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वसंत पंचमी : शिक्षा की देवी को किया याद, धारण किए पीले वस्त्र
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Vasant Panchami: Remembering the goddess of education, wearing yellow clothes
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। जिले भर में शनिवार को वसंत पंचमी का उत्सव मनाया गया। शिक्षण संस्थानों व धार्मिक संगठनों ने शिक्षा की देवी मां सरस्वती की वंदना की। लोगों ने पीले वस्त्र पहने व कई जगहों पर हवन यज्ञ का भी आयोजन किया गया। विद्यालयों में रंगोली बनाई गई व कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित हुए। वहीं निशुल्क स्वास्थ्य शिविर व 5 कुंडीय गायत्री यज्ञ भी किया गया।
श्रीमद्भगवद गीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, वात्सल्य वाटिका प्राथमिक पाठशाला, दून पब्लिक स्कूल, टैगोर ग्लोबल स्कूल, गीता निकेतन आवासीय विद्यालय, आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बरगट जाटान व भारत पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आदि में सरस्वती वंदना की गई। वहीं विजडम वर्ल्ड स्कूल के प्रांगण में सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई। इस दौरान मंत्रोच्चारण के साथ हवन यज्ञ भी किया गया। राधा-कृष्ण पब्लिक स्कूल ठोल में विद्यार्थियों ने रंगोली बनाई और रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
दुखभंजन मंदिर में योग शिविर आयोजित किया गया। सन्निहित सरोवर स्थित काली माता वैष्णवी मंदिर में सरस्वती की पूजा की गई। उधर, गायत्री चेतना केंद्र में आरोग्य जनकल्याण ट्रस्ट व गायत्री परिवार के संयुक्त तत्वावधान में 5 कुंडीय गायत्री यज्ञ, सरस्वती पूजन व निशुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। अग्रवाल सभा की महिला विंग ने हिंदू हाई स्कूल के जरूरतमंद बच्चों को ट्रैक सूट व खाद्य सामग्री वितरित की।
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मां भद्रकाली शक्तिपीठ में आयोजित कार्यक्रम में सरस्वती को पीले वस्त्र व सफेद पुष्प अर्पित किए गए। सरसों के पीले पुष्प चरणों में चढ़ाए गए। इसके बाद नारियल पर पीला धागा बांधकर सरस्वती मंत्रों का जाप कर अर्पित किया गया। इस मौके पर भक्तों ने पीले व सफेद वस्त्र पहनकर पूजा की। मां शारदा को पीली व सफेद वस्तुएं, मिष्ठान व फल आदि का भोग लगाया गया। इसके बाद पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने मां सरस्वती को पीला चंदन, हल्दी व केसर का तिलक लगाया और दीपक प्रज्ज्वलित किया।
मंदिर में विशेष रूप से सरस्वती यंत्र की स्थापना करके पूजा की गई। इसके बाद हवन यज्ञ, श्लोक पाठ, सरस्वती चालीसा व सफेद स्फटिक माला से जाप किया गया। इस अवसर पर पुस्तकों, संगीत के वाद्य यंत्रों व कलात्मक वस्तुओं का भी पूजन किया गया। आखिर में साष्टांग प्रणाम कर मोर पंख से पूजा की गई व मोर पंख माथे पर लगाया गया। वहीं मां भद्रकाली महिला मंडल ने वसंती लोरियां और गान प्रस्तुत किया। इसके बाद मां को भंडारे का भोग लगाया गया। इस दौरान हलवा चने, आलू पूरी, कड़ी चावल व पीले मीठे चावलों का भी वितरण किया गया।
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श्रीमद्भगवद गीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, वात्सल्य वाटिका प्राथमिक पाठशाला, दून पब्लिक स्कूल, टैगोर ग्लोबल स्कूल, गीता निकेतन आवासीय विद्यालय, आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बरगट जाटान व भारत पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आदि में सरस्वती वंदना की गई। वहीं विजडम वर्ल्ड स्कूल के प्रांगण में सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई। इस दौरान मंत्रोच्चारण के साथ हवन यज्ञ भी किया गया। राधा-कृष्ण पब्लिक स्कूल ठोल में विद्यार्थियों ने रंगोली बनाई और रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
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दुखभंजन मंदिर में योग शिविर आयोजित किया गया। सन्निहित सरोवर स्थित काली माता वैष्णवी मंदिर में सरस्वती की पूजा की गई। उधर, गायत्री चेतना केंद्र में आरोग्य जनकल्याण ट्रस्ट व गायत्री परिवार के संयुक्त तत्वावधान में 5 कुंडीय गायत्री यज्ञ, सरस्वती पूजन व निशुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। अग्रवाल सभा की महिला विंग ने हिंदू हाई स्कूल के जरूरतमंद बच्चों को ट्रैक सूट व खाद्य सामग्री वितरित की।
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मां भद्रकाली शक्तिपीठ में आयोजित कार्यक्रम में सरस्वती को पीले वस्त्र व सफेद पुष्प अर्पित किए गए। सरसों के पीले पुष्प चरणों में चढ़ाए गए। इसके बाद नारियल पर पीला धागा बांधकर सरस्वती मंत्रों का जाप कर अर्पित किया गया। इस मौके पर भक्तों ने पीले व सफेद वस्त्र पहनकर पूजा की। मां शारदा को पीली व सफेद वस्तुएं, मिष्ठान व फल आदि का भोग लगाया गया। इसके बाद पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने मां सरस्वती को पीला चंदन, हल्दी व केसर का तिलक लगाया और दीपक प्रज्ज्वलित किया।
मंदिर में विशेष रूप से सरस्वती यंत्र की स्थापना करके पूजा की गई। इसके बाद हवन यज्ञ, श्लोक पाठ, सरस्वती चालीसा व सफेद स्फटिक माला से जाप किया गया। इस अवसर पर पुस्तकों, संगीत के वाद्य यंत्रों व कलात्मक वस्तुओं का भी पूजन किया गया। आखिर में साष्टांग प्रणाम कर मोर पंख से पूजा की गई व मोर पंख माथे पर लगाया गया। वहीं मां भद्रकाली महिला मंडल ने वसंती लोरियां और गान प्रस्तुत किया। इसके बाद मां को भंडारे का भोग लगाया गया। इस दौरान हलवा चने, आलू पूरी, कड़ी चावल व पीले मीठे चावलों का भी वितरण किया गया।