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Kurukshetra News: सरस्वती नदी पर लिखे श्लोक होंगे पुस्तक में संकलित
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हरियाणा सरस्वती शोध केंद्र में बैठक आयोजित की गई। विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह ने कहा कि भारत के पौराणिक शास्त्रों, वेदों और अन्य ग्रंथों से सरस्वती नदी को लेकर लिखे गए श्लोकों को एक पुस्तक में संकलित किया जाएगा।
इससे आने वाली पीढ़ी द्वारा सरस्वती नदी को लेकर शोध कार्यों को सहजता से किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी के किनारे पुरातात्विक साइट का डाटा एकत्रित करने के लिए पुरातत्ववेता डाॅ. मनोज कुमार, वेदों और शास्त्रों से संस्कृत के श्लोकों को एक पुस्तक में संकलित करने के लिए संस्कृत विशेषज्ञ डाॅ. रामचंद्र और रिमोट सेंसिंग के विशेषज्ञ डाॅ. संदीप को शोध केंद्र के साथ जोड़ा गया है।
इस शोध केंद्र में बोर्ड की तरफ से लगातार नए कार्य किए जा रहे हैं ताकि बेहतर शोध कार्य किया जा सके। हरियाणा सरस्वती शोध केंद्र के निदेशक डाॅ. एआर चौधरी ने कहा कि शोध केंद्र के माध्यम से सरस्वती नदी के इतिहास को सहेजने का अद्भुत प्रयास किया जा रहा है।
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इस विषय को लेकर ही अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव पर 30 जनवरी से एक फरवरी तक कुवि में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। इस सेमिनार के साथ विदेशों से भी विषय विशेषज्ञों को साथ जोड़ा जाएगा। शोध अधिकारी डाॅ. दीपा का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पवित्र नदी सरस्वती के शोध पर चिंतन और मंथन करने के लिए तीनों दिन तकनीकी सत्रों को रखा गया है।
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इससे आने वाली पीढ़ी द्वारा सरस्वती नदी को लेकर शोध कार्यों को सहजता से किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी के किनारे पुरातात्विक साइट का डाटा एकत्रित करने के लिए पुरातत्ववेता डाॅ. मनोज कुमार, वेदों और शास्त्रों से संस्कृत के श्लोकों को एक पुस्तक में संकलित करने के लिए संस्कृत विशेषज्ञ डाॅ. रामचंद्र और रिमोट सेंसिंग के विशेषज्ञ डाॅ. संदीप को शोध केंद्र के साथ जोड़ा गया है।
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इस शोध केंद्र में बोर्ड की तरफ से लगातार नए कार्य किए जा रहे हैं ताकि बेहतर शोध कार्य किया जा सके। हरियाणा सरस्वती शोध केंद्र के निदेशक डाॅ. एआर चौधरी ने कहा कि शोध केंद्र के माध्यम से सरस्वती नदी के इतिहास को सहेजने का अद्भुत प्रयास किया जा रहा है।
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इस विषय को लेकर ही अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव पर 30 जनवरी से एक फरवरी तक कुवि में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। इस सेमिनार के साथ विदेशों से भी विषय विशेषज्ञों को साथ जोड़ा जाएगा। शोध अधिकारी डाॅ. दीपा का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पवित्र नदी सरस्वती के शोध पर चिंतन और मंथन करने के लिए तीनों दिन तकनीकी सत्रों को रखा गया है।