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Kurukshetra News: मारकंडा में घटा जल स्तर, प्रशासन व आसपास के लोगों ने ली राहत की सांस
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कुरुक्षेत्र। दो दिन पहले उफान पर आने के बाद अब मारकंडा नदी शांत हो गई है। इसमें मंगलवार को शाहाबाद में जल स्तर घटकर चार हजार क्यूसेक तक रहा तो रात को यह और भी कम होने की संभावना जताई गई है। इससे प्रशासन के साथ-साथ आसपास के रहने वाले ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है। इसके बावजूद प्रशासन बारिश के सीजन को देखकर अलर्ट मोड पर है।
मानसून शुरू होते ही 1 जुलाई को मारकंडा उफान पर आ गई थी तो नैसी गांव के पास 15 फीट तटबंध टूट गया था। इससे गांव नैसी व आसपास के गांव तक भी पानी ने मार की थी। इससे सैकड़ों एकड़ फसल में नुकसान हुआ था। हालांकि प्रशासन ने बाद में यह तटबंध दुरुस्त कर दिया था लेकिन तीन दिन पहले शनिवार को ही पहाड़ों में हुई तेज बारिश के चलते मारकंडा फिर उफान पर आ गई थी। 20 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी बहने लगा था तो शाहाबाद के कठवा, गुमटी, पट्टी जामड़ा सहित आसपास के कई गांवों की फसलों में जलभराव हो गया था। प्रशासन ने ठीकरी पहरा लगा दिया था लेकिन गत दिवस से पहाड़ों में बारिश न होने के चलते नदी में जल स्तर कम होने लगा था।
वहीं शाहाबाद गेज रीडर के मुताबिक मंगलवार को जल स्तर चार हजार क्यूसेक तक रह गया है और रात को यह और भी कम होने की संभावना है। वहीं गांव झांसा के किसान प्रदीप कुमार, राजेश कुमार का कहना था कि वे हर सीजन में मारकंडा की मार झेलते हैं। प्रशासन व सरकार स्थायी प्रबंध नहीं कर पा रही है।
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मारकंडा नदी पर निगरानी जारी : एसडीएम
एसडीएम चिनार चहल का कहना है कि मारकंडा में जलस्तर कम होने लगा है और अभी कोई खतरा नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन अलर्ट है और निगरानी भी जारी है।
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मानसून शुरू होते ही 1 जुलाई को मारकंडा उफान पर आ गई थी तो नैसी गांव के पास 15 फीट तटबंध टूट गया था। इससे गांव नैसी व आसपास के गांव तक भी पानी ने मार की थी। इससे सैकड़ों एकड़ फसल में नुकसान हुआ था। हालांकि प्रशासन ने बाद में यह तटबंध दुरुस्त कर दिया था लेकिन तीन दिन पहले शनिवार को ही पहाड़ों में हुई तेज बारिश के चलते मारकंडा फिर उफान पर आ गई थी। 20 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी बहने लगा था तो शाहाबाद के कठवा, गुमटी, पट्टी जामड़ा सहित आसपास के कई गांवों की फसलों में जलभराव हो गया था। प्रशासन ने ठीकरी पहरा लगा दिया था लेकिन गत दिवस से पहाड़ों में बारिश न होने के चलते नदी में जल स्तर कम होने लगा था।
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वहीं शाहाबाद गेज रीडर के मुताबिक मंगलवार को जल स्तर चार हजार क्यूसेक तक रह गया है और रात को यह और भी कम होने की संभावना है। वहीं गांव झांसा के किसान प्रदीप कुमार, राजेश कुमार का कहना था कि वे हर सीजन में मारकंडा की मार झेलते हैं। प्रशासन व सरकार स्थायी प्रबंध नहीं कर पा रही है।
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मारकंडा नदी पर निगरानी जारी : एसडीएम
एसडीएम चिनार चहल का कहना है कि मारकंडा में जलस्तर कम होने लगा है और अभी कोई खतरा नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन अलर्ट है और निगरानी भी जारी है।