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किसी राज्य के गर्वनर की उपयोगिता नहीं : चंदूमाजरा
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 19 Jul 2014 12:19 AM IST
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सांसद प्रेम सिंह चंदू माजरा ने कहा कि प्रदेशों में लगाए जा रहे गवर्नर सिर्फ सफेद हाथी हैं और राज्य में इनकी कोई उपयोगिता नहीं।
उन्होंने राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया और हरियाणा सरकार को बर्खास्त करके राष्ट्रपति शासन लागू करने की भी मांग की। हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुद्दे पर दिल्ली में सोनिया गांधी के आवास पर प्रदर्शन के बाद चंदूमाजरा कुरुक्षेत्र के छठी पातशाही गुरुद्वारा पहुंचे और यहां सिख संगत से रुबरु होने के उपरांत उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा कि अकाली दल काफी पहले से राज्यपाल का पद समाप्त करने की मांग करता रहा है।
चंदूमाजरा का निशाना हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया भी रहे। उन्होंने कहा कि राज्यपाल पडाड़िया ने अलग कमेटी के बिल पर हस्ताक्षर करके संविधान को ब्रेक करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार न केवल सिखों से बल्कि,संविधान और भारत सरकार तीनों से टकराव मोल ले रही है,जबकि खालसा पंथ अपने धार्मिक मामलों में किसी सरकार की दखलंदाजी को सहन नहीं करेगा।
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उन्होंने कहा कि गुरुघर की गुलक का पैसा सरकार के खजाने में जाए,ये सिख बर्दाश्त नहीं करेंगे। चंदूमाजरा ने कहा कि एसजीपीसी के समर्थन में गृह मंत्रालय इस मसले पर हस्तक्षेप किया।
चंदूमाजरा ने कहा कि सिखों के जज्जबातों को ध्यान में रखते हुए इस असंवैधानिक बिल को तुरंत प्रभाव से वापिस लिया जाना चाहिए,वरना इसके गंभीर परिणाम सामने होंगे।
इस दौरान एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क, जोगिंद्र सिंह अहरवा, तजेंद्र पाल सिंह ढिल्लों, जरनैल सिंह, सरदार जगतार सिंह,पटियाला जिला परिषद के चेयरमैन जसपाल सिंह कल्याण,लखबीर सिंह लोट, भूपेंद्र सिंह डकाला, एजीपीसी मेंबर सतविंद्र सिंह टोहड़ा,एसजीपीसी मेंबर लाभ सिंह देवीनगर,सुरजीत सिंह अब्लोवाल और बलविंद्र सिंह बरसट के अलावा काफी संख्या में सिख संगत मौजूद रही।
मुख्य सचिव के बयान पर उखड़े चंदूमाजरा
गृह मंत्रालय ने अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मसले पर हरियाणा के मुख्य सचिव को तलाड़ लगाते हुए राज्यपाल के इस फैसले को वापिस लेने को कहा है, लेकिन मुख्यसचिव ने जवाब दिया है कि राज्यपाल के फैसले को वापिस नहीं लिया जा सकता। उनका यह ब्यान निंदनीय है और ऐसा करने पर मुख्य सचिव और सरकार लिए परेशानी खड़ी होगी।
आज चंडीगढ़ में कोर कमेटी की बैठक
शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री बादल ने अकाली दल की कोर कमेटी की बैठक चंडीगढ़ में बुलाई है,जिसमें अलग कमेटी के मुद्दे पर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
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उन्होंने राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया और हरियाणा सरकार को बर्खास्त करके राष्ट्रपति शासन लागू करने की भी मांग की। हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुद्दे पर दिल्ली में सोनिया गांधी के आवास पर प्रदर्शन के बाद चंदूमाजरा कुरुक्षेत्र के छठी पातशाही गुरुद्वारा पहुंचे और यहां सिख संगत से रुबरु होने के उपरांत उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा कि अकाली दल काफी पहले से राज्यपाल का पद समाप्त करने की मांग करता रहा है।
चंदूमाजरा का निशाना हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया भी रहे। उन्होंने कहा कि राज्यपाल पडाड़िया ने अलग कमेटी के बिल पर हस्ताक्षर करके संविधान को ब्रेक करने का काम किया है।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार न केवल सिखों से बल्कि,संविधान और भारत सरकार तीनों से टकराव मोल ले रही है,जबकि खालसा पंथ अपने धार्मिक मामलों में किसी सरकार की दखलंदाजी को सहन नहीं करेगा।
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उन्होंने कहा कि गुरुघर की गुलक का पैसा सरकार के खजाने में जाए,ये सिख बर्दाश्त नहीं करेंगे। चंदूमाजरा ने कहा कि एसजीपीसी के समर्थन में गृह मंत्रालय इस मसले पर हस्तक्षेप किया।
चंदूमाजरा ने कहा कि सिखों के जज्जबातों को ध्यान में रखते हुए इस असंवैधानिक बिल को तुरंत प्रभाव से वापिस लिया जाना चाहिए,वरना इसके गंभीर परिणाम सामने होंगे।
इस दौरान एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क, जोगिंद्र सिंह अहरवा, तजेंद्र पाल सिंह ढिल्लों, जरनैल सिंह, सरदार जगतार सिंह,पटियाला जिला परिषद के चेयरमैन जसपाल सिंह कल्याण,लखबीर सिंह लोट, भूपेंद्र सिंह डकाला, एजीपीसी मेंबर सतविंद्र सिंह टोहड़ा,एसजीपीसी मेंबर लाभ सिंह देवीनगर,सुरजीत सिंह अब्लोवाल और बलविंद्र सिंह बरसट के अलावा काफी संख्या में सिख संगत मौजूद रही।
मुख्य सचिव के बयान पर उखड़े चंदूमाजरा
गृह मंत्रालय ने अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मसले पर हरियाणा के मुख्य सचिव को तलाड़ लगाते हुए राज्यपाल के इस फैसले को वापिस लेने को कहा है, लेकिन मुख्यसचिव ने जवाब दिया है कि राज्यपाल के फैसले को वापिस नहीं लिया जा सकता। उनका यह ब्यान निंदनीय है और ऐसा करने पर मुख्य सचिव और सरकार लिए परेशानी खड़ी होगी।
आज चंडीगढ़ में कोर कमेटी की बैठक
शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री बादल ने अकाली दल की कोर कमेटी की बैठक चंडीगढ़ में बुलाई है,जिसमें अलग कमेटी के मुद्दे पर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।