{"_id":"78247b614a65bb7986be53c810427ca5","slug":"valour-day-organizers-kindled-governor-put-the-kick-platform-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शौर्य दिवस पर आयोजकों पर भड़के राज्यपाल, लगाई मंच से लताड़ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शौर्य दिवस पर आयोजकों पर भड़के राज्यपाल, लगाई मंच से लताड़
ब्यूरो/अमर उजाला,कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 28 Oct 2015 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब एवं हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा करने के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले शहीद वीरों से प्रेरणा मिलती है। इन वीरों के बलिदान से प्रेरित होकर सभी को राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर कार्य करना चाहिए।
विज्ञापन
राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी केयू के सीनियर मॉडल स्कूल के विवेकानंद सदन में स्वतंत्रता सेनानी राजा अजीत सिंह लाडवा मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से आयोजित कारगिल शहीद मेजर नितिन बाली के बलिदान दिवस पर आयोजित शौर्य दिवस समारोह में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि शहीद मेजर नितिन बाली प्रेरणा के स्रोत हैं।
विज्ञापन
उन्होंने तमाम सैनिक को महर्षि दधीचि की संज्ञा देते हुए कहा कि आज राष्ट्र की रक्षा सर्वोपरि है। इससे पहले राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, थानेसर विधायक सुभाष सुधा, कुलपति हरदीप कुमार व अंबाला मंडल की आयुक्त नीलम प्रदीप कासनी ने शहीद मेजर नितिन बाली की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
विज्ञापन
मेरे बेटे को नहीं मिल रहा सम्मान
मंच पर आयोजकों ने शहीद मेजर नितिन बाली की मां आदर्श बाली को संबोधित करने के लिए बुलाया तो उन्होंने राज्यपाल को एक शिकायत पत्र सौंपा और मंच से उस पत्र के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि धरोहर में उनके पुत्र नितिन बाली को सम्मान देने के लिए एक स्थान दिया गया और उसमें उसके मेडल और प्रमाण पत्र तक लगाए गए थे। लेकिन, अब वे मेडल और प्रमाण पत्र धरोहर के स्टोर में पड़े हुए हैं। इस संबंध में वीसी, डीसी और सीएम तक से गुहार लगा चुके हैं।
सीएम ने इस बारे में आदेश भी कर दिए। लेकिन, आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। राज्यपाल ने अपने संबोधन के अंत में मेजर नितिन बाली की मां द्वारा सौंपे शिकायत पत्र पर कहा कि सीएम के आदेशों का पालन न होना चिंतनीय है। उन्होंने मौके पर ही कुलपति को मामले की जांच के आदेश दिए और साथ ही कहा कि कुलपति इस मामले में जांच करेंगे और इस पूरे मामले की रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
आयोजकों को लगाई मंच से लताड़, कार्यक्रम बीच में छोड़ निकले
हुआ यूं कि आयोजकों की ओर से मंच पर शहीद परिवारों को सम्मानित करने के लिए सूची बनाई गई थी। लेकिन, इंतजाम नाकाफी साबित हुए। हुआ यूं कि राज्यपाल को मंच पर शहीद परिवारों को सम्मानित करने के लिए बुलवा लिया गया। राज्यपाल ने अभी एक-दो ही शहीद परिवारों को सम्मानित किया था कि आयोजक लखविंद्र सिंह ग्रेवाल की ओर से डीसी सीजी रजनीकांतन को बुलाया गया तो उन्हें शॉल व स्मृति चिन्ह प्रदान कर दिया गया। इसके तुरंत बाद एसपी सिमरदीप सिंह को बुलाया गया।
मौके पर शॉल तो दे दी गई, लेकिन स्मृति चिन्ह आने में काफी देरी हो गई। जिसकी वजह से उन्हें वहां खड़े रहना पड़ा। इसी दौरान वहां जेल अधीक्षक को बुला लिया गया। इसके बाद थानेसर विधायक की पत्नी उमा सुधा को बुलाया गया, लेकिन वे मौजूद नहीं थी तो विधायक सुभाष सुधा को बुलाया गया। हालांकि विधायक को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। लेकिन, तब तक राज्यपाल भड़क गए और बीच में ही आयोजक को जमकर लताड़ लगाई और कहा कि प्रोटोकॉल तो पता होना चाहिए और इतना कह कर कार्यक्रम को बीच में छोड़कर वहां से रत्नावली कार्यक्रम के लिए निकल पड़े।
शौर्य दिवस कार्यक्रम में राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने मेजर नितिन बाली की मां आदर्श बाली को, यमुनानगर से शहीद रॉकी के परिजनों व कोल्हापुर से शहीद संजीव के परिजनों को सम्मानित किया। इस दौरान थानेसर विधायक सुभाष सुधा, आयुक्त नीलम प्रदीप कासनी, डीसी सीजी रजनीकांतन, एसपी सिमरदीप सिंह, जेल अधीक्षक सोमनाथ जगत को राज्यपाल ने सम्मानित किया।
इस मौके पर सरबत दा भला चेरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. एसपी सिंह ओबरॉय, शहीद-ए-आजम भगत सिंह के भतीजे अभय सिंह संधू, निफा अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नू, कुलसचिव डॉ. प्रवीण कुमार सैनी, समाजसेवी हरपाल सिंह, एडवोकेट सोमनाथ कक्कड़, प्रधान सिंह, प्रिंसीपल प्रोमिला बतरा, एसडीएम सतबीर कुंडू, सीटीएम डॉ. पूजा भारती, जीता रामपाल आदि उपस्थित रहे।