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शाम पांच बजे के बाद नहीं लगता टीका

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jul 2022 02:21 AM IST
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vaccine is not given after five o'clock in the evening
बच्चे को रेबीज से बचाव का टीका लगाते डॉ. कृष्ण कुमार। संवाद - फोटो : Kurukshetra
पिहोवा। स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र पिहोवा में शाम पांच बजे के बाद रेबीज से बचाव का टीका नहीं लगाया जाता है। वहीं अगर शनिवार को टीका लगवाने की नौबत आ जाए तो मरीज को सोमवार तक का लंबा इंतजार करना पड़ता है। सरकारी अवकाश के दिन तो टीका लगाने की भी छुट्टी होती है। फिलहाल सीएचसी में पांच बजे से पहले तो आउटडोर में संबंधित टीका लगाया जाता है, मगर पांच बजे के बाद यहां पर भी टीकाकरण बंद हो जाता है।
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हालांकि पांच बजे के बाद इनडोर में टीकाकरण किया जा सकता है। ऐसा प्रावधान भी है, मगर सीएचसी प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। वहीं निजी अस्पतालों में रेबीज से बचाव के टीके के 500 से 700 रुपये वसूल किए जा रहे हैं। इसमें निजी अस्पतालों की ओर से टीकाकरण के बाद लापरवाही भी बरती जाती है, क्योंकि एक बार टीका लगाने के लिए निजी अस्पताल मरीज को कोई एहतियात बरतने के निर्देश तक नहीं देते हैं। यहां तक उनको दोबारा से टीकाकरण के लिए भी नहीं बुलाया जाता है।
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उधर, नंद कॉलोनी में कुत्ते के काटने से हुई 10 वर्षीय बच्चे नोनि की मौत के बाद लोग खौफजदा है। गौरतलब है कि डेढ़ महीना पहले नंद कॉलोनी वासी प्रवीण सैनी के 10 वर्षीय बच्चे नोनि को कुत्ते ने काट लिया था। कुछ दिन पहले अचानक बच्चा बीमार हो गया, जिसे इलाज के लिए शहर के निजी अस्पताल लाया गया। यहां से अस्पताल के चिकित्सक ने बच्चे को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया, मगर तब तक बच्चे में रेबीज फैल चुका था। पीजीआई से भी बच्चे को जवाब मिल गया, जिसके बाद बच्चे की मौत हो गई।
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बच्चे की मौत से खौफजदा नंद कॉलोनी के 20 से अधिक लोगों ने टीकाकरण कराया। कॉलोनी के लोग एक-दूसरे को इस मामले में सतर्क भी कर रहे हैं। लोग किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहते हैं, इसलिए वे बच्चों के साथ-साथ खुद को भी टीका लगवा रहे हैं। वहीं सीएचसी पिहोवा से मिली जानकारी के अनुसार सरकारी अस्पताल में पिछले महीने ही कुत्ता काटने के 75 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इस अस्पताल में कुत्ता काटने संबंधी हर रोज तीन-चार मामले दर्ज होते ही है।
कुत्तों की नसबंदी करने, जंगल में छोड़ने की मांग
शहर में लगातार कुत्तों की तादाद बढ़ रही है। इसे लेकर प्रशासन कतई गंभीर नहीं है। वहीं लोग कुत्तों की नसबंदी करने की मांग कर रहे है ताकि उनकी तादाद पर अंकुश लगाया जा सके। इसके अलावा गली तथा सड़कों पर घूम रहे लावारिस कुत्तों को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए।
इनडोर में टीकाकरण के आदेश जारी : कल्सन
सीएचसी पिहोवा के एसएमओ डॉ. ललित कल्सन ने बताया कि अस्पताल में रेबीज की डोज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। रविवार और सरकारी छुट्टी के दिन टीकाकरण संबंधी समस्या का समाधान कर दिया गया है। अब इनडोर में संबंधित स्टाफ रविवार और सरकारी छुट्टी के दिन टीकाकरण करेंगे। इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं।

कुत्तों और बंदरों की संख्या को किया जाएगा नियंत्रित : चक्रपाणि
पालिका के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आशीष चक्रपाणि ने बताया कि कुत्तों और बंदरों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए योजना बनाई जाएगी। नंद कॉलोनी के बच्चे की मौत बेहद दुखद हादसा है। पालिका की ओर से जल्द योजना को अमल में लाया जाएगा।
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