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गाड़ियां राइस मिल तक पहुंची नहीं, दिखा दिए फर्जी गेट पास : वड़ैच
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कुरुक्षेत्र। जानकारी देते हुए किसान नेता प्रिंस वडैच। संवाद
पिहोवा। भाकियू पिहोवा अध्यक्ष प्रिंस वड़ैच ने आरोप लगाए कि एसआईटी से सही जांच कराई जाए तो पिहोवा में करनाल व यमुनानगर से भी बड़ा धान घोटाला उजागर हो सकता है। अभी तक एक राइस मिलर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है जबकि अन्य की भी फिजिकल वेरिफिकेशन फिर से जांच कराए जाने की जरूरत है। घोटाला पूरी सुनियोजित तरीके से किया गया जिसमें गाड़ियां राइस मिलों तक पहुंची भी नहीं और फर्जी गेट पास तक दिखा दिए गए।
गत दिवस पुलिस की ओर से धान के स्टॉक में गड़बड़ी के आरोपों के कारण दर्ज किए गए मामले के बाद शुक्रवार को किसान नेता प्रिंस वड़ैच ने वीडियो जारी की। इसमें कहा कि प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में पांच करोड़ 82 लाख का धान कम पाया गया जबकि विभाग के एक इंस्पेक्टर ने अपनी जांच में इसे राइस मिल की ओर से खुर्दबुर्द दिखाया गया जबकि यह धान मिल तक पहुंचा ही नहीं था। सिर्फ फर्जी पर्चे काटे गए ताकि औपचारिकता पूरी कर घोटाला किया जा सके। ऐसे ही कई मिलों में किया गया। भाकियू शुरू से ही बड़ा घोटाला होने व जांच की मांग करती रही है। अब एफआईआर दर्ज होने पर यह सामने भी आ गया है। ऐसे ही व्यापक स्तर पर जांच कराए जाने की जरूरत है। मिलों में गई जिन गाड़ियों के पर्चे काटे गए उनकी जीपीएस लोकेशन निकलवाई जाए तो पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। आशंका है कि पिहोवा में ही 100 करोड़ से अधिक का घोटाला किया गया है। इसमें स्थानीय ही नहीं जिला स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है।
थाना एसएचओ का कहना है कि दर्ज किए गए मामले की अभी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई।
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गत दिवस पुलिस की ओर से धान के स्टॉक में गड़बड़ी के आरोपों के कारण दर्ज किए गए मामले के बाद शुक्रवार को किसान नेता प्रिंस वड़ैच ने वीडियो जारी की। इसमें कहा कि प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में पांच करोड़ 82 लाख का धान कम पाया गया जबकि विभाग के एक इंस्पेक्टर ने अपनी जांच में इसे राइस मिल की ओर से खुर्दबुर्द दिखाया गया जबकि यह धान मिल तक पहुंचा ही नहीं था। सिर्फ फर्जी पर्चे काटे गए ताकि औपचारिकता पूरी कर घोटाला किया जा सके। ऐसे ही कई मिलों में किया गया। भाकियू शुरू से ही बड़ा घोटाला होने व जांच की मांग करती रही है। अब एफआईआर दर्ज होने पर यह सामने भी आ गया है। ऐसे ही व्यापक स्तर पर जांच कराए जाने की जरूरत है। मिलों में गई जिन गाड़ियों के पर्चे काटे गए उनकी जीपीएस लोकेशन निकलवाई जाए तो पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। आशंका है कि पिहोवा में ही 100 करोड़ से अधिक का घोटाला किया गया है। इसमें स्थानीय ही नहीं जिला स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है।
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थाना एसएचओ का कहना है कि दर्ज किए गए मामले की अभी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई।

कुरुक्षेत्र। जानकारी देते हुए किसान नेता प्रिंस वडैच। संवाद
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