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लापरवाही : रोजाना बर्बाद हो रहा हजारों लीटर पानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Mar 2021 01:07 AM IST
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thousand letar water waste in kurukshetra
कुरुक्षेत्र।ब्रह्मसरोवर के वीवीआईपी घाट पर बने नए टॉयलेट ब्लॉक के ऊपर छत के हालात फोटो नंबर 1 - फोटो : Kurukshetra
एक और जहां केंद्र व राज्य सरकार पानी बचाने का लगातार आह्वान करते हुए जल संरक्षण को लेकर विभिन्न अभियान चलाए हुए हैं। वहीं धर्मनगरी के प्रमुख धार्मिक स्थल ब्रह्मसरोवर में केडीबी की लापरवाही से रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। ब्रह्मसरोवर पर बनाए गए टॉयलेट ब्लॉक की टॉयलट टैंकों से लगातार पानी व्यर्थ बह रहा है। मगर केडीबी प्रशासन इसकी बिल्कुल भी सुध नहीं ले रहा है। इस बहते पानी की वजह से क्षेत्र में कई और परेशानियां भी बढ़ रही हैं।
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भारत सरकार ने कृष्णा सर्किट के तहत कुरुक्षेत्र के तीर्थों के लिये पांच साल पहले 100 करोड़ की राशि जारी की थी। इस राशि से कुरुक्षेत्र के तीर्थों पर अनेक विकास कार्यों हुए। इसी ग्रांट से 6 करोड़ से अधिक राशि ब्रह्मसरोवर पर बनाए गये टॉयलेट ब्लॉक पर भी खर्च की गई है। एक साल पहले ही बनकर तैयार हुए इनमें अधिकांश टॉयलेट ब्लॉक की मौजूदा हालत क्या है ? इससे पहले यहां इनकी छतों की हालत और इन पर रखे अधिकांश पानी के टैंकों पर अगर गौर करेंगे तो हकीकत सामने होगी।
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दरअसल, अधिकांश टॉयलेट ब्लाक के वाटर टैंक से रोजाना हजारों लीटर पानी सुबह से लेकर रात तक व्यर्थ बहता है, जोकि छत पर जमा होने के साथ रिसकर ब्रह्मसरोवर की परिक्रमा, दीवारों और सड़कों तक पहुंचता है। इस व्यवस्था की निगरानी करने वाले अधिकारियों की लापरवाही की वजह से न केवल जल बर्बाद हो रहा है, बल्कि छत, दीवारें, रंग रोगन, सड़कों कारपेटिंग तक क्षति पहुंच रही है। अधिकांश दीवारों और लेंटर में सीलन आ चुकी है। तमाम संसाधनों के साथ जल की बर्बादी ये तब हो रही है, जब कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में जल को जीवन के साथ आस्था का प्रतीक और विकास की धारा बताया था।
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एक दिन पहले चेता चुके हैं सरकार के मुख्य सचिव
एक दिन पहले ही हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव विजय वर्धन ने सभी विभागों के प्रशासनिक सचिवों तथा जिला उपायुक्तों को वीडियो कांफ्रेंसिंग से निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जल संरक्षण के लिए विश्व जल दिवस के अवसर पर 22 मार्च से आरंभ किए जा रहे ‘कैच द रेन जैसे देशव्यापी अभियान के क्रियान्वयन की कार्य योजना तैयार करें।
22 मार्च को मोदी जिन राज्यों में चुनाव नहीं है उनके जिला मजिस्ट्रेटों व सरपंचों को संबोधित कर जल संरक्षण के प्रति सामाजिक चेतना जागृत करेंगे। वहीं, हर जिले में जिला जल केंद्र स्थापित किया जाएगा और सभी सरकारी भवनों की छतों पर रूफ टॉप वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम प्रणाली लगाई जाएगी, इससे बारिश के पानी का भंडारण कर इसका उपयोग होगा।
जन स्वास्थ्य विभाग भी पीछे नहीं
जल बचाओ-जीवन बचाओ और ब्रह्मसरोवर की व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें...जैसे दिशा निर्देशों के अनेक साइन बोर्ड यहां लगे हैं। मगर अधिकारिक रूप से जिन कंधों पर व्यवस्था का जिम्मा है, वे लापरवाही बरत रहे हैं। इनमें केडीबी के साथ जलापूर्ति कराने वाला महकमा जन स्वास्थ्य विभाग भी पीछे नहीं है। बौध स्तूप से सटे केडीबी के स्टोर के साथ इस विभाग का जलघर है। इसके ऊपर मोटे-मोटे अक्षरों में लिखा है। जल बचाओ- जीवन बचाओ, मगर नीचे लगा नल महीनों से खराब है, जहां से अब तक हजारों लीटर लाखों लीटर बर्बाद हो चुका है।

यहां हो रहा है सबसे ज्यादा जल बर्बाद
इनमें वीवीआईपी घाट के साथ टॉयलेट ब्लॉक की छत पर बने वाटर टैंक
केडीबी आफिस के ठीक सामने दुर्गा मंदिर के साथ बने टॉयलेट ब्लॉक की छत के वाटर टैंक
तिरुपति मंदिर की ओर ब्रह्मसरोवर परिक्रमा में बने टॉयलेट ब्लॉक के छत के वाटर टैंक
मेला ग्राउंड में लगे अधिकांश नल खराब शामिल हैं, जहां सबसे ज्यादा जल बर्बादी हो रही है।
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अफसर बोले...
केडीबी के चीफ एग्जीक्यूटिव अफसर अनुभव मेहता का कहना है कि संपदा प्रबंध को इस संदर्भ में सख्ती से निगरानी के लिए कहा गया है। वहीं जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन अरविंद रोहिला का कहना है कि इस तरह से पानी की बर्बादी गलत है। इस संदर्भ में उचित कार्रवाई की जाएगी।
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