{"_id":"6770594f3556e54fb70ac864","slug":"to-immediately-report-cyber-financial-fraud-dial-1930-kurukshetra-news-c-45-1-sknl1005-129110-2024-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल सूचना देने के लिए डायल करें 1930","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल सूचना देने के लिए डायल करें 1930
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। सोशल मीडिया के दौर में बढ़ते साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को ध्यान में रखते जिला वासियों से अपील करते हुए उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि ऐसे मामलों की तत्काल सूचना देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क सकते हैं।
पिछले कुछ वर्षों से लोगों में ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते क्रेज के कारण अक्सर लोग सोशल मीडिया पर बंपर डिस्काउंट, लॉटरी या फिर इनामी विज्ञापनों के झांसे में आ जाते हैं। ऐसे में पहले यह सुनिश्चित कर लें कि इस्तेमाल की जा रही वेबसाइट सुरक्षित है या नहीं। अगर संभव है तो कोशिश करें कि ऑनलाइन साइट्स से सामान मंगवाते समय कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुने, ताकि आपकी बैंक और कार्ड डिटेल साइबर अपराधियों के हाथ न लग सके।
उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि यदि फिर भी किन्हीं कारणों से आपके साथ किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो आप सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें और अपनी शिकायत को साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज करें। युवाओं से अपील की है कि वे साइबर अपराधों से सावधान रहें और अपने परिवार के सदस्यों को भी जागरूक करें। साइबर फ्रॉड की सूचना के लिए 155260 हेल्पलाइन की सुविधा प्रदान की गई थी, लेकिन अब केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा उपरोक्त नंबर की जगह 1930 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
विज्ञापन
साइबर धोखाधड़ी जैसे अपराध की रिपोर्ट करने के लिए पुलिस स्टेशन जाकर पारंपरिक तरीके से एफआईआर करवाना व उसकी जांच होना एक लंबी प्रक्रिया है। ऐसे में तुरंत कार्रवाई के लिए हेल्पलाइन का विकल्प सबसे सर्वोत्तम माध्यम है। ऐसे मामलों की जितनी जल्दी सूचना दी जाए, उतना ही बढि़या ताकि आगे की ट्रांजेक्शन को रोकने के लिए पीड़ित को त्वरित सहायता प्रदान की जाए।
विज्ञापन
पिछले कुछ वर्षों से लोगों में ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते क्रेज के कारण अक्सर लोग सोशल मीडिया पर बंपर डिस्काउंट, लॉटरी या फिर इनामी विज्ञापनों के झांसे में आ जाते हैं। ऐसे में पहले यह सुनिश्चित कर लें कि इस्तेमाल की जा रही वेबसाइट सुरक्षित है या नहीं। अगर संभव है तो कोशिश करें कि ऑनलाइन साइट्स से सामान मंगवाते समय कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुने, ताकि आपकी बैंक और कार्ड डिटेल साइबर अपराधियों के हाथ न लग सके।
विज्ञापन
उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि यदि फिर भी किन्हीं कारणों से आपके साथ किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो आप सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें और अपनी शिकायत को साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज करें। युवाओं से अपील की है कि वे साइबर अपराधों से सावधान रहें और अपने परिवार के सदस्यों को भी जागरूक करें। साइबर फ्रॉड की सूचना के लिए 155260 हेल्पलाइन की सुविधा प्रदान की गई थी, लेकिन अब केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा उपरोक्त नंबर की जगह 1930 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
विज्ञापन
साइबर धोखाधड़ी जैसे अपराध की रिपोर्ट करने के लिए पुलिस स्टेशन जाकर पारंपरिक तरीके से एफआईआर करवाना व उसकी जांच होना एक लंबी प्रक्रिया है। ऐसे में तुरंत कार्रवाई के लिए हेल्पलाइन का विकल्प सबसे सर्वोत्तम माध्यम है। ऐसे मामलों की जितनी जल्दी सूचना दी जाए, उतना ही बढि़या ताकि आगे की ट्रांजेक्शन को रोकने के लिए पीड़ित को त्वरित सहायता प्रदान की जाए।