महत्व समझाया। देश के हालात व गीता के संदेश से जोड़ते हुए कहानी के माध्यम से बताया कि एक बुजुर्ग महिला भूखी व बीमार थी। जवान बेटा नकारा था और उसकी शादी भी नहीं हाे रही थी। वह बेहद विचलित रहने लगी थी कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। ऐसे में अचानक भगवान प्रकट हुए और उसे एक वचन मांगने के लिए कहा। इस पर बुजुर्ग महिला ने न अपना स्वास्थ्य मांगा न धन-दौलत मांगी और न ही अपने बेटे की सुख-समृद्धि मांगी बल्कि गीता का ज्ञान समझते हुए कहा कि सोने की थाली में हंसता-खेलते हुए पोते को दिखा दो। इस पर भगवान भी मुस्कराने लगे।
विज्ञापन

ठीक ऐसा हाल कुछ साल पहले हमारे देश का था। देश निराशा और भ्रष्टाचार में डूबा हुआ था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गीता के मर्म पर चलते हुए ही इसे दुनिया के अग्रणी देशों में लाकर खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हम शक्ति का शिखर पाना चाहते हैं व शांति चाहते हैं। वैश्विक स्थिरता के साथ 2047 में अमृतकाल का महोत्सव मनाएंगे और विश्व के सबसे अग्रणी देशाें में नाम दर्ज कराएंगे। इसी के साथ उन्होंने कहा कि जब मोर नाचता है तो बहुत प्रसन्न होता है जब पैरों की तरफ देखता है तो निराश होता है। हमें कमजोरी की ओर ध्यान नहीं देना चाहिए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए।



रास्ते की नहीं रोशनी की तलाश करो...मनोहरलाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने युवाओं को गीता की राह पर चलने के लिए प्रेरित किया और कहानी के माध्यम से बताया कि एक व्यक्ति अंधेर कोठरी में फंसा था, वह बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ़ता रहा लेकिन बाहर निकलने का कोई द्वार नहीं मिला। थोड़ी देर बाद बाहर से एक व्यक्ति माचिस की तीली जलाता है तो दरवाजा के बीच से रोशनी अंदर आती है वह भागकर दरवाजे की ओर जाता है व दरवाजा खोलता है। इस कहानी के माध्यम से बताया कि रास्ते की नहीं रोशनी की तलाश करो, जिससे जीवन में भी रोशनी होगी और लक्ष्य की भी प्राप्ति होगी। यह तभी संभव है, जब गीता की राह पर चलेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed