फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   The Agriculture Minister inaugurated 15 'Amrit Sarovars' constructed at a cost of crores of rupees.

Kurukshetra News: कृषि मंत्री ने करोड़ों रुपये से बनाए गए 15 अमृत सरोवरों का किया लोकार्पण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 01:49 AM IST
विज्ञापन
The Agriculture Minister inaugurated 15 'Amrit Sarovars' constructed at a cost of crores of rupees.
कुरुक्षेत्र। जिला में प्रदेश सरकार के 15 अमृत सरोवरों का बुधवार को लोकार्पण किया गया। प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने इनका उद्घाटन किया। इन सरोवरों को 6 करोड़ 18 लाख 33 हजार रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इनका निर्माण कई माह पहले ही पूरा हो चुका था। लोकार्पण के इंतजार में कई सरोवर बदहाल होने लगे थे। सरकार की योजना के तहत पिहोवा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक आठ सरोवर बने हैं। थानेसर विधानसभा क्षेत्र में दो अमृत सरोवर शामिल हैं। लाडवा में तीन और शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र में एक सरोवर बनाया गया है। इन सरोवरों से गांवों की सुंदरता बढ़ने और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन



बेहतर रहे रखरखाव तो ही फायदा : सुल्तान
दयालपुर गांव के पूर्व सरपंच सुल्तान सिंह का कहना है कि सरकार ने अमृत सरोवर बनवाकर गांव के सुंदरीकरण में चार-चांद लगाए हैं लेकिन इन सरोवरों का बेहतर रखरखाव भी जरूरी है, इनके आसपास अवैध कब्जे भी न होने पाएं, इनमें निर्मल पानी रहे, इसके लिए व्यवस्था की जाए।
विज्ञापन



इन गांवों में बनाए गए अमृत सरोवर
गांवों में 6 करोड़ 18 लाख 33 हजार रुपये से अमृत सरोवर तैयार किए गए हैं। इनमें गांव अजराना खुर्द, नखरोजपुर, गंगहेड़ी, नैंसी, अरनैचा, बाखली, बीबीपुर कलां, धीरपुर, गोबिंद माजरा, शादीपुर लाडवा, धनौरी, दयालपुर और दुधला में एक-एक व सलपानी कलां के दो तालाब शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



कोलापुर गांव में तैयार किया हुआ है लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट : धूमन
सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमिच ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के तालाबों को जीवंत रखने के लिए अभियान चलाया है। सरस्वती बोर्ड के माध्यम से भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए सरस्वती नदी के किनारे तालाबों में बरसाती पानी को इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोलापुर गांव में लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट तैयार किया हुआ है। गांवों का वेस्ट पानी तीन चरणों से होते हुए तालाब में जाता है, जिसको आगे सरस्वती में डाला जा रहा है। दूसरे गांवों में भी एलडब्ल्यूएम को लागू करने की जरूरत है। अब सरस्वती का विस्तार गांव पोलड़ से राजस्थान तक किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed