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अनाज मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद का कार्य आज से शुरू, व्यवस्था लचर
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कुरुक्षेत्र। अनाज मंडी थानेसर के दूसरे गेट पर पैचवर्क के लिए सड़क की सफाई करता मजदूर।
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। अनाज मंडियों में आज से गेहूं खरीद का कार्य आरंभ होगा। खरीद को लेकर प्रशासन पुख्ता इंतजाम के दावे कर रहा है, मगर मंडियों में अब तक व्यवस्था लचर ही है। इस संबंध में थानेसर की अनाज मंडी का जायजा लिया तो मंडी में जगह-जगह गंदगी पसरी मिली है। मंडी की सड़कों की हालत बेहद खस्ता है। सड़क पर जगह-जगह पर गड्ढे बने हुए हैं। अभी तक आढ़तियों को बारदाना तक नहीं मिल पाया है।
वीरवार थानेसर की अनाज मंडी का जायजा लिया तो वहां हालात कुछ बेहतर नहीं नजर आए। मंडी के दूसरे गेट से प्रवेश किया तो एक कर्मी सड़क को झाड़ूू से साफ करता दिखा, क्योंकि इस सड़क को पैचवर्क की दरकार थी। इस गेट से दूसरे गेट तक पूरी सड़क पर पैचवर्क होना बाकी है। हालांकि गेट नंबर से मार्केट कमेटी कार्यालय तक सड़क की मरम्मत कर दी गई है, लेकिन अभी भी आधी से ज्यादा मंडी में सड़क की स्थिति खराब बनी है।
गेहूं खरीद शुक्रवार से शुरू होने जा रही है। अभी तक मंडी में साफ सफाई का कार्य भी नहीं हुआ है। मंडी के फड़ पर जगह-जगह पिछले सीजन के फसल अवशेष पड़े हुए हैं। यहां अभी तक लेबर भी नहीं पहुंची है। आढ़तियों का कहना है कि मंडी में गेहूं की आवक प्रारंभ हो चुकी है। बुधवार को मंडी में गेहूं की आवक पहुंची थी, मगर अभी तक उनको प्रशासन की ओर से बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया है। किसानों का कहना है कि अभी गेहूं की फसल को पकने में समय है, जिसमें एक सप्ताह भी लग सकता है। उसके बाद गेहूं की कटाई का काम शुरू होगा। गेहूं का सरकारी रेट 2015 रुपये तय किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 40 रुपये अधिक है। किसान बेमौसमी बारिश से खराब हुए फसल पर मुआवजा न मिलने पर बोनस की मांग कर रहे हैं।
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डीसी ने किया मंडी का निरीक्षण,
डीसी मुकुल कुमार ने दोपहर को पिहोवा की अनाज मंडी का निरीक्षण किया। डीसी ने एसडीएम समेत संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान मंडी में मिली खामियों को दूर करने के आदेश दिए। कहा कि खरीद का कार्य खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन और भारतीय खाद्य निगम द्वारा किया जाएगा।
न हुई गिरदावरी और न मिला मुआवजा : रूपिंद्र सिंह
गांव समाना बाहु के किसान रूपिंद्र सिंह ने बताया कि उसने 12 एकड़ में गेहूं की फसल उगाई है। पिछले हुई बेमौसमी बारिश से फसल को काफी नुकसान हुआ। शिकायत के बाद अधिकारियों ने खराब फसल की गिरदावरी तक नहीं कराई, मुआवजा देना तो दूर की बात है। सरकार फसल पर बोनस देकर किसानों के नुकसान की भरपाई कर सकती है।
नहीं मिला बारदाना और न पहुंची लेबर : दौलत राम,
नई अनाज मंडी थानेसर के पूर्व प्रधान दौलत राम बंसल ने बताया कि एक अप्रैल से सीजन तो शुरू हो रहा है, मगर अभी तक आढ़तियों को बारदाना भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। सीजन में मदद करने वाली लेबर भी अभी तक नहीं पहुंची है, जबकि मंडी में गेहूं की एक ढेरी बिकने के लिए पहुंच भी चुकी है। अभी तक मंडी में खरीद को लेकर तैयारियां मुकम्मल नहीं की गई है।
किसान अपने चुने समय पर लाए फसल : डीसी
डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में फसल लाने के लिए समय स्वयं निर्धारित करने की व्यवस्था ई-खरीद सॉफ्टवेयर में की गई है। अब किसानों को चाहिए कि वे अपने द्वारा चुने गए समय के अनुसार ही मंडियों में अपनी फसल लेकर पहुंचे ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। सरकार के निर्णय अनुसार गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होकर 15 मई तक चलेगी। खरीद प्रक्रिया के दौरान मंडियां में आने वाले किसानों को कोई भी परेशानी न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जाएगी।
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वीरवार थानेसर की अनाज मंडी का जायजा लिया तो वहां हालात कुछ बेहतर नहीं नजर आए। मंडी के दूसरे गेट से प्रवेश किया तो एक कर्मी सड़क को झाड़ूू से साफ करता दिखा, क्योंकि इस सड़क को पैचवर्क की दरकार थी। इस गेट से दूसरे गेट तक पूरी सड़क पर पैचवर्क होना बाकी है। हालांकि गेट नंबर से मार्केट कमेटी कार्यालय तक सड़क की मरम्मत कर दी गई है, लेकिन अभी भी आधी से ज्यादा मंडी में सड़क की स्थिति खराब बनी है।
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गेहूं खरीद शुक्रवार से शुरू होने जा रही है। अभी तक मंडी में साफ सफाई का कार्य भी नहीं हुआ है। मंडी के फड़ पर जगह-जगह पिछले सीजन के फसल अवशेष पड़े हुए हैं। यहां अभी तक लेबर भी नहीं पहुंची है। आढ़तियों का कहना है कि मंडी में गेहूं की आवक प्रारंभ हो चुकी है। बुधवार को मंडी में गेहूं की आवक पहुंची थी, मगर अभी तक उनको प्रशासन की ओर से बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया है। किसानों का कहना है कि अभी गेहूं की फसल को पकने में समय है, जिसमें एक सप्ताह भी लग सकता है। उसके बाद गेहूं की कटाई का काम शुरू होगा। गेहूं का सरकारी रेट 2015 रुपये तय किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 40 रुपये अधिक है। किसान बेमौसमी बारिश से खराब हुए फसल पर मुआवजा न मिलने पर बोनस की मांग कर रहे हैं।
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डीसी ने किया मंडी का निरीक्षण,
डीसी मुकुल कुमार ने दोपहर को पिहोवा की अनाज मंडी का निरीक्षण किया। डीसी ने एसडीएम समेत संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान मंडी में मिली खामियों को दूर करने के आदेश दिए। कहा कि खरीद का कार्य खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन और भारतीय खाद्य निगम द्वारा किया जाएगा।
न हुई गिरदावरी और न मिला मुआवजा : रूपिंद्र सिंह
गांव समाना बाहु के किसान रूपिंद्र सिंह ने बताया कि उसने 12 एकड़ में गेहूं की फसल उगाई है। पिछले हुई बेमौसमी बारिश से फसल को काफी नुकसान हुआ। शिकायत के बाद अधिकारियों ने खराब फसल की गिरदावरी तक नहीं कराई, मुआवजा देना तो दूर की बात है। सरकार फसल पर बोनस देकर किसानों के नुकसान की भरपाई कर सकती है।
नहीं मिला बारदाना और न पहुंची लेबर : दौलत राम,
नई अनाज मंडी थानेसर के पूर्व प्रधान दौलत राम बंसल ने बताया कि एक अप्रैल से सीजन तो शुरू हो रहा है, मगर अभी तक आढ़तियों को बारदाना भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। सीजन में मदद करने वाली लेबर भी अभी तक नहीं पहुंची है, जबकि मंडी में गेहूं की एक ढेरी बिकने के लिए पहुंच भी चुकी है। अभी तक मंडी में खरीद को लेकर तैयारियां मुकम्मल नहीं की गई है।
किसान अपने चुने समय पर लाए फसल : डीसी
डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में फसल लाने के लिए समय स्वयं निर्धारित करने की व्यवस्था ई-खरीद सॉफ्टवेयर में की गई है। अब किसानों को चाहिए कि वे अपने द्वारा चुने गए समय के अनुसार ही मंडियों में अपनी फसल लेकर पहुंचे ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। सरकार के निर्णय अनुसार गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होकर 15 मई तक चलेगी। खरीद प्रक्रिया के दौरान मंडियां में आने वाले किसानों को कोई भी परेशानी न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जाएगी।