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Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   The importance of Sikh religion is the testimony of Kurukshetra 17 by the historic Sikh Guru

सिख धर्म के महत्व का साक्षी हैं कुरुक्षेत्र 17 ऐतिहासिक सिख गुरुद्वारे

Tue, 21 Mar 2017 11:41 PM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला Updated Tue, 21 Mar 2017 11:41 PM IST
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हरियाणा की सांस्कृतिक राजधानी के रुप में विख्यात हैरीटेज सिटी में प्रदेश सरकार पहला सिख म्यूजियम स्थापित करने की तैयारी में है। हालांकि इसकी रूपरेखा और स्थान मुख्यमंत्री से विचार विमर्श के बाद तय होगा। अमर उजाला से विशेष बातचीत में यह खुलासा थानेसर के विधायक सुभाष सुधा ने किया।

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यकीनन सिख म्यूजियम बनने के बाद देश दुनिया से जिले में आने वाले सिख धर्म में आस्था रखने वालों और शोधार्थियों को लाभ मिलेगा। यहां बता दें कि कुरुक्षेत्र में आठ सिख गुरुओं के आने के प्रमाण मिलते हैं। सिख धर्म में आस्था रखने वालों के लिए कुरुक्षेत्र अहम क्यों है? इसका प्रमाण कुरुक्षेत्र की भूमि पर स्थित 17 ऐतिहासिक गुरुद्वारों और इतिहास में दर्ज पन्नों में मिलता है। दरअसल सिख धर्मगुरु साहिबान के चरण अनेक बार धर्मक्षेत्र की भूमि पर पड़े। सिर्फ दूसरे और पांचवें गुरु महाराज को छोड़कर अन्य 8 सिख गुरु कुरुक्षेत्र आ चुके हैं। जिला के 17 ऐतिहासिक गुरुद्वारों में उस समय के लेख,पत्र और सामान भी मौजूद हैं। कुरुक्षेत्र के अलावा हरियाणा में और भी ऐसे कई स्थान हैं, जहां सिख धर्मगुरुओं के चरण पड़े। विधायक सुभाष सुधा के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकार कुरुक्षेत्र धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से विश्वमानचित्र पर लाने की कवायद में जुटी है। इसके लिए अलग-अलग चरणों में कई कार्य कुरुक्षेत्र के विकास के लिए जारी हैं। इनमें कृष्णा सर्किट और सरस्वती हैरीजेट बोर्ड अगले वर्षों में खास कुरुक्षेत्र को एक खास पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत है।        
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 हिंदु के प्रमुख तीर्थ ही नहीं मुस्लिम, सिख और बौध धर्म के...      
कुरुक्षेत्र भूमि पर हजारों साल पुरानी भारतीय संस्कृति की गवाह है। सर्वधर्म संभाव की मिसाल बने कुरुक्षेत्र में हिंदुओं के कई प्रमुख तीर्थो के अलावा बौध, मुस्लिम और सिखों के कई धार्मिक स्थल है, स्मारक है। ब्रह्मसरोवर के निकट स्थित बौध स्तूप और सूफी संत शेख चेहली और उनके गुरु मजार कुरुक्षेत्र में करीब 400 वर्षो से पुराने शहर थानेसर में है।       
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विधायक दे चुके हैं आश्वासन      
एसजीपीसी अमृतसर द्वारा कुरुक्षेत्र में नियुक्त किए गए प्रबंधक सुखदेव सिंह के मुताबिक कुरुक्षेत्र में 17 ऐतिहासिक गुरुद्वारे है, इनमें से छह ऐतिहासिक गुरुद्वारे शहर में है। उन्होंने बताया कि विधायक सिख संगत को कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय की सौगात देने की आश्वासन दे चुके हैं। उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस दिशा में जल्द कोई प्रभावी कदम उठाएगी।      

यहां होना चाहिए सिख संग्रहालय      
हरियाणा सिख मिशन के पूर्व अध्यक्ष एवं पंजाब मालवा जोन के सिख धर्मप्रचार के प्रभारी सरदार कृपाल सिंह चौहान ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि कुरुक्षेत्र महत्व को देखते हुए ही एसजीपीसी अमृतसर ने कुरुक्षेत्र में रीजनल कार्यालय का शुभारंभ किया था। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र जैसे स्थल पर सिख म्यूजियम होना चाहिए और सरकार का यह एक कारगर कदम होगा। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी अमृतसर की ओर से भी इसकी डिमांड भेजी जाएगी।       


लायलपुर बस्ती का नाम शहीद भगत सिंह नगर और यह संयोग      
विधायक ने बताया कि शहीदी दिवस से दो दिन पहले उन्होंने कुरुक्षेत्र की लायलपुर बस्ती का नाम बदल कर शहीद भगत सिंह नगर करने का निर्णय लिया है। थानेसर नगर परिषद ने आज की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। हालांकि यह भी संयोग ही है कि शहीदे आजम भगत सिंह का जन्म विभाजन से पहले वर्तमान के पाकिस्तान में स्थित लायलपुर के गांव बावली में हुआ था। उन्होंने बताया कि यहां शहीदे आजम के नाम से एक कम्यूनिटी सेंटर भी बनाया जाएगा।

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