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Kurukshetra News: पंजाब सीमा पर कड़ा पहरा, किसानों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम
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कुरुक्षेत्र। ट्यूकर बॉर्डर पर तैनात किए गए इंतजाम और तैनात अर्द्ध सैनिक बल।
कुरुक्षेत्र/पिहोवा/ इस्माईलाबाद। पंजाब के साथ लगती सीमा पर पिहोवा व इस्माईलाबाद में वीरवार को किसानों की ओर से किसी प्रकार की हलचल नहीं हुई, लेकिन पुलिस व सेना के जवानों का कड़ा पहरा रहा। दिल्ली कूच से किसानों को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से बंदोबस्त और भी कड़े किए गए हैं तो वहीं जवान हर पल अलर्ट मोड पर है, जिसके साथ ही किसानों ही हर गतिविधि पर नजरें रखी गईं। जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा से लेकर एसपी एसएस भौरिया व अन्य अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। उधर भाकियू चढूनी गुट के किसान आंदोलन के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग 152 के थाना टोल प्लाजा और सैनी माजरा पर एकत्रित होंगे। इस फैसले से ट्यूकर बॉर्डर पर भी तनाव की स्थिति बन सकती है, क्योंकि चढूनी गुट के कई किसान कार्यकर्ता पंजाब सीमा से सटे कई गांव से टोल फ्री में हिस्सा ले सकते हैं। ऐसे में प्रशासन भी सतर्क है।
पंजाब से सटे पिहोवा-पटियाला मार्ग पर ट्यूकर बॉर्डर पर किसानों के दिल्ली कूच का कोई असर दिखाई नहीं दिया। तीसरे दिन भी मारकंडा पुल पर किसान संगठन की ओर से कोई हलचल नहीं हुई। सीमा पार इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। हालांकि पुलिस और अर्ध सैनिक बल के जवान मोर्चे पर डटे रहे। डीएसपी रजत गुलिया, थाना सदर पिहोवा और मजिस्ट्रेट तहसीलदार प्रियंका भी मौके पर मौजूद रहे। बॉर्डर पार के लिए दिनभर राहगीरों का आना-जाना लगा रहा, मगर उन्हें भी पैदल ही बॉर्डर पार करना पड़ा। इसके अलावा वाहन चालक हरियाणा और पंजाब में प्रवेश करने के लिए जखवाला से बुधमर लिंक रोड का इस्तेमाल करते रहे। हालांकि इस सब के बीच में आसपास के दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज की बस यात्रियों को ट्यूकर बस अड्डे तक पहुंचा रही है, उसके बाद उनको करीब दो किलोमीटर तक पैदल ही बॉर्डर पार करना पड़ा रहा है। बॉर्डर पार जाने और आने वालों पर भी पुलिस की निगाह बनी हुई है।
अधोया और कुम्हार माजरा पर भी सुरक्षा व्यवस्था चौकस
जिले के पंजाब सीमा से सटे इस्माईलाबाद क्षेत्र के अधोया और कुम्हार माजरा बार्डर पर भी सुरक्षा व्यवस्था चौकस रही। हालांकि यहां भी किसानों कोई हलचल सामने नहीं आई, लेकिन किसानों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों के प्रबंध लगातार पुख्ता किए जाते रहे। आसपास के गांव के लोग जरूर बॉर्डर से आना-जाना करते रहे। बता दें मंगलवार को करीब चार घंटे तक ट्यूकर बॉर्डर पर प्रशासन और किसानों के बीच तनावपूर्ण हालात बने थे।
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पंजाब से सटे पिहोवा-पटियाला मार्ग पर ट्यूकर बॉर्डर पर किसानों के दिल्ली कूच का कोई असर दिखाई नहीं दिया। तीसरे दिन भी मारकंडा पुल पर किसान संगठन की ओर से कोई हलचल नहीं हुई। सीमा पार इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। हालांकि पुलिस और अर्ध सैनिक बल के जवान मोर्चे पर डटे रहे। डीएसपी रजत गुलिया, थाना सदर पिहोवा और मजिस्ट्रेट तहसीलदार प्रियंका भी मौके पर मौजूद रहे। बॉर्डर पार के लिए दिनभर राहगीरों का आना-जाना लगा रहा, मगर उन्हें भी पैदल ही बॉर्डर पार करना पड़ा। इसके अलावा वाहन चालक हरियाणा और पंजाब में प्रवेश करने के लिए जखवाला से बुधमर लिंक रोड का इस्तेमाल करते रहे। हालांकि इस सब के बीच में आसपास के दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज की बस यात्रियों को ट्यूकर बस अड्डे तक पहुंचा रही है, उसके बाद उनको करीब दो किलोमीटर तक पैदल ही बॉर्डर पार करना पड़ा रहा है। बॉर्डर पार जाने और आने वालों पर भी पुलिस की निगाह बनी हुई है।
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अधोया और कुम्हार माजरा पर भी सुरक्षा व्यवस्था चौकस
जिले के पंजाब सीमा से सटे इस्माईलाबाद क्षेत्र के अधोया और कुम्हार माजरा बार्डर पर भी सुरक्षा व्यवस्था चौकस रही। हालांकि यहां भी किसानों कोई हलचल सामने नहीं आई, लेकिन किसानों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों के प्रबंध लगातार पुख्ता किए जाते रहे। आसपास के गांव के लोग जरूर बॉर्डर से आना-जाना करते रहे। बता दें मंगलवार को करीब चार घंटे तक ट्यूकर बॉर्डर पर प्रशासन और किसानों के बीच तनावपूर्ण हालात बने थे।

कुरुक्षेत्र। ट्यूकर बॉर्डर पर तैनात किए गए इंतजाम और तैनात अर्द्ध सैनिक बल।
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