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‘मानवता के लिए हो विज्ञान का उपयोग’
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वैज्ञानिक डॉ. श्याम सुंदर को सम्मानित करते मुख्यातिथि राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड के अध्यक्ष प्र?
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. केके अग्रवाल ने कहा कि विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने की जरूरत है। साइंस को प्रकृति के साथ जोड़ने की आवश्यकता है और मानवता के कल्याण के लिए विज्ञान का उपयोग होना चाहिए। वे शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में आयोजित 16वें गोयल अवार्ड समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं तकनीकी के इस दौर में पूरी दुनिया के निगाहें भारतीयों की ओर हैं। हमारी युवा पीढ़ी में पूर्ण क्षमता एवं प्रतिभा है उनमें सिर्फ आत्मविश्वास की ही कमी है, जिसे जागृत करने की आवश्यकता है। प्रो. ग्रवाल कहा कि नई शिक्षा नीति के द्वारा विज्ञान एवं शोध को बढ़ावा दिया गया है।
समारोह में आठ महान वैज्ञानिकों को पुरस्कार राशि, मेडल एवं प्रशस्तिपत्र प्रदान किए गए और गोयल पुरस्कार अवार्ड स्मारिका का भी विमोचन किया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि यह अवार्ड वैज्ञानिकों को उनके जीवन के उद्देश्यों को साकार करने एवं मानवता के लिए कल्याण में अहम योगदान के लिए दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश में विज्ञान एवं तकनीक को बढ़ावा देने के लिए हमें बेसिक साइंस की दिशा में काम करने की जरूरत है।
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कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने शोध को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न शैक्षिक क्षेत्रों में सात बेस्ट रिसर्च अवार्ड अभी हाल ही घोषित किए गए है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में शोध पैंटेंट की कमेटी गठित की गई है तथा अब पैटेंट करवाने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी। प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि रामएस गोयल साइंस नही पढ़ाते थे, लेकिन वे साइंस की ताकत को जानते थे। उन्होंने बताया कि गोयल पुरस्कारों की स्थापना 1992 में संयुक्त राज्य अमेरिका में बसे एक प्रवासी भारतीय स्वर्गीय रामएस गोयल ने की थी। आयोजन समिति के संयोजक डॉ. संजीव अरोड़ा ने कहा कि 35 प्रख्यात वैज्ञानिक पहले ही युवा वैज्ञानिकों के लिए राजीव गोयल पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। इस मौके पर कुल सचिव डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. संगीता सैनी, निदेशक, विभागाध्यक्ष, प्राचार्य सहित शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
इन वैज्ञानिकों को किया गया सम्मानित
गोयल अवार्ड की आयोजन समिति के सह अध्यक्ष प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि प्रो. एनके मेहरा, प्रो. ए अजय घोष, प्रो. श्याम सुंदर, प्रो. रोहिणी को गोयल पुरस्कार व दो लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। राजीव गोयल अवार्ड प्राप्त करने वाले वैज्ञानिक डॉ. रजनीश मिश्रा, डॉ. काना एम सुरेशन, डॉ. राजीव व डॉ. सुमन चक्रवर्ती एक लाख रुपये की राशि व अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
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कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. केके अग्रवाल ने कहा कि विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने की जरूरत है। साइंस को प्रकृति के साथ जोड़ने की आवश्यकता है और मानवता के कल्याण के लिए विज्ञान का उपयोग होना चाहिए। वे शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में आयोजित 16वें गोयल अवार्ड समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं तकनीकी के इस दौर में पूरी दुनिया के निगाहें भारतीयों की ओर हैं। हमारी युवा पीढ़ी में पूर्ण क्षमता एवं प्रतिभा है उनमें सिर्फ आत्मविश्वास की ही कमी है, जिसे जागृत करने की आवश्यकता है। प्रो. ग्रवाल कहा कि नई शिक्षा नीति के द्वारा विज्ञान एवं शोध को बढ़ावा दिया गया है।
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समारोह में आठ महान वैज्ञानिकों को पुरस्कार राशि, मेडल एवं प्रशस्तिपत्र प्रदान किए गए और गोयल पुरस्कार अवार्ड स्मारिका का भी विमोचन किया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि यह अवार्ड वैज्ञानिकों को उनके जीवन के उद्देश्यों को साकार करने एवं मानवता के लिए कल्याण में अहम योगदान के लिए दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश में विज्ञान एवं तकनीक को बढ़ावा देने के लिए हमें बेसिक साइंस की दिशा में काम करने की जरूरत है।
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कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने शोध को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न शैक्षिक क्षेत्रों में सात बेस्ट रिसर्च अवार्ड अभी हाल ही घोषित किए गए है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में शोध पैंटेंट की कमेटी गठित की गई है तथा अब पैटेंट करवाने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी। प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि रामएस गोयल साइंस नही पढ़ाते थे, लेकिन वे साइंस की ताकत को जानते थे। उन्होंने बताया कि गोयल पुरस्कारों की स्थापना 1992 में संयुक्त राज्य अमेरिका में बसे एक प्रवासी भारतीय स्वर्गीय रामएस गोयल ने की थी। आयोजन समिति के संयोजक डॉ. संजीव अरोड़ा ने कहा कि 35 प्रख्यात वैज्ञानिक पहले ही युवा वैज्ञानिकों के लिए राजीव गोयल पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। इस मौके पर कुल सचिव डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. संगीता सैनी, निदेशक, विभागाध्यक्ष, प्राचार्य सहित शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
इन वैज्ञानिकों को किया गया सम्मानित
गोयल अवार्ड की आयोजन समिति के सह अध्यक्ष प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि प्रो. एनके मेहरा, प्रो. ए अजय घोष, प्रो. श्याम सुंदर, प्रो. रोहिणी को गोयल पुरस्कार व दो लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। राजीव गोयल अवार्ड प्राप्त करने वाले वैज्ञानिक डॉ. रजनीश मिश्रा, डॉ. काना एम सुरेशन, डॉ. राजीव व डॉ. सुमन चक्रवर्ती एक लाख रुपये की राशि व अवार्ड से सम्मानित किया गया है।