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तीन हजार कलाकार 31 विधाओं में बांधेंगे समां
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का श्रीकृष्ण द्वार। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से रत्नावली समारोह 28 से 31 अक्तूबर को आयोजित किया जाएगा। समारोह में हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों के तीन हजार से अधिक कलाकार 31 विधाओं में प्रस्तुतियां देंगे। यह जानकारी केयू के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने दी।
उन्होेंने बताया कि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने रत्नावली समारोह आयोजित करने के लिए संस्तुति प्रदान की है। समारोह में हरियाणवी लोक नृत्य, आरकेस्ट्रा, लघु हास्य नाटिका, हरियाणवी नाटक, गजल, लोकगीत, भजन, रागिनी, लोकविनोद, एकल वाद्य, हरियाणवी भाषण, चित्रकला, हरियाणवी लोक परिधान, एकल नृत्य महिला एवं पुरुष, सामूहिक लोकगीत गायन, हरियाणवी कविता, सांग, चौपाल, रसिया नृत्य, हरियाणवी प्रश्नोत्तरी, हरियाणवी लोकजीवन पर आधारित प्रश्नोत्तर, पगड़ी बंधाई, रीति-रिवाज, हरियाणवी कोरियोग्राफी आदि अनेक विद्याओं का आयोजन किया जाएगा।
रत्नावली समारोह में हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों के कलाकारों को निमंत्रण भेजे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 31 विधाओं में हरियाणा के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही हरियाणा की हस्तकला प्रदर्शनी, चित्रकला प्रदर्शनी, लूर नृत्य की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय एवं कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा लूर नृत्य का ब्रोशर पहले ही जारी कर चुके हैं। लूर नृत्य हरियाणवी लोक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। वर्तमान में यह लुप्त हो चला है।
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विद्यार्थियों की टीम संभालेगी आयोजन की कमान
डॉ. पूनिया ने बताया कि रत्नावली समारोह छात्रों के लिए कार्यशाला है। रत्नावली के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के सभी विभागों से इच्छुक छात्र-छात्राओं को रत्नावली टीम का हिस्सा बनने के लिए सूचना जारी की गई है। रत्नावली छात्र-छात्राओं की टीम ही रत्नावली के आयोजन की पूरी कमान संभालेगी।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से रत्नावली समारोह 28 से 31 अक्तूबर को आयोजित किया जाएगा। समारोह में हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों के तीन हजार से अधिक कलाकार 31 विधाओं में प्रस्तुतियां देंगे। यह जानकारी केयू के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने दी।
उन्होेंने बताया कि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने रत्नावली समारोह आयोजित करने के लिए संस्तुति प्रदान की है। समारोह में हरियाणवी लोक नृत्य, आरकेस्ट्रा, लघु हास्य नाटिका, हरियाणवी नाटक, गजल, लोकगीत, भजन, रागिनी, लोकविनोद, एकल वाद्य, हरियाणवी भाषण, चित्रकला, हरियाणवी लोक परिधान, एकल नृत्य महिला एवं पुरुष, सामूहिक लोकगीत गायन, हरियाणवी कविता, सांग, चौपाल, रसिया नृत्य, हरियाणवी प्रश्नोत्तरी, हरियाणवी लोकजीवन पर आधारित प्रश्नोत्तर, पगड़ी बंधाई, रीति-रिवाज, हरियाणवी कोरियोग्राफी आदि अनेक विद्याओं का आयोजन किया जाएगा।
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रत्नावली समारोह में हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों के कलाकारों को निमंत्रण भेजे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 31 विधाओं में हरियाणा के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही हरियाणा की हस्तकला प्रदर्शनी, चित्रकला प्रदर्शनी, लूर नृत्य की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय एवं कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा लूर नृत्य का ब्रोशर पहले ही जारी कर चुके हैं। लूर नृत्य हरियाणवी लोक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। वर्तमान में यह लुप्त हो चला है।
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विद्यार्थियों की टीम संभालेगी आयोजन की कमान
डॉ. पूनिया ने बताया कि रत्नावली समारोह छात्रों के लिए कार्यशाला है। रत्नावली के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के सभी विभागों से इच्छुक छात्र-छात्राओं को रत्नावली टीम का हिस्सा बनने के लिए सूचना जारी की गई है। रत्नावली छात्र-छात्राओं की टीम ही रत्नावली के आयोजन की पूरी कमान संभालेगी।