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Kurukshetra News: दंपती ने कई दिनों की सावधानीपूर्वक तैयारी के बाद दी जान, सुसाइड नोट में छिपी पीड़ा
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कुरुक्षेत्र। इसी घर के ऊपर के कमरे में पति-पत्नी व बच्ची के लटके मिले हैं शव। संवाद
कुरुक्षेत्र। प्रेम नगर के एक घर में जहां कभी हंसी की गूंज होती थी, वहां अब सन्नाटा छा गया है। बेटी का तीसरा जन्मदिन मनाने की जगह, बेटी के साथ माता-पिता ने फंदा लगा जीवन लीला ही समाप्त कर ली। दंपती कई दिनों से इस कदम की तैयारी में थे लेकिन दोनों ने इसकी भनक परिवार और पड़ोसियों तक को नहीं लगने दी।
जानकारी के अनुसार जतिंद्र कुमार और उनकी पत्नी युकता पिछले कई दिनों से आत्महत्या का पूरा प्लान तैयार कर रहे थे। हाल ही में वे राजस्थान के जयपुर व अन्य जगहों के टूर से लौटकर घर आए थे। वे बेटी की लंबी बीमारी से लगातार परेशान थे।
सुसाइड नोट को देखकर पुलिस अंदाजा लगा रही है कि वे दो दिनों से सुसाइड नोट लिख रहे थे। क्याेंकि इसमें दोनों की लिखाई है और अलग-अलग टाइम में अलग-अलग पेज लिखा हुआ है। इन नोट में उन्होंने अपनी पीड़ा, बेटी की बीमारी से उपजी हताशा और परिवार के प्रति अपना प्रेम व आखिर में माफी लिखी हुई है। सुसाइड नोट में उन्होंने साफ लिखा कि बेटी की बीमारी ठीक नहीं हो सकती। इससे वह दोनों बहुत हताश है। न ही इसका कोई उपचार है।
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परिजनों ने कहा कि हम कभी नहीं सोच सकते थे कि वे इतना कुछ छिपा रहे होंगे। पड़ोसियों ने बताया कि दंपती के चेहरे पर कभी किसी प्रकार का कोई ऐसा भाव नहीं देखा जिससे यह लगे की वह यह कदम उठा सकते हैं। पड़ोसियों ने बताया कि वह हाल ही में अपनी नई थार से राजस्थान पर टूर पर गए थे और लौटकर वे मुस्कुराते हुए मिलते थे। मानो सब कुछ ठीक हो।
महिला ने आखिर में लगाया फंदा
पोस्टमार्टम करने वाले फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. नरेश सैनी ने बताया कि महिला ने आखिर में फंदा लगाया। क्याेंकि बच्ची व उसके पिता के शव के मुकाबले महिला का शरीर कम अकड़ा हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि फांसी लगाने के समय बच्ची नींद में थी और इसी दौरान उसे फंदे पर लटकाया गया था। इसके बाद दोनों ने फंदा लगा लिया। तीनों की मौत फंदा लगने के कारण ही हुई है।
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जानकारी के अनुसार जतिंद्र कुमार और उनकी पत्नी युकता पिछले कई दिनों से आत्महत्या का पूरा प्लान तैयार कर रहे थे। हाल ही में वे राजस्थान के जयपुर व अन्य जगहों के टूर से लौटकर घर आए थे। वे बेटी की लंबी बीमारी से लगातार परेशान थे।
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सुसाइड नोट को देखकर पुलिस अंदाजा लगा रही है कि वे दो दिनों से सुसाइड नोट लिख रहे थे। क्याेंकि इसमें दोनों की लिखाई है और अलग-अलग टाइम में अलग-अलग पेज लिखा हुआ है। इन नोट में उन्होंने अपनी पीड़ा, बेटी की बीमारी से उपजी हताशा और परिवार के प्रति अपना प्रेम व आखिर में माफी लिखी हुई है। सुसाइड नोट में उन्होंने साफ लिखा कि बेटी की बीमारी ठीक नहीं हो सकती। इससे वह दोनों बहुत हताश है। न ही इसका कोई उपचार है।
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परिजनों ने कहा कि हम कभी नहीं सोच सकते थे कि वे इतना कुछ छिपा रहे होंगे। पड़ोसियों ने बताया कि दंपती के चेहरे पर कभी किसी प्रकार का कोई ऐसा भाव नहीं देखा जिससे यह लगे की वह यह कदम उठा सकते हैं। पड़ोसियों ने बताया कि वह हाल ही में अपनी नई थार से राजस्थान पर टूर पर गए थे और लौटकर वे मुस्कुराते हुए मिलते थे। मानो सब कुछ ठीक हो।
महिला ने आखिर में लगाया फंदा
पोस्टमार्टम करने वाले फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. नरेश सैनी ने बताया कि महिला ने आखिर में फंदा लगाया। क्याेंकि बच्ची व उसके पिता के शव के मुकाबले महिला का शरीर कम अकड़ा हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि फांसी लगाने के समय बच्ची नींद में थी और इसी दौरान उसे फंदे पर लटकाया गया था। इसके बाद दोनों ने फंदा लगा लिया। तीनों की मौत फंदा लगने के कारण ही हुई है।