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Kurukshetra News: रामलीला में किया केवट प्रसंग का मंचन
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लाडवा। श्री राम हनुमान रामलीला समिति द्वारा रामलीला के छठे दिन केवट प्रसंग और दशरथ मरण का मंचन हुआ। जिस दौरान मुख्यातिथि के रूप में नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष नरेंदर सिंघल व समाजसेवी अमन चोपड़ा ने भगवान राम, सीता माता और लक्ष्मण यति की आरती करके शुभारंभ किया।
नरेंदर सिंघल ने आरती के बाद संबोधित करते हुए कहा कि केवट द्वारा राम को गंगा पार कराना और बदले में राम का केवट को भवसागर पार करने का आशीर्वाद देना केवल एक रामलीला का मंचन या किसी धार्मिक नाटक का हिस्सा मात्र नहीं है बल्कि पूरी जिंदगी की सीख है क्योंकि इसमें निस्वार्थ भक्ति की भावना को दर्शाया गया है।
मंच प्रबंधक राकेश गर्ग बबली ने कहा कि छठे दिन के मंचन में राम, लक्ष्मण और सीता का अयोध्यावासियों को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ना और राम लक्ष्मण का बालों में बड़ का दूध लगाकर जटाएं बढ़ाने पर महामंत्री सुमंत के विलाप ने निश्चित रूप से एक छाप छोड़ी और उसके बाद केवट का राम के पैर धोकर गंगा पार कराने के दृश्य ने दर्शकों को भक्तिमय कर दिया।
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दशरथ का मरने से पहले श्रवण कुमार और उसके माता पिता की ओर से दिए गए श्राप को याद करके बिलखना और राम के वियोग में चल बसना दर्शकों को भाव विभोर कर गया।
मंचन में राम का पात्र अमित सिंघल, लक्ष्मण का पात्र राजेश वर्मा, सीता का पात्र विवेक शर्मा, सुमन्त का पात्र सुमित सिंघल, केवट का पात्र नरेश गर्ग, दशरथ का पात्र कुश गर्ग, कौशल्या का पात्र इम्ना कटारिया, सुमित्रा का पात्र अभिनव गोयल, गुरु वशिष्ठ का पात्र केशव तायल, नगरवासियों का पात्र हेमंत सैनी, विशाल कम्बोज, शिवांश कम्बोज, मोंटी, शिवम तायल, किंदा और छोटे राम लक्ष्मण का पात्र अग्रिम सिंघल और प्रजन्य सिंघल ने बेहतरीन तरीके से निभाया।
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नरेंदर सिंघल ने आरती के बाद संबोधित करते हुए कहा कि केवट द्वारा राम को गंगा पार कराना और बदले में राम का केवट को भवसागर पार करने का आशीर्वाद देना केवल एक रामलीला का मंचन या किसी धार्मिक नाटक का हिस्सा मात्र नहीं है बल्कि पूरी जिंदगी की सीख है क्योंकि इसमें निस्वार्थ भक्ति की भावना को दर्शाया गया है।
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मंच प्रबंधक राकेश गर्ग बबली ने कहा कि छठे दिन के मंचन में राम, लक्ष्मण और सीता का अयोध्यावासियों को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ना और राम लक्ष्मण का बालों में बड़ का दूध लगाकर जटाएं बढ़ाने पर महामंत्री सुमंत के विलाप ने निश्चित रूप से एक छाप छोड़ी और उसके बाद केवट का राम के पैर धोकर गंगा पार कराने के दृश्य ने दर्शकों को भक्तिमय कर दिया।
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दशरथ का मरने से पहले श्रवण कुमार और उसके माता पिता की ओर से दिए गए श्राप को याद करके बिलखना और राम के वियोग में चल बसना दर्शकों को भाव विभोर कर गया।
मंचन में राम का पात्र अमित सिंघल, लक्ष्मण का पात्र राजेश वर्मा, सीता का पात्र विवेक शर्मा, सुमन्त का पात्र सुमित सिंघल, केवट का पात्र नरेश गर्ग, दशरथ का पात्र कुश गर्ग, कौशल्या का पात्र इम्ना कटारिया, सुमित्रा का पात्र अभिनव गोयल, गुरु वशिष्ठ का पात्र केशव तायल, नगरवासियों का पात्र हेमंत सैनी, विशाल कम्बोज, शिवांश कम्बोज, मोंटी, शिवम तायल, किंदा और छोटे राम लक्ष्मण का पात्र अग्रिम सिंघल और प्रजन्य सिंघल ने बेहतरीन तरीके से निभाया।