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Kurukshetra News: मीरी-पीरी में वेतन भुगतान पर असमंजस, सीईओ ने भरोसा दिया, अध्यक्ष ने किया इन्कार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2026 01:37 AM IST
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Uncertainty over salary payments at Miri-Piri; CEO offers assurance, Chairman denies it.
शाहाबाद। वेतन की मांग को लेकर अपने परिजनों और छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठे मीरी पीरी के कर्म
कुरुक्षेत्र / शाहाबाद। मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में अनिश्चितकालीन धरना रविवार को तीसरे दिन भी चला। चिकित्सक और कर्मचारी तीन माह से लंबित वेतन की मांग कर रहे हैं। अवकाश के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारी धरनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ परिवार और बच्चे भी मौजूद थे। सभी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। कर्मचारी संघर्ष समिति ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। समिति ने कहा कि तीन माह का बकाया वेतन बैंक खातों में जमा होना चाहिए। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। उनकी अन्य मांगों पर ठोस निर्णय होने तक भी प्रदर्शन नहीं रुकेगा।
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रविवार सुबह संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. संदीप इंदर सिंह चीमा कर्मचारियों के बीच पहुंचे और दावा किया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली है कि सोमवार सुबह हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) की ओर से अस्पताल के बैंक खाते में वेतन की राशि भेज दी जाएगी। हालांकि संघर्ष समिति और कर्मचारियों ने इस आश्वासन को पर्याप्त नहीं माना और कहा कहा कि केवल मौखिक भरोसे के आधार पर धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। आंदोलन तभी खत्म होगा, जब वेतन कर्मचारियों के खातों में पहुंच जाएगा और संस्थान के संचालन, नियमित वेतन भुगतान तथा अन्य लंबित मांगों पर लिखित एवं स्पष्ट निर्णय लिया जाएगा। वहीं कर्मचारियों के पूछने पर डॉ. चीमा ने यह बताने से इन्कार कर दिया कि उन्हें यह सूचना किसके फोन से मिली। उन्होंने कहा कि वह संबंधित व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं कर सकते।
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एचएसजीएमसी अध्यक्ष ने सीईओ के दावे से किया इन्कार
एचएसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने सीईओ के दावे का खंडन करते हुए कहा कि कमेटी के पास कर्मचारियों का वेतन जारी करने के लिए कोई बजट उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि एचएसजीएमसी ने किसी भी अधिकारी को वेतन जारी करने का आश्वासन नहीं दिया है। सीईओ ने किस आधार पर यह घोषणा की है, इसका जवाब वही दे सकते हैं। झींडा ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के 12 मई के निर्णय के बावजूद संस्थान का अधिग्रहण (टेकओवर) अभी पूरा नहीं हुआ है। इस निर्णय के खिलाफ एसजीपीसी ने न्यायालय में याचिका दायर कर रखी है, जिसकी अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित है। उनका कहना है कि जब तक मामला न्यायालय में लंबित है, तब तक संस्थान की वित्तीय जिम्मेदारी एसजीपीसी की है।
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48 घंटे का अल्टीमेटम, मुख्यालय पर तालाबंदी की चेतावनी
रविवार को मीरी-पीरी कर्मचारी संघर्ष समिति ने एचएसजीएमसी अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा को पत्र भेजकर 48 घंटे के भीतर विशेष आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग की। समिति ने कहा कि लगातार तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। संघर्ष समिति के अनुसार एचएसजीएमसी सदस्य दीदार सिंह नलवी और बीबी करतार कौर ने विशेष बैठक बुलाने के प्रयास का समर्थन करने का आश्वासन दिया है। समिति ने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर वेतन और संस्थान के संचालन को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो मंगलवार सुबह 11 बजे कर्मचारी कुरुक्षेत्र स्थित एचएसजीएमसी मुख्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे, कार्यालय पर ताला लगाकर वहीं अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।



मुख्यमंत्री से भी लगाई गुहार
संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उनके ओएसडी डॉ. प्रभलीन सिंह को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि हरियाणा सरकार द्वारा गठित एचएसजीएमसी कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं कर रही है, जबकि कर्मचारी लगातार आर्थिक संकट झेल रहे हैं। समिति ने सरकार से हस्तक्षेप कर तत्काल तीन माह का लंबित वेतन जारी कराने की मांग की है।

शाहाबाद। वेतन की मांग को लेकर अपने परिजनों और छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठे मीरी पीरी के कर्म

शाहाबाद। वेतन की मांग को लेकर अपने परिजनों और छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठे मीरी पीरी के कर्म

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