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Kurukshetra News: अवैध कब्जे हटवाने गई टीम बिना कार्रवाई लौटी
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शाहाबाद। नगर पालिका प्रशासन शुक्रवार को लोगो की और से बार-बार अवैध कब्जे की शिकायतों पर कार्रवाई करने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब, मुख्य स्वर्ग आश्रम के बाहर और डेहा कॉलोनी मार्ग पहुंची, लेकिन नगर पालिका वहां से बिना कब्जा हटाए ही लौट गई। इसके बाद लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन कब्जे हटाना नहीं चाह रहा है सिर्फ कार्रवाई खानापूर्ति कर रहा है। प्रशासन की कार्यप्रणाली से नाराज शिकायतकर्ताओं, सिख संगत और सामाजिक प्रतिनिधियों ने इसे केवल औपचारिकता करार देते हुए अब खुला मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है।
गत दिनों एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन के बाद प्रशासन ने 30 मई से पहले अवैध कब्जे हटाने का भरोसा दिया था। इसके तहत नगरपालिका सचिव बंबूल सिंह मलिक ने 27 मई को प्रधान, उपप्रधान, सभी पार्षदों तथा शिकायतकर्ताओं को पत्र जारी कर 29 मई को बराड़ा रोड, लाडवा रोड और शहर के अन्य हिस्सों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की सूचना दी थी। निर्धारित समय पर पार्षद जगतार सिंह, राजेश उप्पल, मंजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन और सिख संगत मौके पर पहुंची, लेकिन नगरपालिका की टीम बिना पर्याप्त पुलिस बल के पहुंची। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शुरुआत से ही साफ दिखाई दे रहा था कि कार्रवाई प्रभावी नहीं बल्कि केवल खानापूर्ति के लिए की जा रही है।
वहीं नगर पालिका के अधिकारी ने बताया कि पक्के निर्माणों को तोड़ने का अधिकार नगरपालिका के पास नहीं है और केवल अस्थायी कब्जों को हटाया जा सकता है। इस पर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। पार्षद जगतार सिंह, राजेश उप्पल और सिख नेता मंजीत सिंह ने तीखे शब्दों में कहा कि प्रशासन लगातार लोगों के धैर्य की परीक्षा ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि डेहा कॉलोनी क्षेत्र में रातों-रात पर्दों और टेंटों की आड़ में पक्के निर्माण खड़े कर दिए जाते हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है। यदि ऐसे निर्माणों पर कार्रवाई नहीं होगी तो अतिक्रमण की समस्या कभी समाप्त नहीं होगी इसके बाद उपस्थित जनों ने घोषणा की कि अब इस मुद्दे पर पांच जून को सुबह 10 बजे गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब में सर्व समाज की महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें शहर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर आगामी संघर्ष की रूपरेखा तय करेंगे।
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हड्डा रोड़ी पर नहीं हुई कार्रवाई
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिस हड्डा रोड़ी, मृत पशुओं के अवशेषों और मुख्य विवादित स्थल को लेकर प्रशासन को बार-बार शिकायतें दी गई थी, उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जबकि स्टेट हाईवे किनारे जो पक्का निर्माण डेहों ने कर रखा है, उसे भी नहीं हटाया गया। नगरपालिका की टीम ने केवल कुछ छोटे और अस्थायी निर्माण हटाकर कार्रवाई की औपचारिकता पूरी कर दी, जबकि लोगों की मुख्य मांग हड्डा रोड़ी और बड़े अवैध कब्जों को हटाने की थी। इससे संगत और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
सोमवार को और सख्त होगी कार्रवाई : सचिव
नगरपालिका सचिव बंबूल सिंह मलिक ने बताया कि शुक्रवार को कार्रवाई से पहले ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त नहीं हो सका, जिसके कारण पुलिस सुरक्षा उपलब्ध नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि सेनेटरी इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार, भाग सिंह, अजय, दलबीर, सुमित लिपिक सहित नगरपालिका कर्मचारी पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचे थे, लेकिन कब्जाधारियों ने सोमवार तक का समय मांगा। सचिव ने दावा किया कि अब सोमवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में अधिक सख्त और प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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गत दिनों एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन के बाद प्रशासन ने 30 मई से पहले अवैध कब्जे हटाने का भरोसा दिया था। इसके तहत नगरपालिका सचिव बंबूल सिंह मलिक ने 27 मई को प्रधान, उपप्रधान, सभी पार्षदों तथा शिकायतकर्ताओं को पत्र जारी कर 29 मई को बराड़ा रोड, लाडवा रोड और शहर के अन्य हिस्सों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की सूचना दी थी। निर्धारित समय पर पार्षद जगतार सिंह, राजेश उप्पल, मंजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन और सिख संगत मौके पर पहुंची, लेकिन नगरपालिका की टीम बिना पर्याप्त पुलिस बल के पहुंची। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शुरुआत से ही साफ दिखाई दे रहा था कि कार्रवाई प्रभावी नहीं बल्कि केवल खानापूर्ति के लिए की जा रही है।
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वहीं नगर पालिका के अधिकारी ने बताया कि पक्के निर्माणों को तोड़ने का अधिकार नगरपालिका के पास नहीं है और केवल अस्थायी कब्जों को हटाया जा सकता है। इस पर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। पार्षद जगतार सिंह, राजेश उप्पल और सिख नेता मंजीत सिंह ने तीखे शब्दों में कहा कि प्रशासन लगातार लोगों के धैर्य की परीक्षा ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि डेहा कॉलोनी क्षेत्र में रातों-रात पर्दों और टेंटों की आड़ में पक्के निर्माण खड़े कर दिए जाते हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है। यदि ऐसे निर्माणों पर कार्रवाई नहीं होगी तो अतिक्रमण की समस्या कभी समाप्त नहीं होगी इसके बाद उपस्थित जनों ने घोषणा की कि अब इस मुद्दे पर पांच जून को सुबह 10 बजे गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब में सर्व समाज की महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें शहर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर आगामी संघर्ष की रूपरेखा तय करेंगे।
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हड्डा रोड़ी पर नहीं हुई कार्रवाई
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिस हड्डा रोड़ी, मृत पशुओं के अवशेषों और मुख्य विवादित स्थल को लेकर प्रशासन को बार-बार शिकायतें दी गई थी, उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जबकि स्टेट हाईवे किनारे जो पक्का निर्माण डेहों ने कर रखा है, उसे भी नहीं हटाया गया। नगरपालिका की टीम ने केवल कुछ छोटे और अस्थायी निर्माण हटाकर कार्रवाई की औपचारिकता पूरी कर दी, जबकि लोगों की मुख्य मांग हड्डा रोड़ी और बड़े अवैध कब्जों को हटाने की थी। इससे संगत और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
सोमवार को और सख्त होगी कार्रवाई : सचिव
नगरपालिका सचिव बंबूल सिंह मलिक ने बताया कि शुक्रवार को कार्रवाई से पहले ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त नहीं हो सका, जिसके कारण पुलिस सुरक्षा उपलब्ध नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि सेनेटरी इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार, भाग सिंह, अजय, दलबीर, सुमित लिपिक सहित नगरपालिका कर्मचारी पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचे थे, लेकिन कब्जाधारियों ने सोमवार तक का समय मांगा। सचिव ने दावा किया कि अब सोमवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में अधिक सख्त और प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।