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Kurukshetra News: आईएमटी के लिए प्रस्तावित क्षेत्र में है बाढ़ का खतरा
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। शहर के ग्रामीण क्षेत्र में सरकार इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) बनाने जा रही है। इसके लिए दो हजार एकड़ जमीन उपयुक्त की गई है। जमीन के लिए जमीदाराें के आवेदन भी आ गए हैं। लेकिन जिस क्षेत्र में आईएमटी बनाई जा रही है वहां बाढ़ का खतरा है। इससे अब आईएमटी की स्थापना पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।
निचला इलाका होने के कारण यहां बाढ़ का खतरा हमेशा बना रहेगा। जिस प्रकार से अंबाला कैंट में इंडस्ट्रियल एरिया बनाया गया लेकिन यहां पर पानी की निकासी का प्रबंध ही नहीं था।
इस वजह से दो बार से प्राकृतिक आपदाओं के कारण यहां मौजूद 130 फैक्टरियों में नुकसान हो रहा है। अब यहां कोई आने को तैयार नहीं है। यही हाल कहीं आईएमटी अंबाला सिटी का न हो जाए इस पर कारोबारियों की चिंता बढ़ रही है। 1400 एकड़ के लिए आए हैं आवेदन : आईएमटी अंबाला सिटी बनाने के लिए सरकार को दो हजार एकड़ जमीन चाहिए थी। इसके लिए खैरा, नग्गल और नड़ियाली के गांवों को आईएमटी के लिए चिह्नित किया गया था। यह वही क्षेत्र हैं जहां इस बार बाढ़ जैसे हालात बने। ई-भूमि पोर्टल पर इन गांवों से किसानों ने करीब 1400 एकड़ जमीन के लिए आवेदन कर दिए हैं। अब यहां एचएसआईआईडीसी के लिए भी चुनौती होगी कि अगर आईएमटी बनाएं तो भविष्य में आई आपदाओं से कारोबार को कैसे बचाएंगे। नारायणगढ़ में आईएमटी बनाने के लिए तीन हजार एकड़ जमीन की तलाश की जा रही थी। इसमें अभी लगभग 2500 एकड़ के लिए किसानों ने आवेदन कर दिया है।
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अंबाला। शहर के ग्रामीण क्षेत्र में सरकार इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) बनाने जा रही है। इसके लिए दो हजार एकड़ जमीन उपयुक्त की गई है। जमीन के लिए जमीदाराें के आवेदन भी आ गए हैं। लेकिन जिस क्षेत्र में आईएमटी बनाई जा रही है वहां बाढ़ का खतरा है। इससे अब आईएमटी की स्थापना पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।
निचला इलाका होने के कारण यहां बाढ़ का खतरा हमेशा बना रहेगा। जिस प्रकार से अंबाला कैंट में इंडस्ट्रियल एरिया बनाया गया लेकिन यहां पर पानी की निकासी का प्रबंध ही नहीं था।
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इस वजह से दो बार से प्राकृतिक आपदाओं के कारण यहां मौजूद 130 फैक्टरियों में नुकसान हो रहा है। अब यहां कोई आने को तैयार नहीं है। यही हाल कहीं आईएमटी अंबाला सिटी का न हो जाए इस पर कारोबारियों की चिंता बढ़ रही है। 1400 एकड़ के लिए आए हैं आवेदन : आईएमटी अंबाला सिटी बनाने के लिए सरकार को दो हजार एकड़ जमीन चाहिए थी। इसके लिए खैरा, नग्गल और नड़ियाली के गांवों को आईएमटी के लिए चिह्नित किया गया था। यह वही क्षेत्र हैं जहां इस बार बाढ़ जैसे हालात बने। ई-भूमि पोर्टल पर इन गांवों से किसानों ने करीब 1400 एकड़ जमीन के लिए आवेदन कर दिए हैं। अब यहां एचएसआईआईडीसी के लिए भी चुनौती होगी कि अगर आईएमटी बनाएं तो भविष्य में आई आपदाओं से कारोबार को कैसे बचाएंगे। नारायणगढ़ में आईएमटी बनाने के लिए तीन हजार एकड़ जमीन की तलाश की जा रही थी। इसमें अभी लगभग 2500 एकड़ के लिए किसानों ने आवेदन कर दिया है।
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