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Kurukshetra News: प्रदर्शनी में जानी गुरु तेग बहादुर के बलिदान की गाथा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Nov 2025 01:32 AM IST
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The exhibition explores the story of Guru Tegh Bahadur's sacrifice.
कुरुक्षेत्र। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष पर ज्योतिसर में आयोजित  राज्यस्तरीय प
कुरुक्षेत्र। गीता स्थली ज्यातिसर में समागम स्थल के साथ लगाई गई प्रदर्शनी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से प्रदर्शनी के उद्घाटन व अवलोकन के बाद बुधवार को आम लोगों के लिए खोली गई जिसमें सैकड़ों स्कूली बच्चे व अन्य लोग भी पहुंचे।
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श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान, त्याग, तप और बलिदान को चित्रों के जरिये देख उत्साहित नजर आए। गुरुजी के साथ उनके शिष्यों के बलिदान ने भी हर किसी में जोश व उत्साह भर दिया। वहीं औरंगजेब की क्रूरता को देख गुस्से में चेहरा लाल होने लगा। शहादत की विरासत नामक यह राज्य स्तरीय प्रदर्शनी श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष को समर्पित की गई है। इस अद्भुत प्रदर्शनी में श्री गुरु तेग बहादुर जी के बचपन व एकांत वास से लेकर पूरे परिवार की ओर से दिए गए बलिदान को चित्रों व इतिहास के साथ दिखाया गया है। धर्मनगरी में पहली बार ऐसी प्रदर्शनी लगाई गई, जो युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगी। निम्मी सिंह बेदी की ओर से तैयार की गई इस प्रदर्शनी के माध्यम से युवाओं को श्री गुरु तेग बहादुर जी के दिए गए बलिदान को जानने का अवसर भी मिला है। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने भी प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और इस प्रदर्शनी को श्रद्धालुओं और खासकर युवा पीढ़ी के लिए खुला रखने के लिए कहा है। निम्मी सिंह ने बताया कि यह प्रदर्शनी शुक्रवार तक आमजन के लिए खुली रहेगी। इसमें श्री गुरु तेग बहादुर जी के त्याग, तप और आत्मज्ञान, श्री गुरु तेग बहादुर जी का एकांतवास, 1635 ई. में करतारपुर की लड़ाई, नैतिक मूल्यों की शिक्षा, शस्त्र विद्या, घुड़सवारी, शास्त्र विद्या, श्री गुरु तेग बहादुर जी के जन्म, चार पोते साहिबजादे, पुत्र श्री गुरु गोबिंद सिंह जी, माता गुजरी, माता नानकी, श्री हर गोबिंद सिंह, माता गंगा, गुरु अर्जुन देव जी के इतिहास के साथ दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में भाई सती दास, भाई मती दास, भाई दयाला के बलिदान को भी दिखाया गया है।
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इस प्रदर्शनी का अवलोकन करने के लिए निजी व सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ-साथ आसपास के गांवों के नागरिक भी पहुंचे। राजकीय स्कूल के शिक्षक हरप्रीत सिंह और गुरतेज सिंह ने कहा कि सरकार के प्रयासों से जिले के ही नहीं प्रदेश के नागरिकों को श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और परिवार के बलिदान के बारे में जानने का अवसर मिला है। करीब 20 मिनट की शॉर्ट फिल्म के जरिये भी गुरु तेग बहादुर जी के जीवन व बलिदान को दिखाया जा रहा है।
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