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पिपली-थर्ड गेट मार्ग पर रात में सफर, पिपली-थर्ड गेट मार्ग पर रात में सफर, जोखिम भरी डगर
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शहर की लाइफ लाइन पर पिपली-थर्ड गेट तक का सफर इन दिनों बेहद ज्यादा खतरनाक हो चुका है। सड़क की हालत खस्ता है। डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क उखड़ी हुई है और इससे धूल उड़ती रहती हैं। वहीं 10 मीटर के क्षेत्र में कई गहरे गड्ढे बने हुए हैं। जिससे वाहन चालकों के साथ राहगीरों को काफी परेशानी होती है। पिपली से थर्ड गेट तक सड़क पर करीब 250 लाइटें लगी हुई है, लेकिन रात में इनमें से 70 प्रतिशत लाइटें बंद रहती हैं। इसके अलावा सड़क पर 1
दो दिन पहले ही सेक्टर सात के मोड पर रात करीब नौ बजे सेक्टर वासी बाइक चालक युवक को लाइटें बंद होने के कारण सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं दिए। इससे वह डिवाइडर से टकराकर सड़क पर गिर गया और घायल हो गया। बंद लाइटों के कारण इस प्रकार के दो से तीन हादसे रोजाना हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा। अग्रसेन चौक से पिपली तक कई जगह इस समय सड़क निर्माण चल रहा है, बावजूद इसके यहां की लाइटें पिछले कई दिनों से लगातार बंद हैं। इसी प्रकार थर्ड गेट से देवी लाल चौक तक कई जगह लाइटें बंद रहती हैं। वहीं देवी लाल चौक से लेकर कमानी चौक तक सभी लाइटें बंद रहती हैं। ऐसा ही हाल झांसा रोड का भी है।
बेसहारा गोवंश भी बन रहा हादसों का कारण
लाइटें बंद पड़ी हैं और लावारिस गोवंश भी इसी सड़क पर डेरा जमा हुए है। इससे अक्सर हादसे होते रहते हैं। पशुओं से संबंधित इस समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। नौ किलोमीटर की सड़क पर 50 से 60 बेसहारा गोवंश डेरा जमाए हुए है। कई गोवंश को काले रंग के होने के कारण अंधेरे में नजर ही नहीं आते, जिस कारण वाहन इनसे टकरा जाते हैं।
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निर्माणाधीन सड़क के तो हाल बेहाल
पिपली से कुरुक्षेत्र में प्रवेश करते ही सेक्टर सात के मोड तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क उखड़ी हुई है। यहां उड़ती धूल के कारण दिन में ही लोगों को सामने जा रहा वाहन नहीं दिखाई देता रात में लाइटें बंद रहने से यहां क्या हालात होते होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इस डेढ़ किमी सड़क पर रोजाना चार हादसे तो हो ही रहे हैं।
बॉक्स
नए बस अड्डे के सामने हालात सबसे ज्यादा खराब
पिपली से थर्ड गेट सड़क पर सबसे ज्यादा खराब हालात नए बस अड्डे के सामने हैं। सड़क पर 10 से 15 बड़े बड़े गड्ढे हैं। सवारियों से भरी बस जब भी अड्डे से बाहर निकलती है तो हादसा होने का डर बना रहता है। जाम लगे रहना तो यहां आम बात है। वहीं सड़क खराब होने से वाहन चालकों को भी काफी परेशानी होती है।
बॉक्स
लाइटों की केबल टूट जाने से हो जाती हैं बंद: आरएस पंवार
थर्ड गेट से पिपली तक सड़क के डिवाइडर के नीचे दबी केबल के कट जाने के कारण लाइटें बंद हो जाती हैं। एक-दो बार उन्होंने केबल को जोड़ा भी और लाइटें फिर से जलनी शुरू भी हुई, लेकिन कुछ समय बाद केबल फिस से कटा गई। इसके अलावा नाले के निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी की खुदाई में केबल कट जाने की वजह से भी कुछ लाइटें बंद हो जाती हैं।
आरएस पवार, पीडब्ल्यूडी डिवीजन-1, एसडीओ
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दो दिन पहले ही सेक्टर सात के मोड पर रात करीब नौ बजे सेक्टर वासी बाइक चालक युवक को लाइटें बंद होने के कारण सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं दिए। इससे वह डिवाइडर से टकराकर सड़क पर गिर गया और घायल हो गया। बंद लाइटों के कारण इस प्रकार के दो से तीन हादसे रोजाना हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा। अग्रसेन चौक से पिपली तक कई जगह इस समय सड़क निर्माण चल रहा है, बावजूद इसके यहां की लाइटें पिछले कई दिनों से लगातार बंद हैं। इसी प्रकार थर्ड गेट से देवी लाल चौक तक कई जगह लाइटें बंद रहती हैं। वहीं देवी लाल चौक से लेकर कमानी चौक तक सभी लाइटें बंद रहती हैं। ऐसा ही हाल झांसा रोड का भी है।
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बेसहारा गोवंश भी बन रहा हादसों का कारण
लाइटें बंद पड़ी हैं और लावारिस गोवंश भी इसी सड़क पर डेरा जमा हुए है। इससे अक्सर हादसे होते रहते हैं। पशुओं से संबंधित इस समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। नौ किलोमीटर की सड़क पर 50 से 60 बेसहारा गोवंश डेरा जमाए हुए है। कई गोवंश को काले रंग के होने के कारण अंधेरे में नजर ही नहीं आते, जिस कारण वाहन इनसे टकरा जाते हैं।
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निर्माणाधीन सड़क के तो हाल बेहाल
पिपली से कुरुक्षेत्र में प्रवेश करते ही सेक्टर सात के मोड तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क उखड़ी हुई है। यहां उड़ती धूल के कारण दिन में ही लोगों को सामने जा रहा वाहन नहीं दिखाई देता रात में लाइटें बंद रहने से यहां क्या हालात होते होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इस डेढ़ किमी सड़क पर रोजाना चार हादसे तो हो ही रहे हैं।
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नए बस अड्डे के सामने हालात सबसे ज्यादा खराब
पिपली से थर्ड गेट सड़क पर सबसे ज्यादा खराब हालात नए बस अड्डे के सामने हैं। सड़क पर 10 से 15 बड़े बड़े गड्ढे हैं। सवारियों से भरी बस जब भी अड्डे से बाहर निकलती है तो हादसा होने का डर बना रहता है। जाम लगे रहना तो यहां आम बात है। वहीं सड़क खराब होने से वाहन चालकों को भी काफी परेशानी होती है।
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लाइटों की केबल टूट जाने से हो जाती हैं बंद: आरएस पंवार
थर्ड गेट से पिपली तक सड़क के डिवाइडर के नीचे दबी केबल के कट जाने के कारण लाइटें बंद हो जाती हैं। एक-दो बार उन्होंने केबल को जोड़ा भी और लाइटें फिर से जलनी शुरू भी हुई, लेकिन कुछ समय बाद केबल फिस से कटा गई। इसके अलावा नाले के निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी की खुदाई में केबल कट जाने की वजह से भी कुछ लाइटें बंद हो जाती हैं।
आरएस पवार, पीडब्ल्यूडी डिवीजन-1, एसडीओ