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Kurukshetra News: जिले में ब्रेस्ट व ओरल कैंसर के बढ़ रहे रोगी, तीन साल में हो गए दोगुने

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Aug 2025 12:58 AM IST
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The number of breast and oral cancer patients is increasing in the district, the number has doubled in three years
कुरुक्षेत्र। ओपीडी में रोगी की जांच करते कैंसर विशेषज्ञ डॉ. रमेश सभ्रवाल। संवाद - फोटो : संवाद
कुरुक्षेत्र। जिले में कैंसर रोगियों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। करीब एक हजार रोगी जिला नागरिक अस्पताल से कैंसर का इलाज ले रहे हैं। पिछले तीन साल में ही कैंसर रोगियों की संख्या दोगुनी हो गई है। ओरल कैंसर व ब्रेस्ट कैंसर के सबसे ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों ने इसे लेकर चिंता जताई है और इसकी मुख्य वजह बदलते लाइफ स्टाइल को माना गया है।
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कैंसर ओपीडी में रोजाना 40 से 45 मरीज इलाज लेने पहुंच रहे हैं। वहीं एक से दो मरीज नए पहुंच रहे हैं जिनमें कैंसर की बीमारी का पता चल रहा है। अस्पताल में यमुनानगर, करनाल और पानीपत से भी रोगी इलाज लेने पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो 50 प्रतिशत मरीज बीमारी से ठीक भी हो रहे हैं। कैंसर की बीमारी की कोई उम्र भी निर्धारित देखने को नहीं मिल रही। हाल ही में दो साल के बच्चे की आंख में कैंसर पाया गया।
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किस वर्ष कितने आए रोगी
साल ओरल कैंसर ब्रेस्ट कैंसर ग्रीवा कैंसर
2021 से 2022 22 25 6
2022 से 2023 48 41 4
2023 से 2024 94 88 25
2024 से 2025 87 84 12

बीमारी में लगने वाले महंगे इंजेक्शन अब रोगियों को एलएनजेपी में ही लगने शुरू हुए हैं। दूसरे जिलों में कैंसर यूनिट में जाकर इंजेक्शन लगवाने पड़ रहे थे। कैंसर विशेषज्ञ डॉ. रमेश सभ्रवाल का कहना है कि ये इंजेक्शन 20 से 25 हजार रुपये के आते हैं जो मरीजों को नि:शुल्क लग रहे हैं। आयुष्मान कार्ड के पैकेज में 1350 बीमारियों का उपचार शामिल है।
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कैंसर पीड़ितों को राहत देने के लिए ट्यूमर बोर्ड के दिशा निर्देशों को अपनाया गया है। बोर्ड के दिशा निर्देशों के तहत कैंसर के मरीज बिना अस्पताल में भर्ती हुए एक साल में पांच लाख रुपये तक का उपचार करा सकते हैं। इसमें मरीज की कीमोथेरेपी, दवाइयां और जांच के खर्च कवर किए जा रहे हैं।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी गुप्ता का कहना है कि जो महिलाएं बच्चे को जन्म नहीं देती उनमें कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है। वहीं शराब का सेवन ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। कैंसर के लक्षणों में स्तन में गांठ, स्तन के आकार या बनावट में बदलाव, निप्पल से स्राव और बगल में दर्द या सूजन शामिल हो सकते हैं।
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार का कहना है कि धूम्रपान और तंबाकू चबाने से ओरल कैंसर हो रहा है। ज्यादा मात्रा में शराब पीने से भी ओरल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। मुंह में दर्द रहित गांठ या छाला जो ठीक नहीं होते, मुंह में लाल या सफेद धब्बे, मुंह या गले में चबाते समय दर्द होना, निगलने या बोलने में कठिनाई आना इसके लक्षण हैं।

कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. रमेश सभ्रवाल के मुताबिक देश में इस समय करीब 30 लाख और प्रदेश में करीब छह हजार मरीज कैंसर की बीमारी से पीड़ित हैं। डॉ. रमेश सभ्रवाल के मुताबिक एक लाख के पीछे एक हजार व्यक्ति कैंसर से पीड़ित मिलते हैं।
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