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सिखों के मान-सम्मान से नहीं होगा कोई समझौता : मनजिंदर सिंह
Tue, 02 Jul 2024 07:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 02 Jul 2024 07:23 AM IST
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमैंट कमेटी के सदस्यों ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सिख कौम का विश्व भर में एक विशेष रुतबा है। सिख कौम ने अपना जो वर्चस्व बनाया है, वह गुरु साहिबान की अपार कृपा और सिखों की मेहनत है। उन्होंने हरियाणा कमेटी के पदाधिकारियों एवं उनके साथ पहुंची सिख संगत को विश्वास दिलाया कि सिखों के मान-सम्मान के साथ किसी भी प्रकार से समझौता नहीं किया जाएगा।
अब से पहले देश भर में सबसे अधिक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस ने शुरु से ही सिखों पर अत्याचार किए लेकिन भाजपा हमेशा सिख कौम को साथ लेकर चली है। भविष्य में भी भाजपा सिख कौम के हित में कल्याणकारी योजनाएं चलाने के साथ-साथ उनकी जायज मांगों को पूरा करेगी।
प्रधान जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने बताया कि दिल्ली में हुई बैठक के दौरान प्रदेश के सिखों के धार्मिक मसलों को उठाया गया। जहां एक ओर बंदी सिखों की रिहाई करवाने की मांग उठाई तो वहीं राजनीतिक स्तर पर सिखों का बनता हक भी देने की आवाज को बुलंद किया गया। संस्था की ओर से धार्मिक मसलों पर चर्चा की गई और राजनीतिक हक की भी बात की गई। मांग की गई है कि प्रदेश में सिख बाहुल्य सीटों पर हरियाणा विधानसभा चुनाव में टिकट दी जाए।
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प्रवक्ता कवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि सिखों की मातृभाषा को प्रदेश में दूसरी भाषा का दर्ज देने का दावा तो समय-समय पर सरकारों ने किया है। लेकिन धरातल स्तर पर इसे अमलीजामा पहनाने के लिए किसी भी सरकार ने कदम नहीं उठाया। इस मौके पर संस्था की कनिष्ठ उपप्रधान बीबी रविंदर कौर अजराना, महासचिव सुखविंदर सिंह मंडेबर आदि मौजूद रहे।
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अब से पहले देश भर में सबसे अधिक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस ने शुरु से ही सिखों पर अत्याचार किए लेकिन भाजपा हमेशा सिख कौम को साथ लेकर चली है। भविष्य में भी भाजपा सिख कौम के हित में कल्याणकारी योजनाएं चलाने के साथ-साथ उनकी जायज मांगों को पूरा करेगी।
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प्रधान जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने बताया कि दिल्ली में हुई बैठक के दौरान प्रदेश के सिखों के धार्मिक मसलों को उठाया गया। जहां एक ओर बंदी सिखों की रिहाई करवाने की मांग उठाई तो वहीं राजनीतिक स्तर पर सिखों का बनता हक भी देने की आवाज को बुलंद किया गया। संस्था की ओर से धार्मिक मसलों पर चर्चा की गई और राजनीतिक हक की भी बात की गई। मांग की गई है कि प्रदेश में सिख बाहुल्य सीटों पर हरियाणा विधानसभा चुनाव में टिकट दी जाए।
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प्रवक्ता कवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि सिखों की मातृभाषा को प्रदेश में दूसरी भाषा का दर्ज देने का दावा तो समय-समय पर सरकारों ने किया है। लेकिन धरातल स्तर पर इसे अमलीजामा पहनाने के लिए किसी भी सरकार ने कदम नहीं उठाया। इस मौके पर संस्था की कनिष्ठ उपप्रधान बीबी रविंदर कौर अजराना, महासचिव सुखविंदर सिंह मंडेबर आदि मौजूद रहे।