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इंश्योरेंस मैच्योरिटी की रकम दिलाने के नाम पर 22.4 लाख की ठगी, मास्टरमाइंड काबू
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गत माह इंश्योरेंस मैच्योरिटी के नाम पर 22.4 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने दो अन्य मास्टर माइंड आरोपियों को काबू किया है। आरोपियों के कब्जे से नौ मोबाइल, एक लैपटॉप, एक एटीएम कार्ड और 8.90 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी पुष्पेंद्र कुमार व गुलशन आनंद वासी नोएडा यूपी को अदालत में पेश करके कारागार भेज दिया है।
परमजीत सिंह वासी पाढलू ने 17 जून को शाहाबाद पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा था कि जुलाई 2021 में उसके पास एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले राज्यवर्धन रेडी ने खुद को इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी इंडिया का कर्मचारी बताया था। उसने बताया कि उसकी बहन दविंद्र कौर के नाम जीवन बीमा पॉलिसी है। उसकी इंश्योरेंस की मैच्योरिटी के 80 लाख रुपये दिला देगा। उसने उसे अपनी बातों में फंसा लिया और उसके पास अपना खाता नंबर भेजकर कुछ एडवांस फीस भेजने की मांग रखी ताकि इंश्योरेंस लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाए। इस तरह उसने उससे 22 लाख चार हजार रुपये ठग लिए थे। उसने न तो कोई इंश्योरेंस की मैच्योरिटी अमाउंट दिलाई और न ही उसकी रकम लौटाई थी। शिकायत पर मामला दर्ज करके जांच साइबर अपराध अन्वेषण शाखा को दी गई थी।
इस शाखा ने जांच करते हुए 24 जून को अमनदीप, स्वास्तिक व चंद्रकांत को गिरफ्तार करके अमनदीप सिंह के कब्जे से एक मोबाइल, एक एटीएम कार्ड व पांच हजार रुपये, आरोपी स्वास्तिक के कब्जे से एक मोबाइल, वारदात में इस्तेमाल एक एटीएम कार्ड व 10 हजार रुपये नकदी तथा आरोपी चंद्रकांत के कब्जे से दो मोबाइल बरामद किया था।
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अब पुलिस ने आरोपी चंद्रकांत की पहचान पर वारदात के मास्टर माइंड पुष्पेंद्र कुमार व गुलशन आनंद को गिरफ्तार किया है। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी पुष्पेंद्र कुमार के कब्जे से दो मोबाइल व चार लाख रुपये नकद तथा गुलशन आनंद के कब्जे से सात मोबाइल, एक एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप व 4.90 लाख रुपये बरामद करके आरोपियों को अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया है।
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परमजीत सिंह वासी पाढलू ने 17 जून को शाहाबाद पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा था कि जुलाई 2021 में उसके पास एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले राज्यवर्धन रेडी ने खुद को इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी इंडिया का कर्मचारी बताया था। उसने बताया कि उसकी बहन दविंद्र कौर के नाम जीवन बीमा पॉलिसी है। उसकी इंश्योरेंस की मैच्योरिटी के 80 लाख रुपये दिला देगा। उसने उसे अपनी बातों में फंसा लिया और उसके पास अपना खाता नंबर भेजकर कुछ एडवांस फीस भेजने की मांग रखी ताकि इंश्योरेंस लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाए। इस तरह उसने उससे 22 लाख चार हजार रुपये ठग लिए थे। उसने न तो कोई इंश्योरेंस की मैच्योरिटी अमाउंट दिलाई और न ही उसकी रकम लौटाई थी। शिकायत पर मामला दर्ज करके जांच साइबर अपराध अन्वेषण शाखा को दी गई थी।
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इस शाखा ने जांच करते हुए 24 जून को अमनदीप, स्वास्तिक व चंद्रकांत को गिरफ्तार करके अमनदीप सिंह के कब्जे से एक मोबाइल, एक एटीएम कार्ड व पांच हजार रुपये, आरोपी स्वास्तिक के कब्जे से एक मोबाइल, वारदात में इस्तेमाल एक एटीएम कार्ड व 10 हजार रुपये नकदी तथा आरोपी चंद्रकांत के कब्जे से दो मोबाइल बरामद किया था।
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अब पुलिस ने आरोपी चंद्रकांत की पहचान पर वारदात के मास्टर माइंड पुष्पेंद्र कुमार व गुलशन आनंद को गिरफ्तार किया है। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी पुष्पेंद्र कुमार के कब्जे से दो मोबाइल व चार लाख रुपये नकद तथा गुलशन आनंद के कब्जे से सात मोबाइल, एक एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप व 4.90 लाख रुपये बरामद करके आरोपियों को अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया है।