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आज से खुलेंगे विद्यालय एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कितने विद्यार्थी बुलाने यह विभागाध्यक्ष और प्राचार्य की जिम्मेदारी
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The school and Kurukshetra University will open from today, the responsibility of the head of the department and the principal to call how many students
कोरोना संक्रमण के चलते बंद पड़े स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी आखिर सात माह बाद सोमवार को खुलने जा रही है, लेकिन बिना मास्क विद्यार्थियों की शिक्षण संस्थान में एंट्री नहीं होगी। पहले थर्मल स्कैनिंग होगी, पूरी तरह से सैनिटाइज करने के पश्चात ही विद्यार्थियों को अभिभावकों की अनुमति के बाद प्रवेश मिल पाएगा।
वहीं विद्यालय एवं विश्वविद्यालय में कितने विद्यार्थी बुलाए जाएंगे इनकी जिम्मेदारी मुख्याध्यापक, प्राचार्यों एवं विभागाध्यक्षों को दी गई है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष फैसला लेंगे कि एक दिन में कितने विद्यार्थियों को बुलाना है और स्कूलों में मुख्याध्यापक और प्राचार्यों पर इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की डीन एकेडिमक अफेयर डॉ. मंजूला चौधरी ने बताया कि सोमवार से पीएचडी शोधार्थियों के लिए हॉस्टल और डिपार्टमेंट को खोलने संबंधित तैयारियां पूरी की जा चुकी है। विद्यार्थियों को अभिभावकों की अनुमति के साथ विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा और आने से पहले विद्यार्थियों को संबंधित विभागाध्यक्ष और शिक्षक को इसकी सूचना देनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि 2 से 16 नवंबर तक आवासीय विद्यार्थी को प्रैक्टिकल वर्क के लिए बुलाया जाएगा। वहीं, 16 नवंबर के बाद हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा, लेकिन यह सभी विभागाध्यक्षों को तय करना होगा कि आखिर कितने दिन तक इन विद्यार्थियों को यहां रखना है। सभी विभागों में विद्यार्थियों को बैच के हिसाब से बुलाया जाएगा और अन्य विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑनलाइन चलेगी।
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तीन घंटे के लिए खुलेंगे स्कूल, कितने बच्चे बुलाने हैं प्राचार्य लेंगे फैसला : अरूण आश्री
जिला शिक्षा अधिकारी अरूण आश्री ने कहा कि सोमवार से तीन घंटे के लिए जिलेभर के सभी स्कूल खेले जाएंगे। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी स्कूल में आकर पढ़ाई कर सकते हैं, लेकिन कोविड-19 की गाइडलाइन का पूरा ध्यान रखना होगा। विद्यालय प्रबंधों को टाइम टेबल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए यह फैसला मुख्याध्यापक और प्राचार्य स्वयं करेंगे कि एक कक्षा के कितने विद्यार्थियों को बुलाना है। बैठने की व्यवस्था को देखते हुए एक कक्षा के 18-20 विद्यार्थियों को स्कूल में बुलाया जाएगा।
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वहीं विद्यालय एवं विश्वविद्यालय में कितने विद्यार्थी बुलाए जाएंगे इनकी जिम्मेदारी मुख्याध्यापक, प्राचार्यों एवं विभागाध्यक्षों को दी गई है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष फैसला लेंगे कि एक दिन में कितने विद्यार्थियों को बुलाना है और स्कूलों में मुख्याध्यापक और प्राचार्यों पर इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की डीन एकेडिमक अफेयर डॉ. मंजूला चौधरी ने बताया कि सोमवार से पीएचडी शोधार्थियों के लिए हॉस्टल और डिपार्टमेंट को खोलने संबंधित तैयारियां पूरी की जा चुकी है। विद्यार्थियों को अभिभावकों की अनुमति के साथ विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा और आने से पहले विद्यार्थियों को संबंधित विभागाध्यक्ष और शिक्षक को इसकी सूचना देनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि 2 से 16 नवंबर तक आवासीय विद्यार्थी को प्रैक्टिकल वर्क के लिए बुलाया जाएगा। वहीं, 16 नवंबर के बाद हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा, लेकिन यह सभी विभागाध्यक्षों को तय करना होगा कि आखिर कितने दिन तक इन विद्यार्थियों को यहां रखना है। सभी विभागों में विद्यार्थियों को बैच के हिसाब से बुलाया जाएगा और अन्य विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑनलाइन चलेगी।
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तीन घंटे के लिए खुलेंगे स्कूल, कितने बच्चे बुलाने हैं प्राचार्य लेंगे फैसला : अरूण आश्री
जिला शिक्षा अधिकारी अरूण आश्री ने कहा कि सोमवार से तीन घंटे के लिए जिलेभर के सभी स्कूल खेले जाएंगे। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी स्कूल में आकर पढ़ाई कर सकते हैं, लेकिन कोविड-19 की गाइडलाइन का पूरा ध्यान रखना होगा। विद्यालय प्रबंधों को टाइम टेबल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए यह फैसला मुख्याध्यापक और प्राचार्य स्वयं करेंगे कि एक कक्षा के कितने विद्यार्थियों को बुलाना है। बैठने की व्यवस्था को देखते हुए एक कक्षा के 18-20 विद्यार्थियों को स्कूल में बुलाया जाएगा।