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उल्लास कार्यक्रम से देश को मिले एक करोड़ नवसाक्षर : कंवलजीत कौर
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कुरुक्षेत्र। सम्मान समारोह में शिक्षकों को सम्मानित करते जिला परिषद अध्यक्षा कंवलजीत कौर। विज्
- फोटो : स्रोत विभाग।
कुरुक्षेत्र। उल्लास नवसाक्षर भारत कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को पंचायत भवन में जिला स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उल्लास कार्यक्रम में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 100 से अधिक प्राचार्य, शिक्षक आदि हितधारकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला परिषद की अध्यक्ष कंवलजीत कौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
उन्होंने कहा कि पूर्ण साक्षरता प्राप्त करना हमारे विकसित भारत के दृष्टिकोण के लिए महत्वपूर्ण है, और उल्लास कार्यक्रम इस दिशा में एक अभूतपूर्व प्रयास है। भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश में उल्लास के तहत एक करोड़ से अधिक लोग नवसाक्षर हुए हैं, जिनको बकायदा प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। हमारे समाज में प्रत्येक व्यक्ति के उत्थान की सामूहिक जिम्मेदारी, कर्तव्य की यह भावना ही उल्लास को अलग बनाती है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही देश 100 प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा और मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के चलते कुरुक्षेत्र जिला सबसे पहले यह लक्ष्य पूरा करेगा।
उन्होंने आह्वान किया कि आइए इस आंदोलन के लिए एक नारे के रूप में जन जन साक्षर हर व्यक्ति के लिए साक्षरता को अपनाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक और प्रासंगिक बनाना भी महत्वपूर्ण है। शिक्षण विधियों को शिक्षार्थियों की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए, जिसमें खेल, लोक भाषा और दैनिक कार्य-संबंधी गतिविधियां शामिल होनी चाहिए। हम सब मिलकर इस नेक काम के लिए प्रतिबद्ध हों और ज्ञान और विकास के माध्यम से अपने देश को बदलें।
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जिला परिषद उपाध्यक्ष डीपी चौधरी ने कहा कि शिक्षा जिला परिषद की प्राथमिकता में शामिल है। परिषद की ओर से अनेक स्कूलों को कम्प्यूटर, प्रिंटर, साउंड सिस्टम आदि मुहैया करवाए गए हैं। सभी स्कूल अपनी-अपनी जरूरतों के अनुसार डिमांड भेजें, उन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम उन लोगों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया है, जिन्होंने उल्लास कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वहीं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा कि विद्यालयों में प्रवेश उत्सव कार्यक्रम चल रहा है और दाखिल बढ़ाने के लिए अध्यापक घर घर जाकर प्रयास करें।
इस अवसर पर डीपीसी संतोष चौहान, डिप्टी डीईओ इंदु कौशिक, बीईओ रामराज, विजेंद्र, ज्ञानचंद, कमल बत्रा आदि उपस्थित रहे। जिला उल्लास कोऑर्डिनेटर संजय कौशिक ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की जबकि मंच संचालन अमित मलिक व अमित कौशिक ने किया।
इस वर्ष 34 हजार 500 का लक्ष्य
जिला उल्लास कोऑर्डिनेटर संजय कौशिक ने बताया कि इस वर्ष जिले के लिए 34 हजार निरक्षरों की पहचान कर पंजीकृत व शिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। थानेसर खंड के लिए 11400, पिहोवा व शाहाबाद के लिए 7900-7900, लाडवा व बाबैन के लिए 5200 का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष 26125 लोगों की पहचान व पंजीकरण किया गया था जबकि परीक्षा में 19332 लोग शामिल हुए थे।
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उन्होंने कहा कि पूर्ण साक्षरता प्राप्त करना हमारे विकसित भारत के दृष्टिकोण के लिए महत्वपूर्ण है, और उल्लास कार्यक्रम इस दिशा में एक अभूतपूर्व प्रयास है। भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश में उल्लास के तहत एक करोड़ से अधिक लोग नवसाक्षर हुए हैं, जिनको बकायदा प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। हमारे समाज में प्रत्येक व्यक्ति के उत्थान की सामूहिक जिम्मेदारी, कर्तव्य की यह भावना ही उल्लास को अलग बनाती है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही देश 100 प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा और मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के चलते कुरुक्षेत्र जिला सबसे पहले यह लक्ष्य पूरा करेगा।
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उन्होंने आह्वान किया कि आइए इस आंदोलन के लिए एक नारे के रूप में जन जन साक्षर हर व्यक्ति के लिए साक्षरता को अपनाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक और प्रासंगिक बनाना भी महत्वपूर्ण है। शिक्षण विधियों को शिक्षार्थियों की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए, जिसमें खेल, लोक भाषा और दैनिक कार्य-संबंधी गतिविधियां शामिल होनी चाहिए। हम सब मिलकर इस नेक काम के लिए प्रतिबद्ध हों और ज्ञान और विकास के माध्यम से अपने देश को बदलें।
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जिला परिषद उपाध्यक्ष डीपी चौधरी ने कहा कि शिक्षा जिला परिषद की प्राथमिकता में शामिल है। परिषद की ओर से अनेक स्कूलों को कम्प्यूटर, प्रिंटर, साउंड सिस्टम आदि मुहैया करवाए गए हैं। सभी स्कूल अपनी-अपनी जरूरतों के अनुसार डिमांड भेजें, उन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम उन लोगों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया है, जिन्होंने उल्लास कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वहीं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा कि विद्यालयों में प्रवेश उत्सव कार्यक्रम चल रहा है और दाखिल बढ़ाने के लिए अध्यापक घर घर जाकर प्रयास करें।
इस अवसर पर डीपीसी संतोष चौहान, डिप्टी डीईओ इंदु कौशिक, बीईओ रामराज, विजेंद्र, ज्ञानचंद, कमल बत्रा आदि उपस्थित रहे। जिला उल्लास कोऑर्डिनेटर संजय कौशिक ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की जबकि मंच संचालन अमित मलिक व अमित कौशिक ने किया।
इस वर्ष 34 हजार 500 का लक्ष्य
जिला उल्लास कोऑर्डिनेटर संजय कौशिक ने बताया कि इस वर्ष जिले के लिए 34 हजार निरक्षरों की पहचान कर पंजीकृत व शिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। थानेसर खंड के लिए 11400, पिहोवा व शाहाबाद के लिए 7900-7900, लाडवा व बाबैन के लिए 5200 का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष 26125 लोगों की पहचान व पंजीकरण किया गया था जबकि परीक्षा में 19332 लोग शामिल हुए थे।