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शिक्षकों के तबादले से पटरी पर नहीं लौटी व्यवस्था

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Oct 2022 01:06 AM IST
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The system did not return on track due to the transfer of teachers
एक माह पहले शिक्षा विभाग में शिक्षकों के ऑनलाइन तबादले शुरू किए गए थे, लेकिन आज तक भी शिक्षकों की ज्वाइनिंग व रिलीविंग पूरी नहीं हो पाई है। इससे न पढ़ाई और न ही स्कूलों की व्यवस्था ही पटरी पर लौट सकी है। इसी हालत के बीच शिक्षकों का दो माह का वेतन भी अटक गया है, जिसके चलते उनकी आर्थिक व्यवस्था भी गड़बड़ा गई है। शिक्षा विभाग की ढील व अनदेखी के चलते अब शिक्षकों में रोष भी पनपने लगा है।
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शिक्षकों की मानें तो विभाग की ओर से ऑनलाइन ट्रांसफर करने के उपरांत ट्रांसफर नीति निर्देशों के अनुरूप स्थानांतरित शिक्षकों के ज्वाइनिंग व रिलीविंग संबंधी कार्रवाई अनिवार्यता रूप से एचआरएमएस के माध्यम से नहीं हो रही है। जिसके चलते प्रदेश में हजारों शिक्षकों को अगस्त और सितंबर माह का वेतन नहीं मिल पाया है।
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हरियाणा लेक्चरर एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश वित्त सचिव डॉ. गिरधारी लाल का कहना है कि स्कूलों में उचित छात्र संख्या होने के बावजूद पांच विषयों के पद समाप्त कर दिए। इनमें विज्ञान अध्यापक, हिंदी अध्यापक, सामाजिक अध्ययन अध्यापक, इंग्लिश प्रवक्ता और हिंदी प्रवक्ता के पद शामिल। जब स्कूल में कुछ विषयों के अध्यापक होंगे ही नहीं तो बच्चे उन विषयों की पढ़ाई कैसे करेंगे। वहीं केमिस्ट्री बायोलॉजी फिजिक्स के प्राध्यापकों को विद्यालय में छात्र संख्या कम होने के बावजूद एक ही विषय हमें दो प्राध्यापकों का स्थानांतरण कर दिया गया है, ताकि वहां पर अगला एक पद सरप्लस कर दिया जाए। दूसरी तरफ विज्ञान संकाय होने बाद भी फिजिक्स या केमिस्ट्री का पद समाप्त कर दिया।
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हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के जिला प्रधान बलराम शर्मा का कहना है कि शिक्षकों की ज्वाइनिंग व रिलीविंग में विभाग की लेटलतीफी ही आड़े आ रही है, जिसके चलते अगस्त और सितंबर माह का वेतन भी शिक्षकों को नहीं मिल पाया है। शिक्षकों द्वारा सेलरी के आधार पर लिए गए लोन की इएमआई नहीं चुकाई जा रही और अब बैंकों की ओर से पेनल्टी लगाई जाने लगी है।
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