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Kurukshetra News: एनआईटी में टीम ने कर्मचारियों और शिक्षकों से बैठक कर लिया फीडबैक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 02:38 AM IST
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The team met with the staff and teachers at NIT and took feedback.
कुरुक्षेत्र। एनआईटी निदेशक कार्यालय के बाहर खड़ी केंद्रीय शिक्षा विभाग के सचिव की गाड़ियां। संव
कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र में लगातार सामने आए आत्महत्या के मामलों के लिए शुक्रवार को केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय टीम ने संस्थान का दौरा किया। लगातार तीन अलग-अलग कमेटियों के दौरे और उनकी रिपोर्ट के बाद अब किसी बड़े फैसले की संभावना जताई जा रही है। टीम के साथ बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) की चेयरपर्सन भी मौजूद रहीं। टीम ने आत्महत्या के मामलों से जुड़े हर पहलू को खंगालने के लिए विस्तृत बातचीत की। इस दौरान कुरुक्षेत्र पुलिस, एसडीएम, एनआईटी प्रशासन, शिक्षकों और कर्मचारियों से अलग-अलग बैठक कर फीडबैक लिया गया।
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मीडिया से बातचीत में केंद्रीय सचिव डॉ. विनीत जोशी ने कहा कि मंत्रालय के निर्देश पर टीम जांच के लिए पहुंची है। छात्रावासों का निरीक्षण किया जा रहा है और छात्रों व शिक्षकों दोनों के मुद्दों को गंभीरता से समझने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक छात्रों, संस्थान प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की ओर से कई सुझाव सामने आए हैं। इन सभी सुझावों पर अंतिम स्तर पर विचार किया जाएगा। आत्महत्या के मामलों के लिए स्थानीय पुलिस प्रारंभिक जांच कर रही है और तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है।
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विदेशी छात्रों ने उठाया आवास का मुद्दा

दौरे के दौरान विदेशी छात्रों ने अपने रहने की समस्या को प्रमुखता से उठाया। छात्राओं के हॉस्टल में फिलहाल केवल एक विदेशी छात्रा रह रही है, जबकि छात्रावास में विदेशी छात्रों की संख्या 5 से 10 के बीच बताई गई। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें हॉस्टल खाली करने के लिए कहा जा रहा है, जबकि उनकी परीक्षाएं करीब 18 दिन बाद हैं।
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संस्थान की ओर से छात्रावास छोड़ने का दबाव गलत

छात्रों ने कहा कि उनके पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अचानक छात्रावास छोड़ने का दबाव उनके लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर रहा है।
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