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Kurukshetra News: आयुष्मान कार्ड पर नहीं हो रहा इलाज, सरकारी अस्पताल में लग रहीं भीड़

Thu, 21 Aug 2025 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Thu, 21 Aug 2025 12:22 AM IST
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Treatment is not being done on Ayushman card, crowd is gathering in government hospital
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में दवा लेने के लाइन में लगे मरीज। संवाद - फोटो : आग बुझाने का प्र​शिक्षण लेते युवा।
कुरुक्षेत्र। आयुष्मान कार्ड पर 20 दिन से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा है। इलाज के लिए मरीजों को सरकारी अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ रहा है। अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ व सर्जन के मरीजों में वृद्धि हुई है। जिला नागरिक अस्पताल में 1400 से 1500 तक की ओपीडी पहुंच चुकी है।
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जिलेभर के सरकारी अस्पतालों में रोजाना करीब छह हजार मरीज इलाज लेने पहुंच रहे हैं लेकिन इलाज के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है। आयुष्मान कार्ड पर जिले के 35 पैनल अस्पतालों में रोजाना एक से डेढ़ हजार मरीज इलाज लेने पहुंचते थे जिनमें से 120 से 130 मरीजों के चिकित्सकों की ओर से ऑपरेशन किए जाते थे। अब तक करीब ढ़ाई हजार मरीजों के ऑपरेशन टल चुके हैं।
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जिले में बढ़ रहे हार्ट रोगी, एक भी विशेषज्ञ नहीं
जिलेभर में हार्ट रोगियों का ग्राफ दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। रोजाना 30 से 35 मरीज हार्ट संबंधी समस्या के आ रहे हैं। इनका निजी अस्पतालों में इलाज कर चिकित्सकों की ओर से स्टंट डाले जा रहे हैं लेकिन 20 दिन से आयुष्मान कार्ड बंद है। जिलेभर के सरकारी अस्पतालों में एक भी हार्ट विशेषज्ञ नहीं है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को स्टंट डलवाने की सुविधा नहीं मिल रही। मरीजों को मजबूरन डेढ़ से दो लाख रुपये खर्च कर इलाज कराना पड़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल से हार्ट के मरीजों को अंबाला रेफर किया जा रहा है।
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पैसे देकर कराया इलाज : कविता
कार्ड न चलने के कारण मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में पैसे देकर इलाज कराना पड़ रहा है। शहर वासी कविता ने बताया कि उनके पति को हार्ट की दिक्कत थी। निजी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड पर इलाज कराने गए तो अस्पताल में नकद पर ही स्टंट डाले गए। वहीं सेक्टर पांच वासी मनोज ने कहा कि उनके बेटे के साथ दुर्घटना हो गई। बेटे का आयुष्मान कार्ड था। इलाज की कैटेगरी आयुष्मान में आती थी लेकिन अस्पताल में कार्ड पर इलाज नहीं हुआ।


अस्पतालों का 20 करोड़ बकाया : डॉ. सुरेंद्र मेहता
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र मेहता का कहना है कि सरकार और आईएम के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है। हालांकि कुछ बजट भी जारी करने का आश्वासन दिया गया है लेकिन आईएमए की तरफ से हड़ताल बरकरार है। अस्पतालों के करीब 20 करोड़ रुपये सरकार पर बकाया हैं।

कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में दवा लेने के लाइन में लगे मरीज। संवाद

कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में दवा लेने के लाइन में लगे मरीज। संवाद- फोटो : आग बुझाने का प्रशिक्षण लेते युवा।

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