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Kurukshetra News: जेल में तलाशी के दाैरान मिले दो मोबाइल, चार पर केस
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कुरुक्षेत्र। पुलिस अपराधियों पर शिकंजा कसे हुए है। इसके बावजूद अपराधी जेलों में बैठकर अपने नेटवर्क को चला रहे हैं। जिला जेल में मोबाइल मिलने पर यह मामला सामने आया है। जहां गैंगस्टर कृष्ण दादूपुर करीब एक साल से हरियाणा ही नहीं विदेशों तक मोबाइल पर कॉल करता रहा। वह अपने अन्य साथियों के साथ दो मोबाइल का प्रयोग कर रहा था, जिनमें से एक को जेल में ही बनी भट्ठी में फेंक दिया गया तो दूसरा ब्लॉक नंबर चार के शौचालय में छिपाया हुआ था। इस संबंध में पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया कि जेल से मोबाइल मिलने के मामले में चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था।
गौरतलब है कि जांच में 19 अगस्त को टूटा मोबाइल मिला तो जेल प्रशासन ही नहीं जिला पुलिस व सीआईए भी हरकत में आ गई। अब उसके द्वारा इन मोबाइल से की गई कॉल की डिटेल को खंगाला जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मोबाइल बरामद होने पर कृष्ण दादूपुर सहित चार आरोपियों पर मामला भी दर्ज कर लिया है। अन्य आरोपियों में राजेश उर्फ भूरिया वासी काकडोद जिला जींद, विशाल उर्फ़ लाडी वासी अमरगढ़ जिला व शमशेर सिंह उर्फ़ शेरा वासी चोला साहिब जिला तरनतारण पंजाब शामिल है। चारों आरोपियों को अदालत में सोमवार को पेश कर जेल भेज दिया गया।
जेल अधीक्षक धर्मवीर सिंह के मुताबिक गैंगस्टर कृष्ण दादूपुर द्वारा मोबाइल प्रयोग करने का खुलासा उस समय हुआ जब उप जेल अधीक्षक के नेतृत्व में हर रोज की तरह कैदी व बंदियों की तलाशी ली जा रही थी। इसी दौरान ब्लाॅक नंबर चार के कमरा नंबर दो की 19 अगस्त को अचानक तलाशी ली गई तो शौचालय से एक टूटा हुआ मोबाइल बरामद हुआ। जांच से पता चला मोबाइल फ़ोन कृष्ण कुमार वासी दादुपुर जिला करनाल द्वारा प्रयोग किया गया। थाना शहर में मामला दर्ज कर जांच की तो बाद में मामले की जांच अपराध अन्वेषण शाखा-दो को दी गई, जिसमें पता चला है कि कृष्ण दादूपुर के केस में शामिल रहे एक व्यक्ति ने करनाल के प्योंत गांव के रहने वाले एक व्यक्ति के नाम से सिम लेकर उपलब्ध कराया था।
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जलती भट्ठी से पुलिस ने निकाला मोबाइल
शंका होने पर पुलिस जांच करने लगी तो उक्त आरोपियों ने एक मोबाइल को पुलिस के सामने ही एक दूसरे को पकड़ाते हुए जल रही कोयले की भट्टी में फेंक दिया। पुलिस ने उसे निकाला लेकिन तब तक मेल्ट हो चुका था। फिलहाल पुलिस ने यह भी जांच में शामिल किया है। वहीं दूसरे माेबाइल की भी कॉल डिटेल खंगाली गई तो अनेक बार विदेशों में भी की गई कॉल मिली।
पुलिस कर रही जांच : जेल अधीक्षक
जेल अधीक्षक धर्मवीर सिंह का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की तकनीकी रूप से जांच जिला पुलिस कर रही है। वहीं सीआईए प्रभारी मोहन लाल का कहना है कि अभी हर पहलू की जांच की जा रही है।
करीब तीन साल से कुरुक्षेत्र जेल में हैं गैंगस्टर कृष्ण दादूपुर
कृष्ण दादूपुर पहले करनाल जेल में बंद था, जहां गैंगवार होने की आशंका के चलते उसे करीब तीन साल पहले कुरुक्षेत्र जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। उसने वर्ष 2012 में अपराध की दुनिया में कदम रखा।
वह करनाल के गांव नलीपार के रहने वाले शराब ठेकेदार दिलबाग सिंह के साथ रहता था और उनकी गहरी दोस्ती थी। दिलबाग की हत्या कर दी गई थी, जिसके आरोप शराब ठेकेदार एवं अंजनथली के सरपंच सुरेश उर्फ बबली व उसके भाई नरेश पर लगे थे। दोस्त की हत्या का बदला लेने के लिए वह अपराध की दुनिया में कूद गया। नरेश करीब नौ माह तक जेल में रहा था लेकिन बाद में दिलबाग के परिजनों से समझौता होने पर वह छूट गया था। वह जश्न मनाते हुए गांव आया तो कृष्ण दादूपुर ने बदला लेने की ठानी और वर्ष 2013 में नरेश पर हमला कर दिया था। इसके बाद बबली हत्याकांड व कईं अन्य मामले भी हुए।
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गौरतलब है कि जांच में 19 अगस्त को टूटा मोबाइल मिला तो जेल प्रशासन ही नहीं जिला पुलिस व सीआईए भी हरकत में आ गई। अब उसके द्वारा इन मोबाइल से की गई कॉल की डिटेल को खंगाला जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मोबाइल बरामद होने पर कृष्ण दादूपुर सहित चार आरोपियों पर मामला भी दर्ज कर लिया है। अन्य आरोपियों में राजेश उर्फ भूरिया वासी काकडोद जिला जींद, विशाल उर्फ़ लाडी वासी अमरगढ़ जिला व शमशेर सिंह उर्फ़ शेरा वासी चोला साहिब जिला तरनतारण पंजाब शामिल है। चारों आरोपियों को अदालत में सोमवार को पेश कर जेल भेज दिया गया।
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जेल अधीक्षक धर्मवीर सिंह के मुताबिक गैंगस्टर कृष्ण दादूपुर द्वारा मोबाइल प्रयोग करने का खुलासा उस समय हुआ जब उप जेल अधीक्षक के नेतृत्व में हर रोज की तरह कैदी व बंदियों की तलाशी ली जा रही थी। इसी दौरान ब्लाॅक नंबर चार के कमरा नंबर दो की 19 अगस्त को अचानक तलाशी ली गई तो शौचालय से एक टूटा हुआ मोबाइल बरामद हुआ। जांच से पता चला मोबाइल फ़ोन कृष्ण कुमार वासी दादुपुर जिला करनाल द्वारा प्रयोग किया गया। थाना शहर में मामला दर्ज कर जांच की तो बाद में मामले की जांच अपराध अन्वेषण शाखा-दो को दी गई, जिसमें पता चला है कि कृष्ण दादूपुर के केस में शामिल रहे एक व्यक्ति ने करनाल के प्योंत गांव के रहने वाले एक व्यक्ति के नाम से सिम लेकर उपलब्ध कराया था।
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जलती भट्ठी से पुलिस ने निकाला मोबाइल
शंका होने पर पुलिस जांच करने लगी तो उक्त आरोपियों ने एक मोबाइल को पुलिस के सामने ही एक दूसरे को पकड़ाते हुए जल रही कोयले की भट्टी में फेंक दिया। पुलिस ने उसे निकाला लेकिन तब तक मेल्ट हो चुका था। फिलहाल पुलिस ने यह भी जांच में शामिल किया है। वहीं दूसरे माेबाइल की भी कॉल डिटेल खंगाली गई तो अनेक बार विदेशों में भी की गई कॉल मिली।
पुलिस कर रही जांच : जेल अधीक्षक
जेल अधीक्षक धर्मवीर सिंह का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की तकनीकी रूप से जांच जिला पुलिस कर रही है। वहीं सीआईए प्रभारी मोहन लाल का कहना है कि अभी हर पहलू की जांच की जा रही है।
करीब तीन साल से कुरुक्षेत्र जेल में हैं गैंगस्टर कृष्ण दादूपुर
कृष्ण दादूपुर पहले करनाल जेल में बंद था, जहां गैंगवार होने की आशंका के चलते उसे करीब तीन साल पहले कुरुक्षेत्र जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। उसने वर्ष 2012 में अपराध की दुनिया में कदम रखा।
वह करनाल के गांव नलीपार के रहने वाले शराब ठेकेदार दिलबाग सिंह के साथ रहता था और उनकी गहरी दोस्ती थी। दिलबाग की हत्या कर दी गई थी, जिसके आरोप शराब ठेकेदार एवं अंजनथली के सरपंच सुरेश उर्फ बबली व उसके भाई नरेश पर लगे थे। दोस्त की हत्या का बदला लेने के लिए वह अपराध की दुनिया में कूद गया। नरेश करीब नौ माह तक जेल में रहा था लेकिन बाद में दिलबाग के परिजनों से समझौता होने पर वह छूट गया था। वह जश्न मनाते हुए गांव आया तो कृष्ण दादूपुर ने बदला लेने की ठानी और वर्ष 2013 में नरेश पर हमला कर दिया था। इसके बाद बबली हत्याकांड व कईं अन्य मामले भी हुए।