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Kurukshetra News: छात्रों से हॉस्टल खाली कराते समय प्रशासन ने बनाई वीडियो
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कुरुक्षेत्र। एनआईटी के छात्र घर लौटते हुए। संवाद
कुरुक्षेत्र। एनआईटी कुरुक्षेत्र में विद्यार्थी पाठ्यक्रम की परीक्षाओं से पहले तनाव की परीक्षा दे रहे हैं। एनआईटी प्रशासन ने बीटेक परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी है। शेड्यूल के अनुसार बीटेक अंतिम वर्ष (आठवें सेमेस्टर) की परीक्षाएं 18 मई से शुरू होकर 26 मई तक होंगी। वहीं छात्रों की आत्महत्या के मामले में संस्थान सभी छात्रों से हॉस्टल खाली कराने पर अड़ा है। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल खाली कराते समय प्रशासन की ओर से छात्रों की वीडियो भी बनाई गई जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी छात्र हॉस्टल में न रहे।
ऐसे में छात्र-छात्राएं दोराहे में फंसे हैं जिनके सामने वर्तमान में बने हालात चुनौती बन गए हैं। एनआईटी प्रशासन ने 18 अप्रैल को सभी हॉस्टल खाली करने के निर्देश जारी कर दिए थे। हालांकि अनेक छात्र अगले ही दिन से हॉस्टल छोड़ने लगे थे लेकिन केरल, तेलंगाना और बिहार सहित दूर दराज के अन्य राज्यों के छात्रों ने इन्कार भी कर दिया था। उन्होंने प्रशासन से मिलकर कहा है कि परीक्षा की डेटशीट जारी हो चुकी है और ऐसे में उनकी अधिकतर छुट्टियां सफर व व्यवस्था बदलने में ही बीत जाएंगी। इसका उनकी पढ़ाई व परीक्षा पर विपरीत असर पड़ेगा। उन्हें हॉस्टल में रहने दिया जाए, ताकि आने-जाने में समय न लगे और वे परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकें। हालांकि इस बात से एनआईटी प्रशासन ने इन्कार कर दिया। इसके साथ ही हॉस्टल खाली करवाते समय छात्रों की वीडियो भी बनाई गई।
वर्तमान में एनआईटी परिसर में करीब 5400 में से करीब 120 छात्र ही बचे हैं। इनमें एमटेक और विदेशी छात्र शामिल हैं। वहीं कुछ छात्रों ने मजबूरी में बाहर शहर में रहने की व्यवस्था की है जबकि संस्थान का स्पष्ट कहना है कि सभी को हॉस्टल खाली करना होगा।
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छात्रों का कहना है कि उन्हें हॉस्टल से निकाला जा रहा है। ऐसे में वे अपने घर जाने के बजाय किराये का भुगतान कर बाहर कमरा लेकर रह रहे हैं, ताकि पढ़ाई का समय बचाया जा सके। छात्रों का कहना है कि यदि एनआईटी प्रशासन इस संबंध में कोई विशेष व्यवस्था करता, तो उनकी समस्या का समाधान हो सकता था।
दो दिन में हो सकते हैं कई और बड़े बदलाव
जांच टीम के जाने के बाद आने वाले एक से दो दिनों में एनआईटी में कई पदों पर बदलाव की संभावना है। वहीं जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) का पद भी कई दिनों से खाली है, जिस पर जल्द नियुक्ति होने की संभावना है और इसकी सूची शीघ्र जारी की जा सकती है।
एनआईटी पीआरओ का कार्यभार संभाल रहे प्रो. ज्ञान भूषण ने कहा कि संस्थान में बने वर्तमान हालात के कारण ही छुट्टियां की हुई हैं। इसलिए हॉस्टल खाली करने को कहा गया है। किसी छात्र की कोई विशेष समस्या है तो उसके लिए भी संस्थान प्रबंध करने के लिए तैयार है। वर्तमान में अधिकतर छात्र-छात्राएं जा चुके हैं।
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ऐसे में छात्र-छात्राएं दोराहे में फंसे हैं जिनके सामने वर्तमान में बने हालात चुनौती बन गए हैं। एनआईटी प्रशासन ने 18 अप्रैल को सभी हॉस्टल खाली करने के निर्देश जारी कर दिए थे। हालांकि अनेक छात्र अगले ही दिन से हॉस्टल छोड़ने लगे थे लेकिन केरल, तेलंगाना और बिहार सहित दूर दराज के अन्य राज्यों के छात्रों ने इन्कार भी कर दिया था। उन्होंने प्रशासन से मिलकर कहा है कि परीक्षा की डेटशीट जारी हो चुकी है और ऐसे में उनकी अधिकतर छुट्टियां सफर व व्यवस्था बदलने में ही बीत जाएंगी। इसका उनकी पढ़ाई व परीक्षा पर विपरीत असर पड़ेगा। उन्हें हॉस्टल में रहने दिया जाए, ताकि आने-जाने में समय न लगे और वे परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकें। हालांकि इस बात से एनआईटी प्रशासन ने इन्कार कर दिया। इसके साथ ही हॉस्टल खाली करवाते समय छात्रों की वीडियो भी बनाई गई।
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वर्तमान में एनआईटी परिसर में करीब 5400 में से करीब 120 छात्र ही बचे हैं। इनमें एमटेक और विदेशी छात्र शामिल हैं। वहीं कुछ छात्रों ने मजबूरी में बाहर शहर में रहने की व्यवस्था की है जबकि संस्थान का स्पष्ट कहना है कि सभी को हॉस्टल खाली करना होगा।
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छात्रों का कहना है कि उन्हें हॉस्टल से निकाला जा रहा है। ऐसे में वे अपने घर जाने के बजाय किराये का भुगतान कर बाहर कमरा लेकर रह रहे हैं, ताकि पढ़ाई का समय बचाया जा सके। छात्रों का कहना है कि यदि एनआईटी प्रशासन इस संबंध में कोई विशेष व्यवस्था करता, तो उनकी समस्या का समाधान हो सकता था।
दो दिन में हो सकते हैं कई और बड़े बदलाव
जांच टीम के जाने के बाद आने वाले एक से दो दिनों में एनआईटी में कई पदों पर बदलाव की संभावना है। वहीं जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) का पद भी कई दिनों से खाली है, जिस पर जल्द नियुक्ति होने की संभावना है और इसकी सूची शीघ्र जारी की जा सकती है।
एनआईटी पीआरओ का कार्यभार संभाल रहे प्रो. ज्ञान भूषण ने कहा कि संस्थान में बने वर्तमान हालात के कारण ही छुट्टियां की हुई हैं। इसलिए हॉस्टल खाली करने को कहा गया है। किसी छात्र की कोई विशेष समस्या है तो उसके लिए भी संस्थान प्रबंध करने के लिए तैयार है। वर्तमान में अधिकतर छात्र-छात्राएं जा चुके हैं।