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Kurukshetra News: लिव इन रिलेशनशिप का बढ़ रहा चलन, महिला आयोग भी चिंतित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Mar 2025 01:24 AM IST
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The trend of live-in relationships is increasing, the Women's Commission is also worried
कुरुक्षेत्र। समाज में रिश्तों के स्वरूप में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। खासकर लिव-इन रिलेशनशिप का चलन तेजी से बढ़ रहा है। राज्य महिला आयोग के पास 12700 मामलों में से 60 प्रतिशत मामले लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े पहुंचे हैं। ऐसे में आयोग भी चिंतित है। आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राज्य महिला आयोग एवं कुवि महिला अध्ययन शोध केंद्र संस्थान की ओर से आयोजित अद्भुत काव्य प्रतियोगिता के आयोजन में इस मुद्दे पर न केवल खुलकर चर्चा की बल्कि गहन चिंता भी जताई।
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आयोग के पास पहुंचे लिव इन के मामलों में सिर्फ युवा वर्ग के ही नहीं बल्कि अधेड़ उम्र के लोगों से संबंधित भी बड़े स्तर पर हैं। उन्होंने कहा के लिव-इन रिलेशनशिप के बढ़ते मामलों के कारण महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के लिए आयोग को अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है तथा उन्हें जागरूक करने का कार्य भी कर रहा है। उन्होंने बताया कि बाकी 40 प्रतिशत मामले सास-बहू के झगड़ों, घरेलू हिंसा और अन्य पारिवारिक विवादों से जुड़े हैं। इस स्थिति को देखते हुए आयोग विभिन्न स्तरों पर लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है।
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... जब अपने जीवन के संघर्ष को किया याद
रेनू भाटिया ने अपने जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए कहा कि वहां मौजूद सभी लोग उनसे अधिक सौभाग्यशाली हैं। उन्होंने सात वर्ष की उम्र में अपने मां-बाप का साया खो दिया था, जिसके बाद 17 वर्ष की आयु में शादी हो गई। सास ने सीने से लगाकर बहू की जगह बेटी का दर्जा दिया और हर उड़ान भरने में सहयोग दिया। आज उनकी बदौलत ही मैं इस मुकाम पर हूं। उन्होंने बताया कि उनके जीवन का एक ही उद्देश्य है कि महिलाओं को उनके अधिकारों और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।
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समाज बदलाव को स्वीकारना जरूरी, कानूनी और नैतिक पहलुओं को न करें नजरअंदाज

आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने विशेष तौर पर अधेड़ उम्र के लोगों के लिव-इन रिलेशनशिप में बढ़ती रुचि पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि पारंपरिक पारिवारिक ढांचे में आ रहे बदलाव और भावनात्मक सुरक्षा की तलाश में अधेड़ उम्र के लोग और युवा इस तरह के रिश्तों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। समाज में बदलाव को स्वीकारना जरूरी है लेकिन कानूनी और नैतिक पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। युवाओं को सचेत करते हुए कहा कि भटकने की बजाय अपने जीवन में लक्ष्य तय करके आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में सफलता के लिए समझदारी से फैसले लेना बेहद जरूरी है। लिव-इन रिलेशनशिप के बढ़ते मामले आज के दौर में चिंतनीय विषय है। विदेशी कल्चर को अपनाने के साथ अपनी परंपरा और संस्कारों को न भूलें।
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