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बारिश से मकान की गिरी छत, बच्ची समेत तीन घायल
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गांव मिर्जापुर में बारिश में गिरी मकान की छत और मौजूद लोग। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। बारिश के चलते रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे मिर्जापुर गांव में एक मकान की छत गिर गई। मलबे की चपेट में आकर आठ वर्ष की बच्ची और उसकी गर्भवती मां व दादी घायल हो गई। घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया। खास बात यह है कि पीड़ित परिवार आवास योजना के तहत आवेदन करने के बाद भी अभी तक लाभ नहीं मिला है।
मिर्जापुर गांव निवासी गर्भवती पूनम ने बताया रविवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे बारिश हो रही थी। इस दौरान कमरे में चारपाई पर आठ वर्ष की बेटी अवनि और पांच वर्ष का बेटा लक्ष्य अपनी दादी बिमला के साथ चारपाई पर सो रहे थे। पति सतबीर बिस्तर पर पर आराम कर रहा था और वह चारपाई पर बैठी थी।
पूनम के मुताबिक इस दौरान छह की मिट्टी गिरने लगे। इसी बीच छत की ढहने लगी। इस पर उसने खतरे को भांप लिया। उनसे न केवल अपना बचाव करने का प्रयास किया, बल्कि बच्चों को भी सुरक्षित रखने की जद्दोजहद की। अचानक मकान की छत ढहने से परिवार के सभी सदस्य मलबे के नीचे दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही पड़ोसियों ने परिवार के सभी सदस्यों को मलबे से बाहर निकाला।
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मलबे में दबने से अवनि के सिर पर गहरी चोट आई है। पूनम और उसकी सास बिमला भी घायल हो गई। हादसे में सतबीर और लक्ष्य बाल-बाल बच गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से घर भेज दिया गया। हादसे की सूचना मिलते ही गांव के निवर्तमान सरपंच ने भी घटना का जायजा लिया। फिलहाल परिवार ने अपना सामान पड़ोस के मकान में रखा है।
पूनम ने बताया कि वह आवास योजना का लाभ लेने के लिए करीब एक वर्ष पहले बीडीपीओ दफ्तर में जाकर आवेदन कर चुकी हैं। उसे अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है। वह मूल रूप से नरकातारी के रहने वाले हैं और आठ वर्षों से मिर्जापुर गांव में रह रहे हैं। पति मजदूरी करते हैं।
पंचायत भवन में रह सकता है परिवार : सुरेंद्र
गांव मिर्जापुर के निवर्तमान सरपंच सुरेंद्र का कहना है कि पीड़ित परिवार की ओर से आवास योजना के लिए भी आवेदन किया गया है। अभी तक उनका नाम नहीं आया। वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। फिलहाल परिवार उनके मकान या फिर पंचायत भवन में रह सकता है। जब पीड़ित परिवार मकान बनाएंगे तो उनकी ओर से 20 कट्टे सीमेंट और एक ट्राली रेत दी जाएगी।
पीड़ित परिवार एसडीएम को दे शिकायत : साहब सिंह
थानेसर के बीडीपीओ साहब सिंह का कहना है कि पीड़ित परिवार इस संदर्भ में शिकायत एसडीएम को दे। इसके बाद तहसीलदार को मार्क किया जाएगा। जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जाएगी। आवास योजना के लिए आवेदन किया है तो जल्द उनका नाम आएगा।
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कुरुक्षेत्र। बारिश के चलते रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे मिर्जापुर गांव में एक मकान की छत गिर गई। मलबे की चपेट में आकर आठ वर्ष की बच्ची और उसकी गर्भवती मां व दादी घायल हो गई। घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया। खास बात यह है कि पीड़ित परिवार आवास योजना के तहत आवेदन करने के बाद भी अभी तक लाभ नहीं मिला है।
मिर्जापुर गांव निवासी गर्भवती पूनम ने बताया रविवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे बारिश हो रही थी। इस दौरान कमरे में चारपाई पर आठ वर्ष की बेटी अवनि और पांच वर्ष का बेटा लक्ष्य अपनी दादी बिमला के साथ चारपाई पर सो रहे थे। पति सतबीर बिस्तर पर पर आराम कर रहा था और वह चारपाई पर बैठी थी।
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पूनम के मुताबिक इस दौरान छह की मिट्टी गिरने लगे। इसी बीच छत की ढहने लगी। इस पर उसने खतरे को भांप लिया। उनसे न केवल अपना बचाव करने का प्रयास किया, बल्कि बच्चों को भी सुरक्षित रखने की जद्दोजहद की। अचानक मकान की छत ढहने से परिवार के सभी सदस्य मलबे के नीचे दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही पड़ोसियों ने परिवार के सभी सदस्यों को मलबे से बाहर निकाला।
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मलबे में दबने से अवनि के सिर पर गहरी चोट आई है। पूनम और उसकी सास बिमला भी घायल हो गई। हादसे में सतबीर और लक्ष्य बाल-बाल बच गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से घर भेज दिया गया। हादसे की सूचना मिलते ही गांव के निवर्तमान सरपंच ने भी घटना का जायजा लिया। फिलहाल परिवार ने अपना सामान पड़ोस के मकान में रखा है।
पूनम ने बताया कि वह आवास योजना का लाभ लेने के लिए करीब एक वर्ष पहले बीडीपीओ दफ्तर में जाकर आवेदन कर चुकी हैं। उसे अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है। वह मूल रूप से नरकातारी के रहने वाले हैं और आठ वर्षों से मिर्जापुर गांव में रह रहे हैं। पति मजदूरी करते हैं।
पंचायत भवन में रह सकता है परिवार : सुरेंद्र
गांव मिर्जापुर के निवर्तमान सरपंच सुरेंद्र का कहना है कि पीड़ित परिवार की ओर से आवास योजना के लिए भी आवेदन किया गया है। अभी तक उनका नाम नहीं आया। वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। फिलहाल परिवार उनके मकान या फिर पंचायत भवन में रह सकता है। जब पीड़ित परिवार मकान बनाएंगे तो उनकी ओर से 20 कट्टे सीमेंट और एक ट्राली रेत दी जाएगी।
पीड़ित परिवार एसडीएम को दे शिकायत : साहब सिंह
थानेसर के बीडीपीओ साहब सिंह का कहना है कि पीड़ित परिवार इस संदर्भ में शिकायत एसडीएम को दे। इसके बाद तहसीलदार को मार्क किया जाएगा। जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जाएगी। आवास योजना के लिए आवेदन किया है तो जल्द उनका नाम आएगा।