{"_id":"613523ba8ebc3e883a4c0c2e","slug":"the-gathering-of-addicts-in-the-contiguous-lake-kurukshetra-news-knl8226864","type":"story","status":"publish","title_hn":"सन्निहित सरोवर पर आस्था की डूबकी नहीं, मौत के लगाए जा रहे हैं इंजेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सन्निहित सरोवर पर आस्था की डूबकी नहीं, मौत के लगाए जा रहे हैं इंजेक्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सन्निहित सरोवर पर आस्था नहीं, मौत के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। अगर गौर से देखा जाए तो सरोवर पर जगह-जगह इंजेक्शन और शराब की खाली बोतलें दिखाई देंगी। कई जगह अन्य संदिग्ध नशीले पदार्थ तो कई जगह सट्टा खेलते हुए लोग नजर आएंगे। दुखद है कि जहां सूर्यग्रहण के दौरान स्नान करने से सौ अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फल मिलता है, वहां की महिमा अनदेखी के चलते दिन-प्रतिदिन खत्म होती जा रही है।
दरअसल, सन्निहित सरोवर की रविवार सुबह जब अमर उजाला टीम ने पड़ताल की तो स्थिति चौंकाने वाली मिली, जिस तीर्थ पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं, वहां अब नशेड़ी मौत का इंजेक्शन लगा रहे हैं। हालात ये हैं कि सरोवर परिसर में ही नहीं, घाट पर भी इंजेक्शन बरामद हुए। कई जगह देसी और अंग्रेजी शराब की खाली बोतलें दिखाई दीं तो कई जगह नशीली दवाओं के पत्ते। सरोवर पर सफाई कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि वे हर रोज सुबह यहां से इंजेक्शन और शराब की खाली बोतलों को उठाकर कूड़ेदान में डालते हैं। यहां घाट पर सुबह ही नशेड़ियों का जमवाड़ा लग जाता है। यहां न सीसीटीवी कैमरे हैं और न किसी प्रकार की रोक टोक।
बता दें कि सन्निहित सरोवर पर शुक्रवार को एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के नजदीक से चार-पांच इंजेक्शन भी बरामद किए थे। पुलिस ने आशंका जताई थी कि उक्त युवक ने नशे की ओवरडोज ली थी, जो मौत का कारण बनी।
विज्ञापन
जहां सुनने वाले नहीं, वहां क्या फरियाद करें : पवन शर्मा
श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के अध्यक्ष पंडित पवन शर्मा का कहना है कि यहां महाभारत के बाद पांडवों ने सभी दिवंगतों की मुक्ति के लिए पिंड दान आदि कार्य किया था। यहां सूर्यग्रहण के दौरान स्नान करने से सौ अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फल मिलता है। इसकी महत्व के चलते देशभर से श्रद्धालु यहां अमावस्या पर स्नान और पिंड दान करने पहुंचते हैं, लेकिन दुखद बात है कि सन्निहित सरोवर तीर्थ नहीं, नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। यहां न कोई सीसीटीवी कैमरा है और न ही पुलिस का ध्यान। इस संदर्भ में वे कई बार जिला पुलिस प्रशासन और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को लिखित में शिकायत भी सौंप चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि जहां सुनने वाले नहीं, वहां अब क्या फरियाद करें।
सुरक्षा का दायित्व पुलिस का, सौंपी थी शिकायत : मानद सचिव
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा का कहना है कि सन्निहित सरोवर और ब्रह्मसरोवर की सुरक्षा का दायित्व पुलिस का है। इसी को जहन में रखते हुए पुलिस पोस्ट भी बनाई गई हैं। दोनों सरोवरों पर चल रहे नशे का कारोबार को लेकर वे कई बार शिकायत कर चुके हैं। पुलिस ने मामला भी दर्ज किया था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। कहा कि वे पुन: पुलिस प्रशासन से बातचीत करेंगे कि नशेड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पुलिस की रहेगी निगरानी, करेगी सख्त कार्रवाई : हिमांशु गर्ग
पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग का कहना है कि सन्निहित और ब्रह्मसरोवर पर अब पुलिस की निगरानी रहेगी। सरोवर पर जो भी नशेड़ी मिलेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
दरअसल, सन्निहित सरोवर की रविवार सुबह जब अमर उजाला टीम ने पड़ताल की तो स्थिति चौंकाने वाली मिली, जिस तीर्थ पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं, वहां अब नशेड़ी मौत का इंजेक्शन लगा रहे हैं। हालात ये हैं कि सरोवर परिसर में ही नहीं, घाट पर भी इंजेक्शन बरामद हुए। कई जगह देसी और अंग्रेजी शराब की खाली बोतलें दिखाई दीं तो कई जगह नशीली दवाओं के पत्ते। सरोवर पर सफाई कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि वे हर रोज सुबह यहां से इंजेक्शन और शराब की खाली बोतलों को उठाकर कूड़ेदान में डालते हैं। यहां घाट पर सुबह ही नशेड़ियों का जमवाड़ा लग जाता है। यहां न सीसीटीवी कैमरे हैं और न किसी प्रकार की रोक टोक।
विज्ञापन
बता दें कि सन्निहित सरोवर पर शुक्रवार को एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के नजदीक से चार-पांच इंजेक्शन भी बरामद किए थे। पुलिस ने आशंका जताई थी कि उक्त युवक ने नशे की ओवरडोज ली थी, जो मौत का कारण बनी।
विज्ञापन
जहां सुनने वाले नहीं, वहां क्या फरियाद करें : पवन शर्मा
श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के अध्यक्ष पंडित पवन शर्मा का कहना है कि यहां महाभारत के बाद पांडवों ने सभी दिवंगतों की मुक्ति के लिए पिंड दान आदि कार्य किया था। यहां सूर्यग्रहण के दौरान स्नान करने से सौ अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फल मिलता है। इसकी महत्व के चलते देशभर से श्रद्धालु यहां अमावस्या पर स्नान और पिंड दान करने पहुंचते हैं, लेकिन दुखद बात है कि सन्निहित सरोवर तीर्थ नहीं, नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। यहां न कोई सीसीटीवी कैमरा है और न ही पुलिस का ध्यान। इस संदर्भ में वे कई बार जिला पुलिस प्रशासन और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को लिखित में शिकायत भी सौंप चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि जहां सुनने वाले नहीं, वहां अब क्या फरियाद करें।
सुरक्षा का दायित्व पुलिस का, सौंपी थी शिकायत : मानद सचिव
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा का कहना है कि सन्निहित सरोवर और ब्रह्मसरोवर की सुरक्षा का दायित्व पुलिस का है। इसी को जहन में रखते हुए पुलिस पोस्ट भी बनाई गई हैं। दोनों सरोवरों पर चल रहे नशे का कारोबार को लेकर वे कई बार शिकायत कर चुके हैं। पुलिस ने मामला भी दर्ज किया था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। कहा कि वे पुन: पुलिस प्रशासन से बातचीत करेंगे कि नशेड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पुलिस की रहेगी निगरानी, करेगी सख्त कार्रवाई : हिमांशु गर्ग
पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग का कहना है कि सन्निहित और ब्रह्मसरोवर पर अब पुलिस की निगरानी रहेगी। सरोवर पर जो भी नशेड़ी मिलेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।