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सरस्वती तीर्थ पर देखने को मिला हिंदू-सिख समुदाय की एकता का नजारा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2022 01:57 AM IST
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The sight of the unity of Hindu-Sikh community was seen at Saraswati Teerth
कुरुक्षेत्र। बही में दर्ज सिख गुरुओं के सरस्वती तीर्थ पर आने का रिकॉर्ड। - फोटो : Kurukshetra
पिहोवा। सरस्वती तीर्थ पर चैत्र चौदस मेले ने हिंदू-सिख समुदाय को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है। दोनों समुदाय के लोग इस तीर्थ के पवित्र जल में एक साथ डुबकी लगाकर अपने पितरों की शांति के लिए कामना कर रहे हैं। मेले के दूसरे दिन सुबह होते ही हिंदू सिख एकता का दृश्य हजारों साल पुरानी परंपरा को बयां करता दिखा।
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रोचक पहलू यह है कि पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश व दिल्ली से आने वाले कुछ परिवार हर साल इस मेले के आने का इंतजार करते हैं। इस मेले के जरिए ही इन परिवारों में दोस्ताना संबंध स्थापित हो गए। कई परिवारों ने तो भाईचारा तक कायम कर लिया है। पटियाला (पंजाब) से आए वजीर सिंह, समय कुमार, विक्रम सिंह चौहान का कहना है कि वे पिछले 30 साल से चैत्र चौदस मेले में पितरों की आत्मिक शांति के लिए सरस्वती तीर्थ पर आते हैं। अब उनकी तीसरी पीढ़ी भी उनके साथ आती है। कोरोना के कारण दो साल तक मेले का आयोजन नहीं हुआ। अब उन्हें पुरोहितों से मेले की सूचना मिली तो वह पिंडदान करने और पुरोहितों से आशीर्वाद लेने पहुंच गए।
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सिखों के गुरुओं का रिकॉर्ड भी बही में दर्ज
भगवान शिव शंकर, भगवान श्री कृष्ण, पांडव सहित अन्य कई हस्तियां इस धर्म नगरी में आए थे। इसी तरह तीर्थ पर सिखों के प्रथम गुरु नानक देव, छठी पातशाही गुरु हरगोबिंद, नौवीं पातशाही गुरु तेग बहादुर व 10वीं पातशाही गुरु गोबिंद सिंह भी पधारे थे। यहां बही खाते में उनके आने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। इसलिए चैत्र चौदस मेले पर दोनों समुदाय के लोग श्रद्धा भाव से आते हैं।
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हर गली मोहल्ले में लगे भंडारे
विभिन्न संस्थाओं ने शहर की हर गली और मोहल्ले में श्रद्धालुओं के लिए विशेष तौर पर भंडारे लगाए गए। श्रद्धालुओं को वितरित किए जा रहे भंडारे को देखकर ऐसा लग रहा था मानो शहर का हर नागरिक श्रद्धालुओं की सेवा में लगा हुआ है। इससे श्रद्धालुओं को यह संदेश भी मिल रहा है कि इस शहर में जाति धर्म और भेदभाव का नामोनिशान नहीं है। सभी लोग एक छत के नीचे रहकर सेवा करने में जुटे हुए हैं।

श्रद्धालुओं ने जमकर की खरीदारी
देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने सरस्वती तीर्थ के आस पास दुकानों पर जमकर खरीदारी की। तहसील रोड, मेन बाजार, सरस्वती चौक, गुरुद्वारा रोड जगहों पर आस-पास के क्षेत्रों से आए दुकानदारों ने प्लास्टिक, लकड़ी और लोहे से बनाए गए आकर्षक खिलौने रखे थे। हर दुकान पर खिलौने खरीदने और देखने वालों की भीड़ लगी रही।
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