{"_id":"69ac768556df02b545024e37","slug":"the-day-turned-hot-with-the-maximum-temperature-reaching-32-degrees-kurukshetra-news-c-45-1-kur1008-151216-2026-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: तपने लगा दिन, अधिकतम तापमान 32 डिग्री पहुंचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: तपने लगा दिन, अधिकतम तापमान 32 डिग्री पहुंचा
Sun, 08 Mar 2026 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 08 Mar 2026 12:33 AM IST
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। मौसम में लगातार बदलाव के साथ जिले में गर्मी का असर बढ़ने लगा है। दिन के समय तेज धूप और तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोगों को गर्माहट महसूस होने लगी है। शनिवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. ममता का कहना है कि आने वाले सप्ताह में तापमान बढ़कर 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
दिन के समय धूप तेज होने के कारण लोग अब गर्मी से राहत पाने के लिए पंखों का सहारा लेने लगे हैं। दोपहर और रात के समय घरों में पंखे चलने शुरू हो गए हैं। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार मार्च के महीने में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होना सामान्य है, लेकिन इस बार तापमान में अपेक्षाकृत तेजी से वृद्धि देखी जा रही है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्म चंद ने बताया कि सामान्य से अधिक तापमान गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक हो सकता है। फसल को सुरक्षित रखने के लिए हल्की और नियमित सिंचाई करना जरूरी है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि मार्च महीने में बढ़ते तापमान से बचाव के लिए गेहूं की फसल पर पोटाशियम नाइट्रेट का छिड़काव किया जा सकता है। इसके अलावा तेज हवा चलने के दौरान सिंचाई करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे फसल गिरने का खतरा रहता है।
विज्ञापन
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाए तो गेहूं की फसल में हल्की सिंचाई करना फायदेमंद रहता है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास फव्वारा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, वे दोपहर के समय तापमान बढ़ने पर लगभग 30 मिनट तक फव्वारे से सिंचाई कर सकते हैं, इससे फसल को गर्मी से राहत मिलती है।
विज्ञापन
दिन के समय धूप तेज होने के कारण लोग अब गर्मी से राहत पाने के लिए पंखों का सहारा लेने लगे हैं। दोपहर और रात के समय घरों में पंखे चलने शुरू हो गए हैं। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार मार्च के महीने में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होना सामान्य है, लेकिन इस बार तापमान में अपेक्षाकृत तेजी से वृद्धि देखी जा रही है।
विज्ञापन
कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्म चंद ने बताया कि सामान्य से अधिक तापमान गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक हो सकता है। फसल को सुरक्षित रखने के लिए हल्की और नियमित सिंचाई करना जरूरी है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि मार्च महीने में बढ़ते तापमान से बचाव के लिए गेहूं की फसल पर पोटाशियम नाइट्रेट का छिड़काव किया जा सकता है। इसके अलावा तेज हवा चलने के दौरान सिंचाई करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे फसल गिरने का खतरा रहता है।
विज्ञापन
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाए तो गेहूं की फसल में हल्की सिंचाई करना फायदेमंद रहता है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास फव्वारा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, वे दोपहर के समय तापमान बढ़ने पर लगभग 30 मिनट तक फव्वारे से सिंचाई कर सकते हैं, इससे फसल को गर्मी से राहत मिलती है।